Vinesh Phogat: स्टार ओलिंपियन पहलवान विनेश फोगाट ने एशियन गेम्स ट्रायल्स में अपनी क्लास दिखाते हुए विजयी आगाज किया है. 53 किलोग्राम भार वर्ग के अपने पहले ही मुकाबले में उन्होंने हरियाणा की अपनी प्रतिद्वंद्वी ज्योति सिहाग को 7-1 के बड़े अंतर से धूल चटा दी. मैच की शुरुआत से ही विनेश पूरी तरह आक्रामक नजर आईं. उन्होंने बाउट शुरू होने के कुछ ही सेकेंड के भीतर ज्योति को मैट से बाहर धकेलकर पहला पॉइंट हासिल किया. इसके बाद विनेश ने अपना दबदबा और मजबूत करते हुए बैक-टू-बैक दो शानदार पटकनी दीं और सीधे 6 पॉइंट अपनी झोली में डाल लिए. जूनियर वर्ल्ड कप की गोल्ड मेडलिस्ट रहीं ज्योति विनेश के इस तूफानी खेल के सामने बेबस नजर आईं और मैच के आखिरी पलों में जैसे-तैसे केवल एक सांत्वना पॉइंट ही हासिल कर सकीं.
विनेश बोलीं- ‘अब किसी पर भरोसा नहीं’
विनेश के लिए शनिवार की सुबह आसान नहीं रही. दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम पहुंचने पर एंट्री को लेकर विनेश और उनके पति सोमवीर राठी की सुरक्षाकर्मियों से तीखी बहस हुई. हालांकि, बाद में औपचारिकताएं पूरी होने पर उन्हें अंदर जाने दिया गया. इस घटना के बाद विनेश ने मीडिया से अपना दर्द साझा करते हुए कहा, “अब मुझे किसी पर विश्वास नहीं है, इसलिए मैं अपनी डाइट भी अपने साथ लेकर आई हूं.”
WFI ने दी हरी झंडी
विनेश का यह ट्रायल एक बड़ी कानूनी जीत के बाद मुमकिन हो सका. दरअसल, रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (WFI) ने विनेश का ट्रायल रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट में अर्जी लगाई थी, जिसे जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक आराधे की बेंच ने खारिज कर दिया. इसके बाद WFI ने बयान जारी कर बताया कि विनेश समेत सभी योग्य पहलवान वेट-इन के लिए उपस्थित हुए. जरूरी शर्तें पूरी करने के बाद उन्हें ट्रायल्स में भाग लेने की अनुमति दी गई. दिलचस्प बात यह है कि इसी 53 किलो वेट कैटेगरी में रेलवे की स्टार पहलवान अंतिम पंघाल भी चुनौती पेश कर रही हैं.
वजन-माप के दौरान बड़ा विवाद
शनिवार सुबह जब विनेश फोगाट 53 किलोग्राम वर्ग में हिस्सा लेने के लिए वजन-माप (वेट-इन) कराने पहुंचीं, तो वहां नया बखेड़ा खड़ा हो गया. अधिकारियों ने विनेश को अचानक सूचित किया कि उन्हें केवल 50 किलोग्राम वर्ग में ही प्रतिस्पर्धा करने की अनुमति दी जाएगी. इसके पीछे तर्क दिया गया कि पेरिस ओलंपिक सहित उनकी पिछली चार अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताएं इसी 50kg भार वर्ग में थीं. विनेश ने इस फैसले पर कड़ा विरोध जताया और महासंघ पर सीधा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि उन्हें उनकी पसंद के भार वर्ग (53kg) में उतरने से रोककर उनके साथ जानबूझकर भेदभाव किया जा रहा है. जब विवाद बहुत ज्यादा बढ़ गया, तो रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष संजय सिंह ने खुद इस मामले में दखल दिया. उनके हस्तक्षेप के बाद आखिरकार विनेश को उनके पसंदीदा 53 किलो वर्ग के ट्रायल्स में भाग लेने की अनुमति दे दी गई.
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