Women’s Hockey World Cup: भारतीय महिला हॉकी टीम ने विश्व कप में शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया है. भारत ने गुरुवार को पांचवें स्थान के मुकाबले में विश्व रैंकिंग में पांचवें नंबर की जर्मनी को 3-1 से हराया. इस जीत के साथ भारतीय टीम ने विश्व कप में पांचवां स्थान हासिल किया, जो 52 साल में उसका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है.
भारत के लिए इशिका (43वें मिनट) ने पहला गोल किया, जबकि नवनीत कौर ने 44वें और 47वें मिनट में दो गोल दागकर टीम की जीत पक्की कर दी. जर्मनी की ओर से लिन क्रिंग्स ने 59वें मिनट में एकमात्र गोल किया.
43 मिनट तक गोल के लिए तरसीं दोनों टीमें
मैच की शुरुआत में दोनों टीमों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला. जर्मनी ने पहले क्वार्टर में दो पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए, लेकिन भारतीय गोलकीपर बिछू देवी ने शानदार बचाव करते हुए जर्मनी को बढ़त नहीं लेने दी. दूसरे क्वार्टर में भी भारत ने गोल के लिए कई प्रयास किए.
नवनीत कौर और सलीमा टेटे के पास मौके आए, लेकिन जर्मन डिफेंस ने उन्हें गोल में बदलने नहीं दिया. हाफ टाइम तक स्कोर 0-0 रहा. तीसरे क्वार्टर में भी कुछ समय तक यही स्थिति बनी रही, लेकिन इसके बाद भारतीय टीम ने अचानक मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया.
ये भी पढ़ें: WTC Final Race: श्रीलंका को 1-0 से हराया, फिर भी भारत को हुआ नुकसान! फाइनल की राह में कहां खड़ी है टीम इंडिया?
17 मिनट में भारत ने किए तीन गोल
भारत को 43वें मिनट में सफलता मिली. नेहा से मिली गेंद पर इशिका ने सर्कल में प्रवेश किया और रिवर्स हिट के जरिए गेंद को जर्मन गोलकीपर के ऊपर से गोल में पहुंचा दिया. इसके ठीक अगले मिनट भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला। नवनीत कौर ने शानदार स्लैप हिट लगाकर भारत की बढ़त 2-0 कर दी.
नवनीत यहीं नहीं रुकीं. 47वें मिनट में उन्होंने अपनी बेहतरीन ड्रिबलिंग का नमूना पेश किया. जर्मन डिफेंडरों से घिरे होने के बावजूद उन्होंने गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा और गोलकीपर को छकाते हुए शानदार गोल कर दिया. भारत ने महज चार मिनट में 3-0 की बढ़त हासिल कर ली.
जर्मनी को मिले पांच पेनल्टी कॉर्नर
तीन गोल से पिछड़ने के बाद जर्मनी ने वापसी की कोशिश की. उसे मैच में कुल पांच पेनल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन भारतीय गोलकीपर और डिफेंस ने शानदार प्रदर्शन किया. जर्मनी को 59वें मिनट में लिन क्रिंग्स के गोल से एक सफलता जरूर मिली, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी. भारत ने आखिरी मिनटों में अपना डिफेंस मजबूत रखा और मुकाबला 3-1 से अपने नाम कर लिया.
ये भी पढ़ें: IND vs SL: फॉलोऑन देकर भी नहीं जीत सका भारत, जानें कहां हुई टीम इंडिया से चूक?
1974 के बाद भारत का सबसे शानदार विश्व कप
इस जीत के साथ भारतीय महिला हॉकी टीम ने 1974 के बाद विश्व कप में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया. 1974 में भारत ने टूर्नामेंट में चौथा स्थान हासिल किया था. इस बार पांचवें स्थान के साथ टीम ने एक बार फिर विश्व मंच पर अपनी मजबूती दिखाई. भारत को इस पूरे टूर्नामेंट में सिर्फ एक हार मिली, जो मेजबान और ओलंपिक चैंपियन नीदरलैंड के खिलाफ थी. भारत ने चीन को 2-2 से ड्रॉ पर रोका, दक्षिण अफ्रीका को 6-1 से हराया और इंग्लैंड के खिलाफ भी ड्रॉ खेला.
एशियन गेम्स से पहले बढ़ा आत्मविश्वास
भारतीय टीम का यह प्रदर्शन अगले महीने होने वाले एशियन गेम्स से पहले काफी अहम माना जा रहा है. विश्व रैंकिंग में अपने से ऊपर की टीम जर्मनी को हराकर भारत ने दिखाया है कि वह बड़े मुकाबलों में किसी भी टीम को चुनौती दे सकता है.
ये भी पढ़ें: India A Women: अनुष्का शर्मा को मिली T20 की कप्तानी, यास्तिका भाटिया के हाथ वनडे और रेड-बॉल की कमान
