हिलासा (नालंदा) . बिजली बोर्ड की मनमानी के खिलाफ अनशन पर बैठे दंपती की हालात बिगड़ती जा रही है. इसके बावजूद प्रशासन की ओर से न तो अनशन समाप्त करवाने की पहल की गयी है और न पीड़ित दंपती का इलाज करवाने की. प्रशासन के इस रवैये से लोगों के बीच आक्रोश बढ़ता जा रहा है. विदित हो कि हिलसा नगर पर्षद के गजेंद्र बिगहा गांव निवासी शशिभूषण कुमार ने पत्नी रीता देवी के साथ विगत दो अक्तूबर से स्थानीय योगीपुर मोड़ के पास आमरण अनशन शुरू कर दिया है. विद्युत बोर्ड द्वारा बिजली चोरी के फर्जी मुकदमे में फंसाये जाने के विरोध में उक्त दंपती ने विगत 25 से 28 जुलाई तक आमरण अनशन किया था. उस समय सांसद कौशलेंद्र कुमार एवं एसडीओ अजीत कुमार सिंह द्वारा एक कमेटी गठित करके 20 दिनों में जांच प्रतिवेदन देने का निर्देश दिया गया. जांच प्रतिवेदन में विद्युत बोर्ड के कारगुजारियों को क्लीन चिट दे दिया गया.
आमरण अनशन पर बैठे दंपती की हालत बिगड़ी
हिलासा (नालंदा) . बिजली बोर्ड की मनमानी के खिलाफ अनशन पर बैठे दंपती की हालात बिगड़ती जा रही है. इसके बावजूद प्रशासन की ओर से न तो अनशन समाप्त करवाने की पहल की गयी है और न पीड़ित दंपती का इलाज करवाने की. प्रशासन के इस रवैये से लोगों के बीच आक्रोश बढ़ता जा रहा […]
