Do Commonwealth Games athletes get prize money? कॉमनवेल्थ गेम्स में खेलने वाले खिलाड़ियों को सिर्फ हिस्सा लेने या मेडल जीतने के लिए आयोजकों की तरफ से कोई पैसे का इनाम नहीं मिलता. यह कई बड़े खेल आयोजनों में सामान्य बात है. खिलाड़ियों की ट्रेनिंग, खर्च और आर्थिक मदद की जिम्मेदारी उनके अपने देश की खेल संस्थाओं की होती है. अगर कोई खिलाड़ी कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड, सिल्वर या ब्रॉन्ज मेडल जीतता है, तो भी उसे कॉमनवेल्थ गेम्स फेडरेशन की ओर से सीधे कोई नकद पुरस्कार नहीं दिया जाता. हालांकि, कई देशों की सरकारें या खेल संस्थाएं अपने खिलाड़ियों को मेडल जीतने पर अलग से इनाम दे सकती हैं.
ओलंपिक में भी नहीं थी प्राइज मनी की परंपरा
बहु-खेल (Multi-Sport) प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों को इनाम के रूप में पैसे देने का चलन लंबे समय तक नहीं रहा है. ओलंपिक खेलों में भी कई वर्षों तक खिलाड़ियों को कोई प्राइज मनी नहीं दी जाती थी. अब कुछ खेलों में इनामी राशि मिलने लगी है, लेकिन इसकी शुरुआत अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) ने नहीं, बल्कि संबंधित खेल महासंघों ने की है. इसके अलावा, कई देश अपने खिलाड़ियों को पदक जीतने पर अलग से नकद पुरस्कार देते हैं. यह पूरी तरह उस देश की नीति और नियमों पर निर्भर करता है.
कॉमनवेल्थ गेम्स में अलग-अलग देशों की अलग व्यवस्था
कॉमनवेल्थ गेम्स में खिलाड़ी अपने देश का प्रतिनिधित्व करते हैं और उनकी तैयारी, प्रशिक्षण तथा प्रतियोगिता खर्च का प्रबंधन राष्ट्रीय या क्षेत्रीय खेल संस्थाएं करती हैं. उदाहरण के लिए, ब्रिटेन के मामले में इंग्लैंड, स्कॉटलैंड, वेल्स और उत्तरी आयरलैंड की खेल संस्थाएं अपने-अपने खिलाड़ियों की सहायता करती हैं. कॉमनवेल्थ गेम्स में ये देश अलग-अलग टीमों के रूप में हिस्सा लेते हैं, जबकि ओलंपिक में ब्रिटिश खिलाड़ी आमतौर पर टीम जीबी (ग्रेट ब्रिटेन और उत्तरी आयरलैंड की ओलंपिक टीम का आधिकारिक ब्रांड नाम) के तहत मुकाबला करते हैं.
खिलाड़ियों को कैसे मिलती है आर्थिक मदद?
कई एथलीटों को प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं के लिए एथलीट सपोर्ट प्रोग्राम के तहत आर्थिक सहायता दी जाती है. यह सहायता खिलाड़ियों की क्षमता, प्रदर्शन और भविष्य में पदक जीतने की संभावनाओं के आधार पर तय की जाती है. स्कॉटलैंड की खेल संस्था स्पोर्ट स्कॉटलैंड के अनुसार, ग्लासगो 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए चुने गए 177 टीम स्कॉटलैंड एथलीटों में से कुछ खिलाड़ियों को स्पोर्ट स्कॉटलैंड एथलीट पर्सनल अवॉर्ड (SAPA) मिला है, जबकि कुछ खिलाड़ी यूके स्पोर्ट के वर्ल्ड क्लास प्रोग्राम के तहत एथलीट पर्सनल अवॉर्ड (APA) प्राप्त कर रहे हैं. कुछ खिलाड़ियों ने SAPA से शुरुआत की और बाद में बेहतर प्रदर्शन के आधार पर यूके स्पोर्ट के वर्ल्ड क्लास प्रोग्राम में जगह बनाई. वहीं, कुछ एथलीट ऐसे भी होते हैं जो अपनी ट्रेनिंग और प्रतियोगिता का खर्च खुद उठाते हैं.
पदक से ज्यादा महत्वपूर्ण है लंबी अवधि का समर्थन
कॉमनवेल्थ गेम्स में भले ही सीधे तौर पर प्राइज मनी नहीं मिलती, लेकिन खिलाड़ियों के लिए सरकारों और खेल संस्थाओं की ओर से मिलने वाली सहायता बेहद महत्वपूर्ण होती है. इसी आर्थिक समर्थन से एथलीट अपनी ट्रेनिंग, कोचिंग, यात्रा और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी कर पाते हैं. इस तरह कॉमनवेल्थ गेम्स में सफलता का लाभ केवल पदक तक सीमित नहीं रहता, बल्कि बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को भविष्य के लिए अधिक सहायता और अवसर भी मिल सकते हैं.
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