Bihar CM House: बिहार की सियासत में सरकारी बंगले इन दिनों चर्चा में बने हुए हैं. इस बीच सीएम हाउस को लेकर भवन निर्माण विभाग की ओर से नया आदेश जारी किया गया है. पांच देशरत्न मार्ग बंगला अब 1 अणे मार्ग स्थित लोक सेवक आवास (सीएम आवास) से अटैच नहीं होगा. भवन निर्माण विभाग ने पहले के आदेश को रद्द करते हुए नया आदेश जारी कर दिया है. इसमें बताया गया है कि वर्तमान में लोक सेवक आवास अब मरम्मति के बाद रहने के लिए उपलब्ध है.
30 अप्रैल को जारी आदेश में क्या कहा गया था?
इससे पहले भवन निर्माण विभाग की तरफ से 30 अप्रैल 2026 को एक आदेश जारी किया गया था. उसमें कहा गया था कि मुख्यमंत्री बिहार के आवास के रूप में आवास संख्या-1 अणे मार्ग (लोकसेवक आवास) निर्धारित है. उसमें मरम्मत कार्य होने तक आवास संख्या-पांच देशरत्न मार्ग पटना को अस्थाई रूप से आवास संख्या-1 अणे मार्ग (लोकसेवक आवास) के विस्तारित अंश के रूप में चिह्नित किया गया था.
भवन निर्माण मंत्री लेशी सिंह ने कहा है कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक नजीर पेश किया है. 5 देशरत्न मार्ग को अस्थाई तौर पर लोक सेवक आवास 1 अणे मार्ग में शामिल किया गया था. उस समय 1 अणे मार्ग में काम चल रहा था. अब फिर से 5 देशरत्न मार्ग को 1 अणे मार्ग लोकसेवक आवास से अलग कर दिया गया है.
राजद नेता को सम्राट सरकार का जवाब
भवन निर्माण विभाग के इस फैसले के बाद क्या अब पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी सरकारी आवास खाली करेंगी या नहीं, यह सवाल है. राजद नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी ने सीएम पर आरोप लगाया था. उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा था, पीएम नरेंद्र मोदी सार्वजनिक जीवन में मर्यादा और सादगी की बात करते हैं, लेकिन बिहार में अलग तस्वीर दिखाई दे रही है.
उन्होंने कहा था, पहले कई मुख्यमंत्री एक अणे मार्ग स्थित सरकारी आवास में रहे, लेकिन अब मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने आवास का दायरा काफी बढ़ा लिया है. उन्होंने दावा किया था, मुख्यमंत्री आवास का क्षेत्रफल पहले से काफी बड़ा हो गया है और उपमुख्यमंत्री के आवास को भी इसमें शामिल कर लिया गया है. मुख्यमंत्री का आवास अब करीब 15 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैल चुका है.
बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को सरकारी बंगला खाली करने का नोटिस मिला था. लेकिन उन्होंने आवास खाली करने से इनकार कर दिया था. विपक्ष के अन्य नेताओं ने कई आरोप सरकार पर लगाए थे. ऐसे में अब माना जा रहा है कि अब्दुल बारी सिद्दीकी की ओर से लगाए गए आरोप का सम्राट सरकार ने करारा जवाब दिया है.
