Manjot Kalra match fixing allegations: पूर्व भारतीय अंडर-19 क्रिकेटर और जाफना किंग्स के सह-मालिक मनजोत कालरा को मैच फिक्सिंग के आरोपों में न्यायिक हिरासत में भेजा गया है. उन पर LPL 2026 के दौरान खिलाड़ियों को रिश्वत देने की कोशिश का आरोप है. उन्होंने सभी आरोपों से इनकार किया है.
क्या हैं आरोप?
स्थानीय मीडिया के अनुसार, मनजोत कालरा जाफना किंग्स टीम के सह-मालिक हैं. जांच एजेंसियों का आरोप है कि उन्होंने LPL 2026 के दौरान टीम के तीन प्रमुख खिलाड़ियों (भानुका राजपक्षे, दुनिथ वेल्लालागे और अविष्का फर्नांडो) से संपर्क किया और उन्हें मैच के परिणामों को प्रभावित करने के बदले 30,000 अमेरिकी डॉलर (करीब 28 लाख रुपये) से अधिक की राशि देने की पेशकश की. जांचकर्ताओं का दावा है कि उनके पास इस कथित साजिश से जुड़े फोन कॉल रिकॉर्डिंग और वीडियो सबूत भी मौजूद हैं.
खिलाड़ियों ने तुरंत जांच एजेंसी को दी जानकारी
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, खिलाड़ियों ने शुरुआती संपर्क के बाद मामले की जानकारी स्पेशल इन्वेस्टिगेशंस यूनिट फॉर द प्रिवेंशन ऑफ ऑफेन्सेज रिलेटिंग टू स्पोर्ट्स (SIU) को दी. इसके बाद SIU के निर्देश पर खिलाड़ियों ने आरोपियों के साथ बातचीत जारी रखी. रिपोर्ट के अनुसार, कथित तौर पर 1.15 करोड़ श्रीलंकाई रुपये (LKR 11.5 मिलियन) के भुगतान पर सहमति बनी, जिसमें 95 लाख श्रीलंकाई रुपये (LKR 9.5 मिलियन) अग्रिम राशि के रूप में दिए जाने थे.
एडवांस रकम के साथ हुई गिरफ्तारी
रिपोर्ट्स के अनुसार, जांच एजेंसियों ने पहले से तय स्थान पर जाल बिछाया था. जैसे ही एक अन्य व्यक्ति कथित एडवांस भुगतान से भरा बैग लेकर वहां पहुंचा, उसे हिरासत में ले लिया गया. इसके बाद मनजोत कालरा को भी गिरफ्तार कर लिया गया. अदालत में पेश किए जाने के बाद अभियोजन पक्ष ने दलील दी कि यदि इस चरण पर जमानत दी गई तो जांच प्रभावित हो सकती है. इस आधार पर मुख्य मजिस्ट्रेट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी और उन्हें महीने के अंत तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया.
बचाव पक्ष ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
मनजोत कालरा की ओर से पेश वकीलों ने अदालत में कहा कि ऐसा कोई ठोस सबूत नहीं है जिससे यह साबित हो सके कि कालरा ने किसी खिलाड़ी को रिश्वत देने की पेशकश की या भुगतान किया. बचाव पक्ष ने जमानत की मांग करते हुए कहा कि उनके मुवक्किल जांच में सहयोग करने को तैयार हैं, लेकिन अदालत ने फिलहाल यह मांग स्वीकार नहीं की.
कालरा का बयान
मनजोत कालरा की टीम की ओर से जारी बयान में कहा गया, "भारत का प्रतिनिधित्व करना मेरे लिए सम्मान की बात रही है. मैं अच्छी तरह समझता हूं कि भारतीय खेलों से जुड़े हर व्यक्ति पर ईमानदारी और जिम्मेदारी बनाए रखने की कितनी बड़ी जिम्मेदारी होती है." बयान में आगे कहा गया, "मैंने अपने पूरे क्रिकेट करियर में इन मूल्यों का पालन किया है. जाफना किंग्स में मैं एक माइनॉरिटी शेयरधारक और सह-मालिक के रूप में पूरी निष्ठा और अच्छे विश्वास के साथ जुड़ा हूं. मैं सभी संबंधित अधिकारियों के साथ जांच में पूरा सहयोग करूंगा."
कौन हैं मनजोत कालरा?
मनजोत कालरा भारत के पूर्व अंडर-19 क्रिकेटर हैं. वह 2018 अंडर-19 विश्व कप फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शानदार शतक लगाने के कारण चर्चा में आए थे और भारत को खिताब दिलाने में उनकी अहम भूमिका रही थी. बाद में उनका क्रिकेट करियर एक ऊंचाइयों तक नहीं पहुंच सका और हाल के वर्षों में वह क्रिकेट प्रशासन एवं फ्रेंचाइजी निवेश से जुड़े रहे.
अंतिम फैसला आना बाकी
फिलहाल मामला जांच के अधीन है. श्रीलंका की जांच एजेंसियां कथित फोन रिकॉर्डिंग, वीडियो और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही हैं. दूसरी ओर, मनजोत कालरा ने सभी आरोपों से इनकार किया है और स्वयं को निर्दोष बताया है. जब तक अदालत में आरोप सिद्ध नहीं हो जाते, तब तक इस मामले को कथित भ्रष्टाचार और रिश्वत देने के आरोपों के रूप में ही देखा जाएगा. आने वाले दिनों में जांच और अदालत की कार्यवाही इस मामले की दिशा तय करेगी.
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