India Vs Japan T20I: आखिरी ओवर में अंपायर के फैसले पर क्यों छिड़ी बहस? जानें क्या कहता है ICC का नियम

Wide Controversy: भारत-जापान टी20 मैच के आखिरी ओवर में अंपायर के वाइड फैसले पर छिड़ी बहस. जानें ICC के नियम और रिवर्स स्वीप पर क्या है प्रावधान.

Wide Controversy: भारत और जापान के बीच खेला गया ऐतिहासिक टी20 इंटरनेशनल मुकाबला भले ही भारत की जीत के साथ खत्म हुआ, लेकिन आखिरी ओवर का एक फैसला चर्चा का विषय बन गया. जापान को जीत के लिए आखिरी चार गेंदों में सिर्फ 6 रन चाहिए थे. तभी अक्षर पटेल की एक गेंद लेग साइड की ओर गई और जापान के बल्लेबाज अलेक्जेंडर शिराई-पैटमोर रिवर्स स्वीप खेलने से चूक गए.

मैदानी अंपायर ने शुरुआत में गेंद को वाइड करार दिया. हालांकि, अक्षर पटेल और भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर की आपत्ति के बाद अंपायर ने अपना फैसला बदल दिया. इसके बाद सोशल मीडिया पर इस फैसले को लेकर बहस छिड़ गई. खास बात यह रही कि जापान अंत में सिर्फ 2 रन से मुकाबला हार गया, इसलिए आखिरी ओवर का यह फैसला और भी अहम हो गया. लेकिन सवाल यह है कि क्या अंपायर अपना वाइड का फैसला बदल सकता है? और रिवर्स स्वीप जैसी स्थिति में वाइड का नियम क्या कहता है?

लेग साइड की गेंद कब होती है वाइड?

आईसीसी के मौजूदा खेल नियमों के अनुसार, किसी गेंद को वाइड तभी माना जाता है जब वह बल्लेबाज की पहुंच से इतनी दूर हो कि सामान्य क्रिकेट शॉट से उसे खेलना संभव न हो. नियम 22.1.2 के मुताबिक, गेंद को बल्लेबाज से बाहर माना जाएगा, जब तक कि वह इतनी पहुंच के भीतर न हो कि बल्लेबाज उसे सामान्य क्रिकेट शॉट से मार सके.

यानी सिर्फ यह देखना पर्याप्त नहीं है कि गेंद लेग साइड पर गई है. अंपायर को यह भी देखना होता है कि क्या बल्लेबाज सामान्य शॉट खेलकर उस गेंद तक पहुंच सकता था.

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रिवर्स स्वीप ने बढ़ाया पेंच

भारत-जापान मैच में यही स्थिति थोड़ी पेचीदा हो गई. शिराई-पैटमोर रिवर्स स्वीप खेलने की कोशिश कर रहे थे और गेंद लेग साइड की ओर घूम गई. बल्लेबाज शॉट से चूक गए और अंपायर ने पहले इसे वाइड दे दिया.

बाद में फैसला बदलने के पीछे यह तर्क हो सकता है कि बल्लेबाज ने एक सामान्य क्रिकेट शॉट खेलने की कोशिश की थी और गेंद उसकी पहुंच में थी. हालांकि, गेंद के काफी ज्यादा लेग साइड की ओर घूमने की वजह से यह सवाल भी उठता है कि क्या वह वास्तव में बल्लेबाज की पहुंच में थी.

आईसीसी के नियमों में रिवर्स स्वीप या स्विच हिट के लिए अलग से कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है. यही वजह है कि ऐसी परिस्थितियों में अंपायर का फैसला परिस्थितियों की व्याख्या पर निर्भर कर सकता है.

क्या अंपायर अपना फैसला बदल सकता है?

यह फैसला बदलना भले ही मैदान पर कम देखने को मिलता हो, लेकिन क्रिकेट के नियम अंपायर को कुछ परिस्थितियों में ऐसा करने की अनुमति देते हैं.

लॉ 2.12 के अनुसार, अंपायर अपना फैसला बदल सकता है, बशर्ते बदलाव तुरंत किया जाए और वह डेड बॉल से जुड़े नियमों के खिलाफ न हो. एक बार फैसला लेने के बाद वह अंतिम माना जाता है, लेकिन उसे तुरंत बदलने की सीमित गुंजाइश मौजूद है.

इसलिए भारत-जापान मुकाबले में अंपायर का वाइड का फैसला बदलना नियमों से पूरी तरह बाहर की बात नहीं थी. असली बहस इस बात पर है कि क्या उस गेंद को वाइड माना जाना चाहिए था या नहीं.

ऐसा पहली बार नहीं हुआ

रिवर्स स्वीप पर वाइड का फैसला बदलने का ऐसा मामला पहले भी सामने आ चुका है. सितंबर 2024 में ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की महिला टी20 सीरीज के दौरान भी एलिस पेरी लेग साइड की गेंद पर रिवर्स स्वीप खेलने से चूक गई थीं. अंपायर ने पहले गेंद को वाइड दिया, लेकिन तुरंत अपना फैसला बदल दिया था.

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By अभिजीत कुमार

अभिजीत कुमार युवा पत्रकार हैं, जिन्हें खेल और खासकर क्रिकेट की दुनिया को करीब से समझने और उसकी अनकही कहानियों को पाठकों तक पहुंचाने का जुनून है. उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), ढेंकानाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है. अपने पेशेवर सफर में उन्होंने रिपोर्टिंग, सब-एडिटिंग, पेज डिजाइन और डिजिटल कंटेंट के क्षेत्र में काम किया है.

वर्तमान में वह स्पोर्ट्स डेस्क पर कार्यरत हैं, जहां खेल जगत से जुड़ी खबरों के लेखन, संपादन और प्रस्तुतीकरण की जिम्मेदारी संभालते हैं. क्रिकेट उनके लिए सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि आंकड़ों, रोमांच, संघर्ष और भावनाओं से जुड़ी कहानियों की दुनिया है. खिलाड़ियों के प्रदर्शन से लेकर मैदान के पीछे की दिलचस्प घटनाओं तक, वह हर कहानी को सरल, सटीक और रोचक अंदाज में पेश करने की कोशिश करते हैं.

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