पीएमसीएच में मिला जेइ मरीज

पटना: पीएमसीएच में भरती एक बच्ची की जांच रिपोर्ट में जैपनीज इंसेफ्लाइटिस (जेइ) पॉजिटिव मिला है. इससे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है. माइक्रोबायोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ विजय कुमार ने बताया कि मंगलवार को जांच के लिए सात सैंपल लगाये गये थे. इनमें से बिक्रम की रहनेवाली एक बच्ची की रिपोर्ट में जेइ […]

पटना: पीएमसीएच में भरती एक बच्ची की जांच रिपोर्ट में जैपनीज इंसेफ्लाइटिस (जेइ) पॉजिटिव मिला है. इससे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है. माइक्रोबायोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ विजय कुमार ने बताया कि मंगलवार को जांच के लिए सात सैंपल लगाये गये थे.

इनमें से बिक्रम की रहनेवाली एक बच्ची की रिपोर्ट में जेइ पॉजिटिव आया है. यह सात वर्षीय बच्ची अस्पताल के शिशु वार्ड में भरती है, जहां उसका इलाज चल रहा है.

इस साल बिहार में जेइ का यह पहला केस मिला है. मामूल हो कि पिछले साल अप्रैल में प्रभावित जिलों में जेइ का टीकाकरण अभियान चला गया था. इस साल 22-23 जून को मुजफ्फरपुर व उसके आसपास के जिलों में जेइ के टीकाकरण का विशेष अभियान चलाया गया था.

दिमागी बुखार के लक्षण

– तेज बुखार

– चमकी या पूरे शरीर या किसी खास अंग में ऐठन

– बच्चे का सुस्त होना या बेहोश होना

– चुट्टी काटने पर शरीर में कोई हरकत नहीं होना

(इन लक्षणों में से कोई भी हो तो तुरंत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सदर अस्पताल, मेडिकल कॉलेज एवं अन्य चिह्न्ति अस्पताल में बच्चों को लाएं. )

बचाव के उपाय

– धूप से बचें

– तेज बुखार होने पर पूरे शरीर को ताजे पानी से दो-तीन बार पोछे और आशा, एएनएम से संपर्क करें

– साफ पानी में ओआरएस घोल कर पिलाएं

– बेहोशी, मिरगी की अवस्था में बच्चे को हवादार स्थान पर रखें. मुंह से कुछ भी न दें और नाक बंद न करें.

– सोते समय सदैव मच्छरदानी का प्रयोग करें

– घर के आस-पास गंदा पानी और गंदगी जमा नहीं होने दें

– बागीचे में गिरे झूठे फल न खाएं .

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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