31 मई को नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाएगा आईपीएल फाइनल, क्वालीफायर और एलिमिनेटर का शेड्‌यूल देखें

IPL 2026 Playoffs : बीसीसीआई ने आईपीएल का फाइनल मुकाबला आयोजित करने का अवसर लगातार दूसरी बार नरेंद्र मोदी स्टेडियम अहमदाबाद को दिया है. यह विश्व का सबसे बड़ा स्टेडियम है. यहां 31 मई को आईपीएल 2026 का फाइनल मैच खेला जाएगा.

IPL 2026 Playoffs: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने आईपीएल 2026 के प्लेऑफ और फाइनल मुकाबले का शेड्‌यूल जारी कर दिया है. नरेंद्रमोदी स्टेडियम,अहमदाबाद को यह मौका मिला है कि वह लगातार दूसरे सत्र में आईपीएल फाइनल की मेजबानी करे.

31 मई को खेला जाएगा आईपीएल का फाइनल

मीडिया को दी गई जानकारी में बीसीसीआई ने यह बताया है कि 31 मई को इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) का फाइनल मुकाबला नरेंद्र मोदी स्टेडियम, अहमदाबाद में खेला जाएगा.अहमदाबाद ने इससे पहले 2022 और 2023 में आईपीएल फाइनल की मेजबानी की थी क्वालीफायर एक धर्मशाला जबकि दो अन्य प्लेऑफ मैच न्यू चंडीगढ़ में खेले जाएंगे. बीसीसीआई ने बुधवार 6 मई को इसकी घोषणा की.

क्वालीफायर 1, 26 मई को धर्मशाला में खेला जाएगा

बीसीसीआई ने बताया कि क्वालीफायर 1, 26 मई को धर्मशाला के एचपीसीए स्टेडियम में खेला जाएगा. इस मैच में अंक तालिका में शीर्ष पर रहने वाली दो टीमें भाग लेंगी. इस मैच के विजेता को फाइनल में सीधा प्रवेश मिलेगा.एलिमिनेटर मैच 27 मई को खेला जाएगा. यह मैच न्यू चंडीगढ़ के न्यू इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में होंगे. तीसरे और चौथे स्थान पर रहने वाली टीमों के बीच 27 मई को एलिमिनेटर मैच खेला जाएगा. इसी स्टेडियम में 29 मई को क्वालीफायर 2 भी खेला जाएगा.एलिमिनेटर में जीत दर्ज करने वाली टीम क्वालीफायर 2 में क्वालीफायर एक में हारने वाली टीम का सामना करेगी. इस मैच की विजेता टीम फाइनल में पहुंचेगी.

आईपीएल फाइनल का शेड्‌यूल

मैचतारीखस्थान
क्वालिफायर 126 मईएचपीसीए स्टेडियम, धर्मशाला
एलिमिनेटर27 मईन्यू इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम,न्यू चंडीगढ़
क्वालिफायर 229 मईन्यू इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम,न्यू चंडीगढ़
फाइनल31 मईनरेंद्र मोदी स्टेडियम, अहमदाबाद

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Published by: Rajneesh Anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है.पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखती हैं. झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली रजनीश ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 2000-01 में पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने पहली नौकरी झारखंड जागरण दैनिक अखबार में की. उसके बाद इन्होंने प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस तथा दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य संस्करणों में काम करने के बाद वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. रजनीश आनंद की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, गहन शोध और विश्लेषणात्मक लेखन के लिए है. उनकी रुचि राजनीति, सामाजिक सरोकारों, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों में रही है। उन्होंने हमेशा उन मुद्दों को प्राथमिकता दी है जो समाज के हाशिये पर खड़े लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की चर्चा में अपेक्षाकृत कम स्थान पाते हैं. वे कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर विस्तृत अध्ययन और रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर कार्य किया. इसके अतिरिक्त सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत उन्होंने बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की. आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है. हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं. उनका मानना है कि ऊर्जा परिवर्तन की प्रक्रिया तभी सफल होगी जब उसमें प्रभावित समुदायों की भागीदारी और हितों को केंद्र में रखा जाए.पत्रकारिता उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है. जमीनी रिपोर्टिंग, तथ्यों की पड़ताल और जनसरोकारों को केंद्र में रखकर लिखना उनकी कार्यशैली की विशेषता रही है. इसके अतिरिक्त रजनीश आनंद कहानियां और कविताएं लिखने का शौक भी रखती है.

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