RCB vs LSG 2026 : खतरनाक रिदम में दिख रहे हैं आरसीबी के तेज गेंदबाज, टीम ने लगातार तीसरी जीत दर्ज की

RCB vs LSG 2026 : चिन्नास्वामी स्टेडियम में जब आरसीबी के तेज गेंदबाज ने अपनी स्पीड दिखाई, तो लखनऊ सुपर जायंट्स की पूरी टीम बिखर गई और आरसीबी ने अपने होमग्राउंड पर लगातार तीसरी जीत दर्ज करने का रिकाॅर्ड बनाया.

RCB vs LSG 2026 : रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की टीम ने अपने इरादों को लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ खेलते हुए बता दिया है. उसकी तेज गेंदबाजी ने ना सिर्फ टीम को मैच जिता दिया, बल्कि प्वाइंट टेबल में नंबर वन की पोजिशन पर खड़ा कर दिया है. आईपीएल के इस सीजन में अपने घरेलू मैदान पर लगातार तीन मैच जीतकर आरसीबी ने इतिहास रच दिया है और इसमें उसके तेज गेंदबाजों की भूमिका अहम रही.

लगातार 3 मैच जीती आरसीबी की टीम

चिन्नास्वामी स्टेडियम में आरसीबी के गेंदबाजों ने सनराइजर्स हैदराबाद, चेन्नई सुपर किंग्स और लखनऊ सुपर जायंट्स जैसी टीमों पर हावी रहकर अपनी टीम को जीत दिलाई. आरसीबी ने आईपीएल 2025 में अपने घरेलू मैदान पर तीन मैच हारे थे जो उसके पहले खिताब के शानदार सफर में उसके लिए एकमात्र निराशाजनक पहलू रहा था, लेकिन इस बार टीम कुछ अलग ही रिदम में नजर आ रही है. इस सीजन की शुरुआत से पहले आरसीबी का चिन्नास्वामी स्टेडियम में 96 मैचों में 46 हार और 45 जीत का रिकॉर्ड था, जबकि मुंबई इंडियंस या सीएसके के घरेलू मैदान आमतौर पर उनके गढ़ माने जाते हैं.

तेज गेंदबाजों ने किया कमाल

आईपीएल 2026 की शुरुआत में ही आरसीबी के तेज गेंदबाजों ने अपने इरादे बता दिये थे.बदलाव का पहला संकेत 28 मार्च को मिला जब जैकब डफी ने तीन विकेट लेकर सनराइजर्स के शीर्ष क्रम को ध्वस्त कर दिया. जोश हेजलवुड की शुरुआती मैचों में अनुपस्थिति में उन्होंने अपनी भूमिका अच्छी तरह से निभाई. हैदराबाद के खिलाफ मैच के बाद डफी ने कहा था, मैं तो बस उस दिग्गज खिलाड़ी की जगह संभाल रहा हूं.

जोश ने पिछले साल यहां बहुत अच्छा प्रदर्शन किया था, इसलिए बात बस इतनी थी कि उसने जो अच्छा किया था, उसे मैं आगे बढ़ाते हुए अपने तरीके से वैसा ही प्रदर्शन करने की कोशिश करूं.हेजलवुड ने वापसी करने के बाद अपना जलवा दिखाया और लखनऊ की टीम के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करते हुए चार ओवर में 21 रन देकर एक विकेट लिया. इसके लिए उन्हें मैच का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया.

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By Rajneesh Anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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