पटना : नौकर के नाम पर जीएसटी नंबर लेकर खोलीं दर्जनों फर्जी कंपनियां, जांच अब भी जारी, कई लोगों की जल्द ही की जा सकती है गिरफ्तारी
पटना : हाल में केंद्रीय जीएसटी विभाग ने बिहार के छपरा, कोलकाता और नयी दिल्ली में एक साथ छापेमारी की. इसमें 800 करोड़ से ज्यादा की जीएसटी चोरी का मामला सामने आया. 10 फरवरी को छापेमारी के बाद से इस मामले की लगातार जांच जारी है. इस रैकेट में शामिल कुछ व्यापारियों की जल्द ही […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
पटना : हाल में केंद्रीय जीएसटी विभाग ने बिहार के छपरा, कोलकाता और नयी दिल्ली में एक साथ छापेमारी की. इसमें 800 करोड़ से ज्यादा की जीएसटी चोरी का मामला सामने आया. 10 फरवरी को छापेमारी के बाद से इस मामले की लगातार जांच जारी है. इस रैकेट में शामिल कुछ व्यापारियों की जल्द ही गिरफ्तारी हो सकती है.
अब तक की जांच में यह पता चला कि तीन शहरों के अलावा इन फर्जी कंपनियों का कारोबार छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, पंजाब, महाराष्ट्र समेत आधा दर्जन से ज्यादा राज्यों में फैला हुआ है. इन शहरों में भी फर्जी नाम व पते पर निजी कंपनियां चलायी जा रही हैं. हकीकत में इन कंपनियों का कोई वजूद नहीं है.
जांच में यह बात सामने आया कि ये कंपनियां कोलकाता में रहने वाले कुछ व्यापारियों ने अपने नौकरों के नाम से खोल रखी है. इन नौकरों के आधार कार्ड और पैन नंबर का उपयोग करके जीएसटी नंबर ले लिया गया और इसके आधार पर निजी कंपनी खोल ली गयी है. इनके नाम से मोबाइल नंबर भी लिया गया है. ताकि, जीएसटी से जुड़ी तमाम सूचनाएं इन तक पहुंचती रहे. बदले में नौकरों को 10 से 12 हजार महीना दिया जाता है.
कोलकाता में है इसका मुख्य सरगना
कोलकाता में मौजूद चार-पांच व्यापारियों का समूह इस पूरे रैकेट का मुख्य सरगना है. इनसे जुड़े अन्य लोगों की पहचान जारी है. इन लोगों ने दर्जनों फर्जी कंपनियां खोल कर करोड़ों रुपये का हेर-फेर किया है.
यह आंकड़ा 800 करोड़ से ज्यादा हो सकता है. एक ही माल को कागज पर कई फर्जी या सेल कंपनियों को बेच कर इसमें करोड़ों की जीएसटी चोरी कर ली गयी है. सभी सेल कंपनियों से पैसे को रूट करके कोलकाता स्थित सेंट्रलाइज मर्चेंट के कई बैंक एकाउंट में पैसे ट्रांसफर किये गये हैं. काफी पैसे कुछ सरगनाओं के एकाउंट में भी ट्रांसफर हुए हैं.