पटना: मुसहर जाति को एसटी का दर्जा मिल सकता है. मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने मंगलवार को इसका संकेत दिया. उन्होंने कहा कि मुसहर समाज के रहन-सहन व रीति रिवाज आदिवासियों से मिलता है.
महादलित आयोग और अनुसूचित जाति आयोग को इसकी पहल करनी चाहिए. मैं भी इस जाति को आदिवासी समाज में शामिल करने की अनुशंसा करूंगा. जरूरत पड़ी, तो इसके लिए केंद्र सरकार से भी बात होगी. उन्होंने इसके लिए बड़ी संख्या में महादलित आयोग और अनुसूचित जाति आयोग में आवेदन करने की अपील की. वह एसके मेमोरियल हॉल में राष्ट्रीय मुसहर भुईयां विकास समिति द्वारा आयोजित अभिनंदन समारोह को संबोधित कर रहे थे. श्री मांझी ने कहा कि एससी-एसटी श्रेणी के बच्चों को छात्रवृत्ति के लिए 75 प्रतिशत की उपस्थिति की अनिवार्यता खत्म कर दी गयी है. एससी-एसटी श्रेणी की लड़कियों को प्रथम श्रेणी से इंटर पास करने पर 25 हजार रुपये देने का प्रावधान है.
अब इसके दायरे उन जातियों की लड़कियां आयेंगी, जिन जातियों में 30 प्रतिशत से कम साक्षरता है. इन जातियों की लड़कियों को द्वितीय श्रेणी से इंटर पास होने पर भी अब 25 हजार रुपये मिलेंगे. सरकारी स्कूलों में अच्छी पढ़ाई नहीं होने पर उन्होंने कहा कि अब प्रावधान किया गया है कि जिस वर्ग के बच्चे कमजोर होंगे, उस वर्ग के शिक्षक पर कार्रवाई होगी. तीन माह में एक बार स्कूलों का निरीक्षण किया जायेगा.
बीपीएल में गलत नाम है, तो बिना हस्ताक्षर का आवेदन मुङो दें : उन्होंने कहा कि बीपीएल सूची में सही लोगों के नाम छूट गये है, तो गलत लोगों के नाम भी जोड़े गये हैं. ऐसे लोगों के बारे में हमें बिना हस्ताक्षर के भी आवेदन करें, हम कार्रवाई करेंगे. झोंपड़ी में रहनेवालों को अनाज उपलब्ध कराने का मैंने निर्देश दिया है.
अन्यथा लोग हमें गाली देंगे.: मांझी ने कहा कि अब तो आपकी सरकार है. महादलित आयोग है. अब आपको विकास करना चाहिए. नशे से दूर रहें. अब तो विकास का मौका है. अब भी विकास नहीं होगा, तो लोग हमें गाली देंगे. विकास मित्रों और टोला सेवकों की मांगों पर विचार किया जायेगा. इसके पूर्व समारोह को रमेश बाबू, प्रफुल्ल मांझी, विश्वनाथ ऋषि, उदय मांझी, अरुण मांझी आदि ने संबोधित किया. अध्यक्षता समिति के राष्ट्रीय संयोजक उमेश मांझी ने की. मुख्यमंत्री ने आदिवासी समाज में शामिल करने के लिए लोगों से कहा कि वे बड़ी संख्या में महादलित आयोग और अनुसूचित जाति आयोग में आवेदन करें. उन्होंने कहा कि आदिवासी में मृत्यु के बाद शव को नदी में प्रवाह कर दिया जाता है. वे भी अपने दादाजी को मृत्यु के बाद पानी में प्रवाह किये थे.
मुख्यमंत्री मांझी ने कहा कि जिस कौम में स्वाभिमान जग जाये, उसे कोई पीछे नहीं छोड़ सकता. उन्होंने कहा कि अभिनंदन समारोह आयोजित करने के पीछे रहस्य छुपी होती है. इससे अभिनंदन करनेवालों का सोच सामने आता है. समारोह में विद्यानंद विकल, तूफानी राम, बबन रावत आदि थे.
उन्होंने नीतीश कुमार के प्रति आभार व्यक्त किया कि उन्होंने हमलोगों की परिकल्पना को मूर्त रूप देने का काम किया. उन्होंने कहा कि अब तीन डिसमिल जमीन के लिए 20 हजार रुपये देने की व्यवस्था खत्म कर दी गयी है. अब दलितों को जिस भी कीमत पर जमीन मिले, उन्हें तीन डिसमिल जमीन दी जायेगी. उन्होंने टोला सेवकों और विकास मित्रों से कहा कि जब वे गया गये, तो बड़ी संख्या में महादलित परिवार की महिलाओं ने बीपीएल सूची में नाम शामिल नहीं होने, बच्चों की छात्रवृत्ति नहीं मिलने सहित विभिन्न प्रकार की शिकायत कर रहे थे. यह काम तो विकास मित्रों की है.
..तो आज नहीं होते सीएम
मुख्यमंत्री श्री मांझी ने कहा कि राज्यसभा उपचुनाव में यदि पार्टी उम्मीदवारों की हार होती, तो आज मैं मुख्यमंत्री नहीं रहता. राज्यसभा उपचुनाव में नीतीश कुमार ने वैसे लोगों से भी बात की, जिनसे बात करना सम्मानजनक नहीं था. मुङो पद पर बनाये रखने के लिए उन्होंने सबसे संपर्क किया. उन्होंने कहा कि जब नीतीश कुमार मुङो मुख्यमंत्री बना रहे थे, तो कहा था कि वह चट्टान की तरह उनके साथ रहेंगे. जदयू को मिला 18 प्रतिशत वोट का तीसरा हिस्सा आपका है. मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार के चुनाव में अगड़ा और पिछड़ा वोट बंट गया. जिस अति पिछड़े के विकास के लिए नीतीश कुमार ने इतना काम किया, वह भी वोट नहीं मिल सका.
