अनंत सिंह काे मिला 15 दिनाें का पैरोल, बेउर जेल से कभी भी हो सकती है रिहाई

बाहुबली नेता अनंत सिंह को पुश्तैनी जायदाद के बंटवारे के लिए 15 दिनों का पैरोल मिला है. वो पांच साल से बेऊर जेल में बंद थे. एके-47 और सरकारी आवास से जैकेट मिलने के मामले में 10-10 साल की सजा हुई थी

बिहार के बाहुबली नेता व मोकामा विधानसभा से विधायक रह चुके अनंत सिंह काे 15 दिनाें का पैरोल मिल गया है. उन्हें जेल से बाहर हाेने और फिर अंदर जाने के लिए 15 दिनाें का पैरोल मिला है. बिहार सरकार के गृह विभाग ने उन्हें पैरोल पर रिहा करने का निर्देश दिया है. अनंत सिंह मुंगेर लोकसभा सीट पर 13 मई को होने वाले मतदान से पहले जेल से बाहर आ रहे हैं. ऐसे में सियासी गलियारों में कई तरह की चर्चा शुरू हो गई है. बताया दें कि मोकामा विधानसभा मुंगेर लोकसभा क्षेत्र के अंदर आता है.

जमीन बंटवारे के लिए मिला पैरोल

मिली जानकारी के अनुसार शनिवार काे ही वे बेऊर जेल से छूट जाते, पर बेलर नहीं मिलने की वजह से नहीं निकल पाये. रविवार काे वे जेल से निकल जायेंगे. हार्डिंग राेड स्थित सरकारी आवास में सुबह से ही उनके समर्थकाें की भीड़ जुटने लगी थी. पिछले एक सप्ताह से उन्हें पेराेल मिलने की चर्चा चल रही थी. यह पैरोल उन्हें पुश्तैनी घर, जमीन व जायदाद के बंटवारे के लिए दिया गया है. वहीं इसके अलावा आने-जाने के लिए छह घंटे अलग से दिये गये हैं.

5 साल से जेल में बंद हैं अनंत सिंह

2019 से वे बेऊर जेल में हैं. पांच साल पहले उनके पुश्तैनी मकान से एके-47 समेत कई प्रतिबंधित सामान मिले थे. इसी मामले में बाढ़ की तत्कालीन एएसपी लिपि सिंह ने उन्हें दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया था. इस मामले में बाढ़ थाना में उनपर केस (कांड सं. 389/19) दर्ज है. इस केस में उन्हें 10 साल की सजा हुई है. इसके अलावा 2015 में सचिवालय थाना इलाके में स्थित उनके आवास से प्रतिबंधित जैकेट मिला था. इसकाे लेकर सचिवालय थाना में उनपर केस (कांड सं. 54/15) दर्ज है. इस केस में भी उन्हें 10 साल की सजा हुई है. अनंत सिंह 13 केस में बेल पर हैं.

दस साल की सजा के बाद गयी थी विधायकी

2020 में राजद की टिकट पर वे एमएलए बने थे. जब उन्हें 10 साल की सजा हुई तो उनकी विधायकी चली गयी. इस घटना के बाद मोकामा में उप चुनाव हुआ, जिसमें अनंत की पत्नी नीलम देवी राजद के टिकट पर चुनाव लड़ी और जीत गयी. अनंत सिंह चार भाइयाें में सबसे छाेटे हैं. उनके तीनाें भाई दिलीप सिंह, बिरैंची सिंह और फाजाे सिंह का निधन हाे चुका है. फाजाे सिंह बाढ़ काेर्ट में वकील थे.

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लेखक के बारे में

By Anand Shekhar

Dedicated digital media journalist with more than 2 years of experience in Bihar. Started journey of journalism from Prabhat Khabar and currently working as Content Writer.

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