Vaibhav Sooryavanshi: सूर्यवंशी के नहीं खेलने पर पूर्व क्रिकेटर के घर में हुआ क्लेश, बोले-‘मेरी बीवी चिल्लाने लगी’

अफगानिस्तान के खिलाफ पहले टी20 में 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग इलेवन में जगह न मिलने पर पूर्व भारतीय क्रिकेटर कृष्णमाचारी श्रीकांत ने नाराजगी जताई है. उन्होंने टीम मैनेजमेंट के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि इससे युवा खिलाड़ी के मन में अनिश्चितता पैदा हो सकती है.

Vaibhav Sooryavanshi: 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने बहुत कम समय में क्रिकेट फैंस के बीच ऐसी पहचान बना ली है कि अब उनके बल्ले को देखने के लिए दर्शकों में अलग ही उत्सुकता रहती है. यही दीवानगी पूर्व भारतीय क्रिकेटर कृष्णमाचारी श्रीकांत के घर तक पहुंच गई है. अफगानिस्तान के खिलाफ पहले टी20 में जब वैभव को प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली, तो श्रीकांत ने मैच देखना तक छोड़ दिया. इतना ही नहीं, उनकी पत्नी ने भी वैभव के नहीं खेलने पर सवाल उठाए.

वैभव नहीं खेले तो श्रीकांत ने शुरू कर दी फिल्म

अफगानिस्तान के खिलाफ पहले टी20 में वैभव के बाहर रहने पर श्रीकांत ने अपने शो में इस पूरे वाकये का जिक्र किया. उन्होंने बताया कि वैभव के नहीं खेलने की वजह से उन्होंने मैच के बजाय फिल्म देखना शुरू कर दिया था.

श्रीकांत ने कहा कि उनकी पत्नी भी इस बात से हैरान थीं कि पिछले मैच में शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी को टीम से बाहर क्यों रखा गया. उनके मुताबिक, वैभव की लोकप्रियता अब सिर्फ क्रिकेट फैंस तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके घर में भी उनकी बल्लेबाजी को लेकर उत्सुकता रहती है.

श्रीकांत बोले- वैभव के साथ गलत हो रहा है

श्रीकांत ने टीम मैनेजमेंट के फैसले पर खुलकर सवाल उठाया. उनका मानना है कि अगर वैभव को मौका देने के बाद एक खराब प्रदर्शन पर बाहर कर दिया गया, तो इससे युवा खिलाड़ी के मन में अनिश्चितता पैदा हो सकती है.

उन्होंने कहा कि वैभव ने दलीप ट्रॉफी, टी20 क्रिकेट, इंडिया-ए और आईपीएल जैसे अलग-अलग स्तरों पर रन बनाए हैं. ऐसे में उन्हें लगातार मौके देकर आगे बढ़ाना चाहिए.
श्रीकांत ने यह भी कहा कि अगर वैभव अगले मुकाबले में खेलते हैं और रन नहीं बना पाते, तो उनके मन में यह सवाल आ सकता है कि क्या उन्हें फिर से टीम से बाहर कर दिया जाएगा. उनके मुताबिक, टीम मैनेजमेंट को युवा खिलाड़ी के साथ सही संदेश देना चाहिए.

पहले टी20 में संजू सैमसन नहीं छोड़ पाए छाप

अफगानिस्तान के खिलाफ पहले टी20 में वैभव को प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली और उनकी जगह बल्लेबाजी क्रम में संजू सैमसन को मौका मिला. हालांकि, संजू इस मौके का फायदा नहीं उठा सके और 10 रन बनाकर आउट हो गए.

दूसरी ओर, अभिषेक शर्मा और ईशान किशन ने शानदार बल्लेबाजी की और भारत ने मुकाबला आसानी से अपने नाम कर लिया. यानी टीम के नतीजे के लिहाज से फैसला सफल रहा, लेकिन वैभव को लेकर बहस जरूर तेज हो गई.

अब दूसरे टी20 में सबसे बड़ा सवाल- वैभव खेलेंगे या नहीं?

भारत और अफगानिस्तान के बीच दूसरा टी20 15 सितंबर को दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेला जाना है. भारत सीरीज में 1-0 से आगे है और उसके पास सीरीज अपने नाम करने का मौका है.

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या टीम मैनेजमेंट 15 साल के वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग इलेवन में शामिल करेगा, या संजू सैमसन को एक और मौका दिया जाएगा? वैभव के लिए यह सिर्फ एक मैच नहीं होगा. अगर उन्हें मौका मिलता है, तो उनकी नजर एक और बड़ी अंतरराष्ट्रीय पारी पर होगी. वहीं टीम मैनेजमेंट के लिए युवा प्रतिभा को मौका देने और मौजूदा कॉम्बिनेशन को बनाए रखने के बीच संतुलन बनाना चुनौती होगी.

ये भी पढ़ें: IND vs AFG 2nd T20: सीरीज जीतने उतरेगी टीम इंडिया, जानें कब और कहां देखें मैच का लाइव टेलीकास्ट

वैभव को लेकर क्यों बढ़ी है चर्चा?

  • उम्र सिर्फ 15 साल.
  • IPL में शानदार प्रदर्शन के बाद अंतरराष्ट्रीय टीम में जगह.
  • अलग-अलग स्तर के क्रिकेट में लगातार रन.
  • पहले टी20 में प्लेइंग इलेवन से बाहर.
  • श्रीकांत जैसे पूर्व क्रिकेटर ने चयन पर सवाल उठाए.
  • दूसरे टी20 में उनकी संभावित एंट्री पर सभी की नजरें.

ये भी पढ़ें: Richest Cricket Board: आखिर कौन है दुनिया का सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड? देखें टॉप-10 की पूरी लिस्ट

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By अभिजीत कुमार

अभिजीत कुमार युवा पत्रकार हैं, जिन्हें खेल और खासकर क्रिकेट की दुनिया को करीब से समझने और उसकी अनकही कहानियों को पाठकों तक पहुंचाने का जुनून है. उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), ढेंकानाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है. अपने पेशेवर सफर में उन्होंने रिपोर्टिंग, सब-एडिटिंग, पेज डिजाइन और डिजिटल कंटेंट के क्षेत्र में काम किया है.

वर्तमान में वह स्पोर्ट्स डेस्क पर कार्यरत हैं, जहां खेल जगत से जुड़ी खबरों के लेखन, संपादन और प्रस्तुतीकरण की जिम्मेदारी संभालते हैं. क्रिकेट उनके लिए सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि आंकड़ों, रोमांच, संघर्ष और भावनाओं से जुड़ी कहानियों की दुनिया है. खिलाड़ियों के प्रदर्शन से लेकर मैदान के पीछे की दिलचस्प घटनाओं तक, वह हर कहानी को सरल, सटीक और रोचक अंदाज में पेश करने की कोशिश करते हैं.

उनका मानना है कि एक अच्छी स्पोर्ट्स स्टोरी सिर्फ खबर नहीं बताती, बल्कि पाठक को उस पल का हिस्सा महसूस कराती है. यही सोच उनके लेखन की पहचान है और यही वजह है कि उनके आर्टिकल्स में खबर के साथ कहानी, संदर्भ और क्रिकेट का जुनून भी नजर आता है.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >