Manjot Kalra arrest news: लंका प्रीमियर लीग 2026 की शुरुआत से पहले क्रिकेट जगत में सनसनी फैल गई जब जाफना किंग्स के सह-मालिक मनजोत कालरा को भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार किया गया. उन पर भ्रष्ट आचरण में शामिल होने का आरोप है और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.
लंका प्रीमियर लीग पर फिक्सिंग का साया
श्रीलंकाई अधिकारियों के अनुसार, जांच का संबंध एलपीएल के दौरान एक खिलाड़ी को कथित तौर पर भ्रष्ट गतिविधि में शामिल करने के प्रयास से है. आरोप है कि एक खिलाड़ी को पैसे की पेशकश की गई थी. रिपोर्टों के मुताबिक, टूर्नामेंट शुरू होने से पहले ही इस कथित संपर्क की जानकारी जांच एजेंसियों को दे दी गई थी. इसके बाद कार्रवाई करते हुए पुलिस ने एलपीएल 2026 के शुरुआती दिन ही गिरफ्तारी की. इस मामले में एक अन्य भारतीय नागरिक युवराज पुष्पा को भी गिरफ्तार किया गया है. उन्हें भी अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.
फिक्सिंग विवाद के बीच श्रीलंका क्रिकेट का बड़ा बयान
घटना के बाद श्रीलंका क्रिकेट (SLC) ने साफ किया कि वह भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी जीरो टॉलरेंस नीति पर कायम है. बोर्ड ने कहा कि जांच प्रक्रिया में वह स्पेशल इन्वेस्टिगेशन यूनिट को हरसंभव सहयोग देगा. SLC ने अपने बयान में कहा कि एलपीएल 2026 का आयोजन तय कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेगा और इस मामले का टूर्नामेंट पर कोई असर नहीं पड़ेगा. बोर्ड ने कहा कि प्रतियोगिता से जुड़े किसी भी खिलाड़ी, अधिकारी या अन्य हितधारक द्वारा भ्रष्टाचार, अनुशासनहीनता या किसी भी तरह की अनुचित गतिविधि को स्वीकार नहीं किया जाएगा.
भ्रष्टाचार से निपटने के लिए श्रीलंका क्रिकेट ने उठाए सख्त कदम
श्रीलंका क्रिकेट (SLC) ने लंका प्रीमियर लीग (LPL) को भ्रष्टाचार मुक्त और सुरक्षित बनाने के लिए व्यापक इंतज़ाम किए हैं. टूर्नामेंट शुरू होने से पहले ही श्रीलंका क्रिकेट ने अपनी एंटी-करप्शन यूनिट के ज़रिए सरकारी जांच एजेंसियों के साथ मिलकर सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता किया है, ताकि पारदर्शिता बनी रहे. इसके साथ ही, उन्होंने "इंटीग्रिटी मेंटर्स" नामक एक स्वतंत्र संस्था को भी नियुक्त किया है, जो टूर्नामेंट के दौरान खिलाड़ियों को जागरूक करने और उन्हें गलत गतिविधियों से बचाने के लिए विशेषज्ञ सलाह दे रही है. इन सभी कदमों का मुख्य उद्देश्य खेल की विश्वसनीयता को सुरक्षित रखना और खिलाड़ियों व टीम प्रबंधन को किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार से दूर रखना है.
कौन हैं मनजोत कालरा?
27 वर्षीय मनजोत कालरा भारतीय क्रिकेट में तब सुर्खियों में आए थे, जब उन्होंने 2018 अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शानदार नाबाद शतक लगाया था. उनकी इस पारी की बदौलत पृथ्वी शॉ की कप्तानी वाली भारतीय टीम ने अंडर-19 विश्व कप का खिताब जीता था. इसके बाद कालरा ने क्रिकेट के अलावा खेल प्रबंधन और व्यवसाय के क्षेत्र में कदम रखा और 2026 सीजन से पहले जाफना किंग्स के मालिकाना समूह से जुड़े.
मैच से कुछ घंटे पहले हुई गिरफ्तारी
कालरा की गिरफ्तारी उस समय हुई, जब जाफना किंग्स को एलपीएल 2026 के उद्घाटन मुकाबले में गॉल ग्लैडिएटर्स के खिलाफ मैदान में उतरना था. घटना के बावजूद श्रीलंका क्रिकेट ने स्पष्ट किया कि टूर्नामेंट निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेगा. बोर्ड ने भरोसा दिलाया कि लीग की छवि और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं.
आरोपों की अभी नहीं हुई न्यायिक पुष्टि
मनजोत कालरा और अन्य आरोपियों पर लगे आरोप अभी कोर्ट में साबित नहीं हुए हैं, इसलिए उन्हें दोषी नहीं माना जा सकता. फिलहाल जांच एजेंसियां मामले की गहराई से पड़ताल कर रही हैं और आने वाले समय में और भी महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आने की उम्मीद है. जहां तक एलपीएल 2026 पर इसके असर की बात है, तो यह पूरी तरह से जांच की दिशा और कानूनी कार्रवाई के नतीजों पर निर्भर करेगा. हालांकि, अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है और किसी भी नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी होगी.
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