प्वाइंट टेबल में नंबर 2 पर पहुंची गुजरात टाइटंस की टीम, कोच मैथ्यू हेडन ने की गेंदबाजी की तारीफ

GT vs RR : आईपीएल के प्ले ऑफ में कौन-कौन सी टीम खेलेगी, यह अभी तक तय नहीं हो पाया है. प्वाइंट टेबल में लगातार उलटफेर हो रहा है, जिसकी वजह से समीकरण स्पष्ट नहीं हो पा रहा है.जयपुर में शनिवार को राजस्थान रॉयल्स और गुजरात टाइटंस के बीच हुए मैच ने भी बड़ा उलटफेर किया है. गुजरात की टीम नंबर दो पर पहुंच गई है, जबकि राजस्थान की टीम पांचवे स्थान पर आ गई है.

GT vs RR : गुजरात टाइटंस ने शनिवार को सवाई मान सिंह स्टेडियम जयपुर में राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ 77 रनों से जीत दर्ज की. इस जीत के साथ ही प्वाइंट टेबल में गुजरात टाइटंस नंबर दो पर पहुंच गया है और प्ले ऑफ की दौड़ में अपनी प्रबल दावेदारी पेश की है.

मैथ्यू हेडन ने की गेंदबाजी की तारीफ

गुजरात टाइटंस के बल्लेबाजी कोच मैथ्यू हेडन का मानना ​​है कि उनके पास जबरदस्त गेंदबाजी आक्रमण है और बल्लेबाजी क्रम के शीर्ष पर शानदार बल्लेबाज मौजूद हैं. मैच के बाद अपनी खुशी जाहिर करते हुए हेडन ने कहा कि आईपीएल में उनकी टीम सही समय पर अपना बेहतरीन फॉर्म दिखा रही है.हेडन ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा- यह एक बहुत अच्छी टीम है. यह एक खतरनाक गेंदबाजी टीम है और राजस्थान के खिलाफ खेलते हुए टीम ने अपनी उसी विस्फोटक गेंदबाजी का प्रदर्शन किया. हेडन ने अपने बैटर्स की भी तारीफ की कहा कि हमारे बल्लेबाजी क्रम में शीर्ष पर बेहद शानदार बल्लेबाज हैं. शीर्ष तीन बल्लेबाजों ने एक बहुत ही मजबूत इकाई बनाई है.

गुजरात टाइटंस ने लगातार चार मैच जीते

गुजरात टाइटंस ने लगातार चार मैच जीते हैं जिसमें शनिवार को राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ 77 रन की जीत भी शामिल है. इस जीत के साथ टीम ने प्वाइंट टेबल में बड़ी छलांग लगाई है और वह दूसरे स्थान पर पहुंच गई है. इस बड़ी छलांग के बाद जीटी प्ले ऑफ में जगह बनाने के प्रबल दावेदारों में शामिल हो गई है. टीम ने अबतक कुल 11 मैच खेले हैं और उनमें से 7 में उसे जीत मिली है और 4 मैच उसने गंवाएं हैं. टीम के पास अभी 14 प्वाइंट है. प्ले ऑफ से पहले टीम को अभी तीन मैच और खेलने हैं.

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Published by: Rajneesh Anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है.पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखती हैं. झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली रजनीश ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 2000-01 में पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने पहली नौकरी झारखंड जागरण दैनिक अखबार में की. उसके बाद इन्होंने प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस तथा दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य संस्करणों में काम करने के बाद वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. रजनीश आनंद की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, गहन शोध और विश्लेषणात्मक लेखन के लिए है. उनकी रुचि राजनीति, सामाजिक सरोकारों, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों में रही है। उन्होंने हमेशा उन मुद्दों को प्राथमिकता दी है जो समाज के हाशिये पर खड़े लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की चर्चा में अपेक्षाकृत कम स्थान पाते हैं. वे कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर विस्तृत अध्ययन और रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर कार्य किया. इसके अतिरिक्त सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत उन्होंने बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की. आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है. हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं. उनका मानना है कि ऊर्जा परिवर्तन की प्रक्रिया तभी सफल होगी जब उसमें प्रभावित समुदायों की भागीदारी और हितों को केंद्र में रखा जाए.पत्रकारिता उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है. जमीनी रिपोर्टिंग, तथ्यों की पड़ताल और जनसरोकारों को केंद्र में रखकर लिखना उनकी कार्यशैली की विशेषता रही है. इसके अतिरिक्त रजनीश आनंद कहानियां और कविताएं लिखने का शौक भी रखती है.

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