Kanhaiya Wadhawan: दिलीप ट्रॉफी 2026 के लिए नॉर्थ जोन टीम की कमान जम्मू-कश्मीर के विकेटकीपर-बल्लेबाज कन्हैया वाधवन को सौंपी गई है. रणजी ट्रॉफी विजेता जम्मू-कश्मीर के छह खिलाड़ियों को टीम में जगह मिली है, जबकि अयुष बदोनी को उपकप्तान बनाया गया है. कन्हैया के लिए यह उपलब्धि किसी सपने के सच होने जैसी है, क्योंकि एक समय ऐसा भी था जब उन्हें लगातार पांच सीजन तक रणजी टीम में जगह नहीं मिली थी.
17 साल की उम्र में किया था फर्स्ट क्लास डेब्यू
सितंबर 2001 में जम्मू में जन्मे कन्हैया वाधवन ने महज 17 साल की उम्र में 2018-19 रणजी ट्रॉफी में असम के खिलाफ फर्स्ट क्लास डेब्यू किया था. हालांकि, अगले ही मैच में उन्हें प्लेइंग इलेवन से बाहर कर दिया गया. इसके बाद वह 2019-20, 2021-22, 2022-23, 2023-24 और 2024-25 रणजी सीजन में जम्मू-कश्मीर की टीम में जगह नहीं बना सके.
दलीप ट्रॉफी से बदली किस्मत
साल 2025 में कन्हैया को दलीप ट्रॉफी के लिए नॉर्थ जोन टीम में मौका मिला. उन्होंने दो मैचों में 99 रन बनाए और एक अर्धशतक भी जड़ा. इसी प्रदर्शन के दम पर उनकी रणजी टीम में वापसी हुई. जिसके बाद उन्होंने रणजी ट्रॉफी में अहम भूमिका निभाई.
रणजी ट्रॉफी जीत में निभाई अहम भूमिका
2025-26 रणजी ट्रॉफी में कन्हैया ने 10 मैचों में 474 रन बनाए. इस दौरान उन्होंने एक शतक और दो अर्धशतक लगाए. कर्नाटक के खिलाफ फाइनल में उनका अर्धशतक और हिमाचल प्रदेश के खिलाफ शतक टीम की खिताबी जीत में अहम साबित हुआ. वह पूरे टूर्नामेंट में जम्मू-कश्मीर के तीसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे. अब तक वह 16 फर्स्ट क्लास मैचों में 883 रन बना चुके हैं, जिसमें एक शतक और छह अर्धशतक शामिल हैं. उनका औसत 40.13 का है. कनहैया ने नवंबर 2025 में सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के दौरान महाराष्ट्र के खिलाफ टी20 डेब्यू किया था. उन्होंने चार मैचों में 77 रन बनाए.
अब कप्तानी की होगी असली परीक्षा
दिलीप ट्रॉफी में कन्हैया वाधवन के सामने कप्तान के तौर पर बड़ी चुनौती होगी. टूर्नामेंट में रजत पाटीदार, ईशान किशन और ऋतुराज गायकवाड़ जैसे अनुभवी कप्तान भी अपनी-अपनी टीमों का नेतृत्व करेंगे. ऐसे में युवा वाधवन की नेतृत्व क्षमता की भी कड़ी परीक्षा होगी.
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