Wiaan Mulder 367 Not Out: क्रिकेट में कुछ रिकॉर्ड ऐसे होते हैं, जिन्हें तोड़ना किसी भी बल्लेबाज के लिए सपने जैसा होता है. टेस्ट क्रिकेट में सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर भी ऐसा ही एक रिकॉर्ड है. वेस्टइंडीज के महान बल्लेबाज ब्रायन लारा ने 2004 में इंग्लैंड के खिलाफ नाबाद 400 रन बनाकर इतिहास रच दिया था. 21 साल बाद यह रिकॉर्ड टूटने के बेहद करीब पहुंचा, लेकिन दक्षिण अफ्रीका के वियान मुल्डर ने जानबूझकर इसे नहीं तोड़ा.
जब लारा का रिकॉर्ड तोड़ने के करीब पहुंच गए मुल्डर
साल 2025, जुलाई का महीना. दक्षिण अफ्रीका की टीम जिम्बाब्वे के दौरे पर थी. 6 जुलाई से टेस्ट सीरीज की शुरुआत हुई. दूसरे टेस्ट में दक्षिण अफ्रीका की कप्तानी कर रहे वियान मुल्डर ने नंबर-3 पर उतरकर जिम्बाब्वे के गेंदबाजों की जमकर खबर ली. मुल्डर ने टेस्ट क्रिकेट में वनडे अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए महज 334 गेंदों पर नाबाद 367 रन ठोक दिए. उनकी पारी में 49 चौके और चार छक्के शामिल रहे. उनका स्ट्राइक रेट 109.88 का रहा, जो टेस्ट में तिहरा शतक लगाने वाले बल्लेबाजों के बीच सबसे तेज स्ट्राइक रेट है. पहले दिन का खेल खत्म होने तक मुल्डर 264 रन बनाकर नाबाद थे. अगले दिन उन्होंने महज 297 गेंदों में अपना तिहरा शतक पूरा कर लिया. इसके बाद तो उन्होंने और भी तेजी से रन बनाए. अगले 37 गेंदों में उन्होंने 67 रन ठोक दिए. मुल्डर 367 रन पर नाबाद थे. उनके सामने अब सिर्फ एक ही बड़ा आंकड़ा था—ब्रायन लारा का 400.*
सिर्फ 33 रन दूर थे, लेकिन पारी घोषित कर दी
मुल्डर उस समय लारा के विश्व रिकॉर्ड से केवल 33 रन दूर थे. उनके पास रिकॉर्ड तोड़ने का पूरा मौका था. टीम के पास भी पर्याप्त रन थे और पिच बल्लेबाजी के लिए आसान थी. लेकिन लंच के समय दक्षिण अफ्रीका ने अपनी पारी 626/5 के स्कोर पर घोषित कर दी. मुल्डर 367 रन पर नाबाद पवेलियन लौट गए. यानी जिस रिकॉर्ड को वह कुछ ही देर में अपने नाम कर सकते थे, उसके लिए उन्होंने कोशिश ही नहीं की. यह फैसला इसलिए भी चर्चा में आया क्योंकि मुल्डर उस समय टेस्ट इतिहास में पांचवां सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर बना चुके थे. उनसे आगे सिर्फ महेला जयवर्धने (374), मैथ्यू हेडन (380), ब्रायन लारा (400*) जैसे बल्लेबाज थे.
मुल्डर टेस्ट में तिहरा शतक लगाने वाले सिर्फ 29वें बल्लेबाज और दक्षिण अफ्रीका के दूसरे बल्लेबाज बने. उनसे पहले हाशिम अमला ने 2012 में नाबाद 311 रन बनाए थे. इसके अलावा वह टेस्ट में तिहरा शतक लगाने वाले पहले दक्षिण अफ्रीकी कप्तान भी बने.
आखिर लारा का रिकॉर्ड क्यों नहीं तोड़ा?
यही सवाल सबसे ज्यादा चर्चा में रहा. मुल्डर से पूछा गया कि जब वह सिर्फ 33 रन दूर थे तो उन्होंने लारा का 400* क्यों नहीं तोड़ा?
मुल्डर ने उस समय कहा था कि ब्रायन लारा का रिकॉर्ड उन्हीं के नाम रहना चाहिए. उनके इस फैसले ने क्रिकेट जगत में बहस छेड़ दी. कुछ लोगों ने इसे खेल भावना से जोड़कर देखा तो कुछ ने सवाल उठाया कि जब रिकॉर्ड तोड़ने का इतना बड़ा मौका था तो उसे क्यों छोड़ा गया. मुल्डर का मानना था कि लारा के नाम टेस्ट क्रिकेट का यह ऐतिहासिक रिकॉर्ड बने रहना चाहिए. वह 400 के आंकड़े को सिर्फ एक रिकॉर्ड नहीं, बल्कि क्रिकेट इतिहास की एक खास उपलब्धि के तौर पर देख रहे थे.
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लारा ने बाद में मुल्डर से क्या कहा?
दिलचस्प बात यह है कि बाद में मुल्डर की ब्रायन लारा से बातचीत भी हुई. लारा ने मुल्डर से कहा कि उन्हें अपना रिकॉर्ड तोड़ने के मौके को जाने नहीं देना चाहिए था. मुल्डर ने बाद में सुपरस्पोर्ट से बातचीत में बताया कि लारा ने उनसे कहा था कि वह अपनी विरासत खुद बना रहे हैं और उन्हें 400 से आगे जाना चाहिए था. लारा ने यह भी कहा कि रिकॉर्ड टूटने के लिए ही बनते हैं और अगर मुल्डर दोबारा कभी ऐसी स्थिति में पहुंचें तो उन्हें उनका रिकॉर्ड तोड़ देना चाहिए.
2004 में इंग्लैंड के खिलाफ खेली थी 400 की पारी
ब्रायन लारा ने 2004 में इंग्लैंड के खिलाफ एंटीगा टेस्ट में नाबाद 400 रन बनाए थे. उन्होंने 582 गेंदों का सामना करते हुए करीब 13 घंटे बल्लेबाजी की थी. उनकी इस पारी के दम पर वेस्टइंडीज ने पहली पारी में 751/5 का विशाल स्कोर खड़ा किया था. लारा ने इसी पारी के दौरान टेस्ट क्रिकेट में सबसे बड़े व्यक्तिगत स्कोर का रिकॉर्ड अपने नाम किया था. इससे कुछ महीने पहले ही ऑस्ट्रेलिया के मैथ्यू हेडन ने जिम्बाब्वे के खिलाफ 380 रन बनाकर लारा का पुराना 375 रन का रिकॉर्ड तोड़ा था. लेकिन लारा ने ज्यादा इंतजार नहीं किया और 400* के साथ रिकॉर्ड फिर अपने नाम कर लिया.
