राजधानी पटना में चल रहा था हथियार का फर्जी लाइसेंस सहित कई प्रमाणपत्र बनाने का खेल, पुलिस ने जालसाज को दबोचा

एडमिशन के समय में कई बच्चों के परिजनों को जन्म प्रमाणपत्र बना कर देता था.

पटना. फर्जी हथियार व जन्म, मृत्यु प्रमाणपत्र बनाने वाले जालसाज अरविंद कुमार को पुलिस ने मंगलवार की शाम को जेल भेज दिया. जेल जाने से पहले पुलिस ने आरोपित से घंटों पूछताछ की.

पूछताछ में उसने पुलिस के सामने कई चौंकाने वाले खुलासे किये. अरविंद पिछले तीन साल से जाली प्रमाणपत्र बनाने के धंधे में शामिल था. वह कभी इ-रिक्शा से तो कभी चिह्नित दुकान पर भोले-भाले ग्राहकों को झांसा देकर बुलाता था और जाली प्रमाणपत्र बनाता था.

पुलिस ने आरोपित की सिपारा स्थित दुकान में छापेमारी की. हालांकि उसके अन्य कर्मचारी दुकान बंद कर फरार मिले.

जैसा ग्राहक, वैसा रेट वसूलता था जालसाज

पूछताछ के दौरान अरविंद ने बताया कि एडमिशन के समय में कई बच्चों के परिजनों को जन्म प्रमाणपत्र बना कर देता था. खास कर ग्रामीण इलाकों से शहर में आने वाले लोगों को वह झांसा देकर ठगी करता था.

आरोपित ने बताया कि बंदूक के लाइसेंस के लिए वह मनमाना रेट वसूलता था. जैसा ग्राहक मिलता था, वैसा रेट वसूलता था. तीन साल में 150 से अधिक लोगों के लिए वह जन्म, मृत्यु व हथियार का फर्जी लाइसेंस बना चुका है.

गांधी मैदान थाना प्रभारी रणजीत कुमार वत्स ने बताया कि जेल जाने से पहले आरोपित ने कई अहम सुराग बताये हैं, जिन पर पुलिस ने वर्क करना शुरू कर दिया है.

Posted by Ashish Jha

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