आखिर पद्म पुरस्कारों पर खिलाड़ी क्यों उठाते हैं सवाल?

हैदराबाद : भारतीय बैडमिंटन में युगल विशेषज्ञ के रूप में पहचानी जाने वाली ज्वाला गुट्टा ने पद्म पुरस्कार नहीं मिलने पर सोशल मीडिया में अपनी भड़ास निकाली और कहा कि ये पुरस्कार उन्हें मिलते हैं जो सिफारिशी पत्र लेकर जाते हैं. ज्वाला ने फेसबुक पोस्ट पर लिखा, ‘‘मुझे किसी खास पुरस्कार के लिए आवेदन करने […]

हैदराबाद : भारतीय बैडमिंटन में युगल विशेषज्ञ के रूप में पहचानी जाने वाली ज्वाला गुट्टा ने पद्म पुरस्कार नहीं मिलने पर सोशल मीडिया में अपनी भड़ास निकाली और कहा कि ये पुरस्कार उन्हें मिलते हैं जो सिफारिशी पत्र लेकर जाते हैं. ज्वाला ने फेसबुक पोस्ट पर लिखा, ‘‘मुझे किसी खास पुरस्कार के लिए आवेदन करने की अवधारणा पर हमेशा हैरानी होती है जो कि देश के प्रतिष्ठित पुरस्कार हैं.

लेकिन इसी तरह से इन्हें खरीदा जा सकता है और इसलिए मैंने आवेदन किया. इसलिए आवेदन किया क्योंकि इन्हें हासिल करना प्रतिष्ठा माना जाता है क्योंकि मुझे लगता है कि मैंने अपने देश का नाम रोशन किया और मैं इसकी हकदार हूं. ” उन्होंने आगे लिखा, ‘‘मैं पिछले 15 से भी अधिक वर्षों से देश के लिए खेल रही हूं और मैंने कई प्रतिष्ठित टूर्नामेंट जीते हैं. मुझे लगा कि इसके लिये आवेदन करना चाहिए लेकिन मुझे लगता है कि यह पर्याप्त नहीं है. आपको सिफारिश की जरुरत पडती हैं.

साइना नेहवाल ने भी पद्म पुरस्कार पर उठाये थे सवाल
पद्म पुरस्कारों को लेकर विवाद कोई नयी बात नहीं है. ज्वाला से पहले भारतीय बैडमिंटन की शान मानी जाने वाली साइना नेहवाल ने भी पद्म पुरस्कारों पर सवाल उठाये थे. वर्ष 2015 में उनका आवेदन खारिज कर दिया गया था, तब उन्होंने सवाल उठाया था कि जब पहलवान सुशील कुमार को दोबारा पद्मभूषण मिल सकता है, तो उन्हें क्यों नहीं.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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