सिर्फ 1 गोल और बन गया वर्ल्ड रिकॉर्ड! मोरक्को की दूसरी जीत ने सोशल मीडिया पर मचाया तहलका, देखें कैसे पलटा मैच

Morocco creates history: फीफा वर्ल्ड कप 2026 में मोरक्को को कम आंकने की गलती अब कोई टीम नहीं करेगी. ब्राजील का रास्ता रोकने के बाद, मोरक्को ने अपने दूसरे मुकाबले में स्कॉटलैंड को 1-0 से हराकर टूर्नामेंट में अपनी बादशाहत कायम रखी है.

Morocco creates history: ब्राजील जैसी मजबूत टीम को रोकने के बाद मोरक्को ने फीफा वर्ल्ड कप 2026 में अपनी दूसरी जीत दर्ज कर ली है. एक रोमांचक मुकाबले में मोरक्को ने स्कॉटलैंड को 1-0 से हरा दिया. इस मैच की खास बात यह रही कि इसमें हुआ इकलौता गोल, इस पूरे टूर्नामेंट का अब तक का सबसे तेज़ गोल बन गया है.

इस्माइल साइबारी ने रचा इतिहास

फीफा वर्ल्ड कप 2026 में मोरक्को की टीम इतिहास रचने के इरादे से उतरी है. इस मुकाबले की सबसे अनोखी बात यह रही कि पूरा मैच सिर्फ 70 सेकंड के खेल से तय हो गया, जब इस्माइल साइबारी ने टूर्नामेंट का सबसे तेज़ गोल दाग दिया. साइबारी का यह गोल सिर्फ मैच जिताने वाला नहीं था, बल्कि इसने रिकॉर्ड बुक्स को भी दोबारा लिखने पर मजबूर कर दिया. यह मेंस वर्ल्ड कप इतिहास में मोरक्को का सबसे तेज़ गोल है. स्कॉटलैंड के गोलपोस्ट में इतनी जल्दी हुआ अब तक का पहला गोल भी है. टूर्नामेंट के इतिहास में स्कॉटलैंड ने कभी भी इतनी जल्दी गोल नहीं खाया था.

सालाह के क्लब में शामिल हुए साइबारी

जब फीफा वर्ल्ड कप 2026 शुरू हुआ था, तो किसी ने नहीं सोचा था कि मोरक्को का एक मिडफील्डर दिग्गज मोहम्मद सालाह के रिकॉर्ड्स की बराबरी करने की दिशा में बढ़ जाएगा. लेकिन इस्माइल साइबारी ने यह कर दिखाया है. स्कॉटलैंड के खिलाफ मुकाबले में 70वें सेकंड में गोल दागकर उन्होंने न सिर्फ इस वर्ल्ड कप का सबसे तेज़ गोल अपने नाम किया, बल्कि वह मोहम्मद सालाह के बाद अपने पहले दो वर्ल्ड कप मैचों में गोल दागने वाले दूसरे अफ्रीकी खिलाड़ी बन गए हैं.

कहां हुआ साइबारी का जन्म

साइबारी का जन्म साल 2001 में स्पेन में हुआ था. उनके माता-पिता उत्तरी मोरक्को के रहने वाले थे, जो काम की तलाश में अपना वतन छोड़कर स्पेन जा बसे थे. वहाँ सब कुछ ठीक चल रहा था, वे लोग 18 साल तक स्पेन में रहे और इसी दौरान छोटे इस्माइल ने फुटबॉल को लात मारना शुरू किया. लेकिन साल 2008 की वैश्विक आर्थिक मंदी ने इस परिवार को तगड़ा झटका दिया। हालात ऐसे बदले कि माता-पिता को स्पेन भी छोड़ना पड़ा.

बेल्जियम और नीदरलैंड्स ने तराशा हुनर

स्पेन छोड़ने के बाद यह परिवार बेल्जियम आ गया. यही वो जगह थी जहाँ साइबारी का फुटबॉल करियर सही मायनों में संवरना शुरू हुआ. बेल्जियम के बाद इस्माइल अकेले नीदरलैंड्स चले गए, ताकि खेल की बारीकियों को और बेहतर ढंग से सीख सकें.

3 देश, 3 भाषाएं और 3 अलग-अलग फुटबॉल कल्चर

इन सब ने मिलकर साइबारी को एक ऐसा खतरनाक और मानसिक रूप से मजबूत मिडफील्डर बनाया. जिसने पहले ब्राजील को 1-1 पर रोका और फिर स्कॉटलैंड के खिलाफ वर्ल्ड कप इतिहास का सबसे तेज़ गोल दागकर मोरक्को को 1-0 से यादगार जीत दिलाई.

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By Ritu Raj

ऋतुराज प्रभात खबर डिजिटल में स्पोर्ट्स कंटेंट राइटर हैं. लीची की नगरी मुजफ्फरपुर (बिहार) से ताल्लुक रखने वाले ऋतुराज के पास डिजिटल खेल पत्रकारिता में 1 साल का गहरा अनुभव है. उन्होंने एशिया के प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU) से साल 2025 में मीडिया रिसर्च में मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. खेल की हर छोटी-बड़ी और वायरल होती खबरों पर पैनी नजर रखना उनकी खासियत है. उनका मुख्य लक्ष्य प्रभात खबर के पाठकों तक खेल जगत की हर सटीक और विश्लेषण से भरी खबर सबसे पहले पहुंचाना है. पढ़ने और क्रिकेट खेलने के शौकीन ऋतुराज खेल को सिर्फ कवर नहीं करते, बल्कि उसकी बारीकियों को जीते हैं.

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