एक दिन पहले चोरों ने की थी रेकी

सीवान / गुठनी. गुठनी के केनरा बैंक में हुई करीब 55.35 लाख की चोरी स्थानीय बाजारवासियों के गले नहीं उतर रही है. उनकी मानें तो इस घटना में शामिल चोर बैंक के बारे हर जानकारी से वाकिफ थे. वहीं पुलिस को भी समझ में नहीं आ रहा है कि आखिर कैसे इतनी बड़ी चोरी को […]

सीवान / गुठनी.

गुठनी के केनरा बैंक में हुई करीब 55.35 लाख की चोरी स्थानीय बाजारवासियों के गले नहीं उतर रही है. उनकी मानें तो इस घटना में शामिल चोर बैंक के बारे हर जानकारी से वाकिफ थे. वहीं पुलिस को भी समझ में नहीं आ रहा है कि आखिर कैसे इतनी बड़ी चोरी को वह अंजाम दे सके. मालूम हो कि केनरा बैंक शनिवार को बंद होने के एक दिन पहले यानी शुक्रवार को शाखा प्रबंधक दो दिनों की छुट्टी पर चले गये. वह शनिवार व सोमवार को अवकाश पर थे. इधर सभी कर्मियों के सामने कैश काउंटिंग करने के बाद बैंक शनिवार को बंद कर दिया. जिस तरह चोरों ने चोरी की घटना को अंजाम दिया है. उससे साफ प्रतीत होता है कि चोरों को बैंक के अंदर की हर जानकारी थी. उन्होंने घटना के एक दिन पहले रेकी की थी. बता दें कि सबसे पहले चोर खिड़की के रास्ते में बैंक में प्रवेश किये. उनके साथ घरेलू गैस सिलिंडर व गैस कटर भी था. इन सामान को देख कर आप सहज ही अंदाजा लगा सकते है कि चोरों की संख्या कम-से-कम आधा दर्जन से कम नहीं होगी. इसके बाद चोरों ने लाकर रूम खोलने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं खुला. इसके बाद उन्होंने गैस कटर से काटने का भी प्रयास किया, लेकिन इसमें भी सफलता नहीं मिली. अंत में उन्होंने दरवाजे के ठीक ऊपर लगे एक्जास्ट फैन खोल कर अंदर घुस गये और चोरी की घटना को अंजाम दिया और आराम से फरार हो गये.

चोरों को थी अलार्म की जानकारी ?

केनरा बैंक में हुई 55.35 लाख की चोरी की घटना ने सबको झकझोर कर रख दिया है. लोगों को यह नहीं समझ में आ रहा है कि चोरों कैसे पता था कि लॉकर रूम में वार्निग अलार्म का कनेक्शन लगा है. क्योंकि बैंक में घुसने के बाद चोरों ने अलार्म का कनेक्शन काट दिया था. जिससे बाहर पहरा दे रहे गार्ड को जरा-सी भनक नहीं लग सकी. बाजारवासियों की मानें तो यह बात सोचनीय है, क्योंकि बैंक के अंदर लॉकर रूम एक संवेदनशील जगह है. जहां आम नागरिक तो दूर परिंदा भी पर नहीं मार सकता है. इस जगह केवल बैंक के वरीय अधिकारियों व कर्मियों का ही आना-जाना लगा रहता है. ऐसी स्थिति में इससे इनकार नहीं किया जा सकता है कोई न कोई बैंक का ही सदस्य है, जिसने बैंक की पूरी स्थिति के बारे में पहले से ही अवगत करा दिया था. बहरहाल यह पुलिसिया जांच का विषय है.

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