Shubham Juyal: 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए सिल्वर मेडल जीतकर लौटे पैरा एथलीट शुबम जुयाल ने देश में खेलों को लेकर एक अहम बात कही है. पुरुषों की F57 सिटिंग शॉटपुट स्पर्धा में रजत पदक जीतने वाले जुयाल ने कहा कि भारत में क्रिकेट को जितना प्यार और समर्थन मिलता है, उतना ही उत्साह दूसरे खेलों के खिलाड़ियों के लिए भी दिखना चाहिए.
सभी खेलों को मिले बराबर महत्व
जुयाल ने एनआई से बातचीत में बताया कि वह क्रिकेट की लोकप्रियता के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन चाहते हैं कि भारतीय प्रशंसक सभी खेलों को बराबर महत्व दें. उन्होंने कहा कि रुड़की का नाम क्रिकेटर ऋषभ पंत और अब पैरा-एथलेटिक्स के जरिए भी सामने आया है और वह भविष्य में अपने शहर को और गौरवान्वित करना चाहते हैं.
घर पहुंचते ही हुआ जोरदार स्वागत
भारतीय सेना में लांस नायक शुबम जुयाल जब अपना पदक लेकर उत्तराखंड के रुड़की स्थित अपने घर पहुंचे तो स्थानीय लोगों ने उनका जोरदार स्वागत किया. अपनी उपलब्धि पर खुशी जताते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि पैरा-एथलेटिक्स के जरिए उन्होंने अपने शहर का नाम एक बार फिर देशभर में रोशन किया.
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नीरज चोपड़ा से मिले, अब पंत से मिलने की उम्मीद
कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान जुयाल की मुलाकात स्टार जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा से हुई थी. वहीं, रुड़की के ही रहने वाले क्रिकेटर ऋषभ पंत से उनकी अभी मुलाकात नहीं हुई है. जुयाल ने उम्मीद जताई कि भविष्य में उन्हें पंत से मिलने का मौका जरूर मिलेगा.
सफलता का श्रेय भारतीय सेना को दिया
उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय भारतीय सेना, परिवार और दोस्तों के समर्थन को दिया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से पदक जीतने के बाद बधाई मिलने पर भी उन्होंने खुशी जताई. जुयाल की मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात भी निर्धारित है.
अब अगले टारगेट पर नजर
अब जुयाल की नजर अगले बड़े लक्ष्य पर है. उन्होंने कहा कि उनका सपना लॉस एंजिल्स 2028 पैरालंपिक में भारत के लिए पदक जीतना है. इसके लिए वह बीच में होने वाली हर प्रतियोगिता में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए खुद को तैयार करना चाहते हैं.
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