Lionel Messi and MS Dhoni Retirement: दो बिल्कुल अलग खेल, दो अलग देश और दो महान खिलाड़ी-एमएस धोनी और लियोनेल मेसी. लेकिन दोनों के अंतरराष्ट्रीय करियर की विदाई में हैरान करने वाली समानताएं हैं. दोनों ने 39 साल की उम्र में, अगस्त महीने में और शाम 7 बजे के बाद संन्यास का ऐलान किया. इतना ही नहीं, दोनों का आखिरी वर्ल्ड कप अभियान जुलाई में खत्म हुआ और दोनों अपने देश को विश्व कप जिता चुके हैं. आखिर धोनी और मेसी की विदाई में इतने संयोग कैसे जुड़े हैं? आइए जानते हैं.
31 अगस्त को मेसी ने कहा- अब राष्ट्रीय टीम से संन्यास का समय आ गया है
लियोनेल मेसी ने 31 अगस्त 2026 की रात करीब 9 बजे सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अर्जेंटीना की राष्ट्रीय टीम से अंतरराष्ट्रीय करियर खत्म करने का ऐलान किया. 39 साल की उम्र में लिया गया यह फैसला 20 साल से ज्यादा लंबे उस सफर का अंत है, जिसमें मेसी ने अर्जेंटीना के साथ कई उतार-चढ़ाव देखे और आखिरकार दुनिया के सबसे बड़े खिताब भी जीते.
मेसी ने अपने संदेश में कहा कि विश्व कप फाइनल के बाद उन्होंने इस फैसले पर काफी विचार किया. उन्होंने माना कि राष्ट्रीय टीम से दूर होने का फैसला उन्हें अंदर तक चोट पहुंचाता है, लेकिन अब उन्हें यही सही समय लगता है. अर्जेंटीना की जर्सी के लिए हमेशा अपना सबकुछ दिया. उनके लिए राष्ट्रीय टीम का हिस्सा बनना हमेशा खास रहा और आगे आने वाले युवा खिलाड़ियों को मौका मिलना भी जरूरी है.
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15 अगस्त 2020 को धोनी ने भी इसी तरह चौंकाया था
मेसी से करीब छह साल पहले स्वतंत्रता दिवस के दिन यानी 15 अगस्त 2020 की शाम 7 बजकर 29 मिनट पर एमएस धोनी ने भी सोशल मीडिया के जरिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया था.
धोनी ने अपने रिटायरमेंट की घोषना अपने करियर के खास पलों का एक वीडियो शेयर कर किया. बैकग्राउंड में फिल्म कभी-कभी का गीत बज रहा था और कैप्शन में उन्होंने लिखा कि 19:29 बजे के बाद से उन्हें रिटायर समझा जाए. बस कुछ शब्द थे, लेकिन भारतीय क्रिकेट के एक शानदार अध्याय का अंत हो गया. उनका 19:29 का जिक्र भी अपने आप में खास था. 2019 विश्व कप सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत की हार के साथ उनके विश्व कप अभियान का अंत हुआ था और करीब एक साल बाद उसी समय को याद करते हुए उन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर को विराम दे दिया.
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दोनों ने अपने-अपने खेल में लगभग सब कुछ हासिल किया
धोनी और मेसी की तुलना सिर्फ संन्यास के संयोग तक सीमित नहीं है. दोनों ने अपने देश के लिए खेलते हुए लगभग हर बड़ी उपलब्धि हासिल की. धोनी की कप्तानी में भारत ने तीन बड़ी ICC ट्रॉफियां जीतीं. उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में भारत को नंबर-1 रैंकिंग तक पहुंचाया और सीमित ओवरों के क्रिकेट के सबसे सफल कप्तानों में अपना नाम दर्ज कराया.
दूसरी तरफ मेसी ने अर्जेंटीना के साथ दो कोपा अमेरिका और एक विश्व कप जीता. व्यक्तिगत स्तर पर भी वह आठ बार बैलन डी'ओर जीत चुके हैं और क्लब फुटबॉल में लगभग हर बड़ी ट्रॉफी अपने नाम कर चुके हैं. इसलिए दोनों की विदाई उस समय हुई, जब उनके करियर में उपलब्धियों की कोई बड़ी कमी नजर नहीं आती थी.
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क्या-क्या है धोनी और मेसी में कॉमन?
खेल अलग हैं, रिकॉर्ड अलग हैं और दोनों की यात्रा भी अलग रही है. लेकिन अंतरराष्ट्रीय करियर के आखिरी अध्याय में कई समानताएं नजर आती हैं.
| समानता | एमएस धोनी | लियोनेल मेसी |
| उम्र | 39 साल | 39 साल |
| संन्यास का महीना | अगस्त 2020 | अगस्त 2026 |
| संन्यास का समय | 15 अगस्त, शाम 7:29 बजे | 31 अगस्त, रात करीब 9 बजे |
| संन्यास का माध्यम | इंस्टाग्राम पोस्ट | इंस्टाग्राम पोस्ट |
| आखिरी वर्ल्ड कप | 2019 | 2026 |
| वर्ल्ड कप अभियान का अंत | जुलाई में न्यूजीलैंड से सेमीफाइनल हार | जुलाई में स्पेन से फाइनल हार |
| वर्ल्ड कप खिताब | 2011 | 2022 |
| बड़ी अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियां | 2007 टी20 विश्व कप, 2011 वनडे विश्व कप, 2013 चैंपियंस ट्रॉफी | 2021 कोपा अमेरिका, 2022 विश्व कप, 2024 कोपा अमेरिका |
| करियर की पहचान | कप्तानी, फिनिशिंग और शांत स्वभाव | गोल, प्लेमेकिंग, नेतृत्व और निरंतरता |
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धोनी और मेसी को जोड़ता है सिर्फ संन्यास नहीं, उनका ‘ऑरा’ भी
आंकड़ों और ट्रॉफियों से आगे देखें, तो धोनी और मेसी को जोड़ने वाली सबसे बड़ी चीज उनका प्रभाव है. धोनी की पहचान उनके शांत स्वभाव और दबाव में सही फैसला लेने की क्षमता से बनी. मैच कितना भी मुश्किल हो, उनके चेहरे पर घबराहट कम ही दिखाई देती थी. यही वजह है कि उन्हें ‘कैप्टन कूल’ कहा गया.
मेसी का अंदाज अलग था. उनके पैरों में गेंद आते ही मैच की दिशा बदलने की क्षमता थी. गोल, प्लेमेकिंग और नेतृत्व ने उन्हें फुटबॉल की दुनिया के सबसे बड़े सितारों में शामिल किया. दोनों ने सिर्फ ट्रॉफियां नहीं जीतीं, बल्कि एक पूरी पीढ़ी को प्रभावित किया. यही वजह है कि उनका संन्यास केवल खेल से विदाई नहीं, बल्कि एक दौर के अंत जैसा महसूस होता है.
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दो अलग खेल, दो अलग सफर, लेकिन विदाई में गजब का संयोग
क्रिकेट की पिच और फुटबॉल का मैदान बिल्कुल अलग हैं. धोनी के हाथ में बल्ला और विकेटकीपिंग ग्लव्स थे, जबकि मेसी के पैरों में फुटबॉल. एक ने भारत को 2011 में विश्व कप जिताया, तो दूसरे ने 2022 में अर्जेंटीना को विश्व चैंपियन बनाया. फिर भी दोनों के अंतरराष्ट्रीय करियर की आखिरी तस्वीर में कई समानताएं दिखाई देती हैं. दोनों 39 साल के थे, दोनों ने अगस्त में संन्यास लिया, दोनों ने शाम 7 बजे के बाद अपने फैसले की जानकारी दी और दोनों का आखिरी वर्ल्ड कप अभियान जुलाई में खत्म हुआ.
धोनी ने 15 अगस्त 2020 को 19:29 बजे अपने अंतरराष्ट्रीय करियर को विराम दिया था. छह साल बाद 31 अगस्त 2026 की रात मेसी ने भी अर्जेंटीना की जर्सी से अपनी विदाई का ऐलान कर दिया. खेल अलग थे, सफर अलग थे और महानता को परिभाषित करने का तरीका भी अलग था. लेकिन दोनों की विदाई एक बात जरूर याद दिलाती है-महान खिलाड़ी चले जाते हैं, लेकिन उनका दौर नहीं जाता.
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