2036 ओलंपिक मेजबानी के लिए बोली प्रक्रिया रुकी, भारत के लिए ये कारण बना रोड़ा; IOC अध्यक्ष ने बताया

Olympics 2036: ओलंपिक 2036 की मेजबानी को लेकर भारत की बोली पर फैसला अब टल गया है. आईओसी की नई अध्यक्ष कर्स्टी ने पूरी प्रक्रिया पर अस्थायी रोक लगाने और कार्य समूह बनाने की घोषणा की. अब बोली प्रक्रिया का पुनर्मूल्यांकन किया जाएगा और मेजबान का चयन ‘उचित समय’ पर किया जाएगा.

Olympics 2036: ओलंपिक 2036 के लिए भारत की बोली पर फैसले में उम्मीद से अधिक समय लगने वाला है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) की नई अध्यक्ष कर्स्टी कोवेंट्री ने बृहस्पतिवार को पूरी प्रक्रिया पर ‘रोक’ लगाने की घोषणा की है. भावी मेजबान की पहचान के ‘उचित समय’ का पता लगाने के लिए एक कार्य समूह का गठन किया गया है. आईओसी की पहली महिला और पहली अफ्रीकी अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभालने के बाद एक ऑनलाइन प्रेस कांफ्रेंस में पूर्व ओलंपिक चैंपियन तैराक कर्स्टी ने कहा कि सदस्यों के बीच प्रक्रिया का पुनर्मूल्यांकन करने के लिए आम सहमति है. इससे पहले बोली पर फैसला अगले साल होने की उम्मीद थी.

जिंबाब्वे की 41 वर्षीय कर्स्टी ने लुसाने में अपनी पहली कार्यकारी बोर्ड बैठक की अध्यक्षता करने के बाद कहा, ‘‘आईओसी सदस्यों से भविष्य के मेजबान चुनाव प्रक्रिया की समीक्षा करने और रोक लगाने के लिए भारी समर्थन मिला है और हम इस पर विचार करने के लिए एक कार्य समूह का गठन करेंगे.’’ उन्होंने दो दिवसीय बैठक के बाद कहा, ‘‘(ऐसा) दो मुख्य कारणों से हुआ है. सबसे पहले, सदस्य इस प्रक्रिया में अधिक से अधिक शामिल होना चाहते हैं और दूसरा, इस बात पर काफी चर्चा हुई कि अगला मेजबान कब चुना जाना चाहिए.’’

आगामी ओलंपिक खेलों का अध्ययन होगा

कर्स्टी ने कहा कि कार्यकारी बोर्ड के सदस्यों को लगा कि भविष्य के प्रस्तावों पर आगे बढ़ने से पहले पहले से तय किए गए भावी मेजबानों लॉस एंजिलिस (2028 ग्रीष्मकालीन खेल), ब्रिस्बेन (2032 ग्रीष्मकालीन खेल) और फ्रेंच आल्प्स (2030 शीतकालीन खेल) के अनुभव का अध्ययन किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए इस बात पर बहुत चर्चा हुई कि भावी मेजबान का चुनाव करने का उचित समय कब है और यह भी कि हमें भावी मेजबान का चयन कैसे करना चाहिए.’’

भारत ने मेजबानी के लिए भेजा था पत्र

भारत ने पिछले साल अक्टूबर में 2036 खेलों की मेजबानी के लिए एक आशय पत्र प्रस्तुत किया था. खेल सचिव हरि रंजन राव के नेतृत्व में उच्च पदस्थ अधिकारियों वाले एक प्रतिनिधिमंडल के अगले महीने इस मुद्दे पर अनौपचारिक बातचीत के लिए लुसाने जाने की योजना है. कर्स्टी ने कहा कि यात्रा तय कार्यक्रम के अनुसार ही होगी. उन्होंने कहा, ‘‘हम चाहते हैं कि सभी इच्छुक पक्ष इस विराम का हिस्सा बनें और इस पर विचार करें. मुझे अगले सप्ताहांत आने वाले प्रतिनिधिमंडल के बारे में पता है जो जारी रहेगा.’’

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By Anant narayan shukla

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उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

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