FIFA World Cup 2026: एंटी-रेसिज्म प्रोटोकॉल पर बवाल; येलो कार्ड मिलते ही आपा खो बैठे मिस्र के कोच

FIFA World Cup 2026: फीफा वर्ल्ड कप 2026 के राउंड ऑफ 16 में मिस्र और अर्जेंटीना के बीच खेला गया मुकाबला कई वजहों से चर्चा में रहा. यह मैच सिर्फ रोमांचक वापसी के लिए ही नहीं, बल्कि मैदान पर हुए एक विवाद के कारण भी सुर्खियों में आ गया. मिस्र के मुख्य कोच होसाम हसन को अर्जेंटीना के खिलाफ मैच के दौरान एंटी-रेसिज्म प्रोटोकॉल से जुड़े एक इशारे के बाद रेफरी ने पीला कार्ड दिखाया। इस घटना ने मैच के माहौल को और भी चर्चा का विषय बना दिया.

FIFA World Cup 2026: मुकाबले की शुरुआत मिस्र के लिए शानदार रही. टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए अर्जेंटीना के खिलाफ 2-0 की मजबूत बढ़त बना ली थी. मिस्र के खिलाड़ी आत्मविश्वास से भरे नजर आ रहे थे और ऐसा लग रहा था कि टीम बड़ा उलटफेर कर सकती है. हालांकि, मौजूदा विश्व चैंपियन अर्जेंटीना ने हार नहीं मानी. टीम ने दूसरे हाफ में शानदार वापसी की और लगातार दबाव बनाते हुए स्कोर को पलट दिया. आखिरकार अर्जेंटीना ने रोमांचक मुकाबले में मिस्र को 3-2 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली. यह मैच मिस्र की शानदार शुरुआत, अर्जेंटीना की जबरदस्त वापसी और मैदान पर हुए विवाद के कारण फीफा विश्व कप 2026 के यादगार मुकाबलों में शामिल हो गया.

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क्या था पूरा मामला?

मैच के अंतिम मिनटों में मिस्र के खिलाड़ी और कोचिंग स्टाफ रेफरी के कुछ फैसलों से नाराज दिखे. इसी दौरान होसाम हसन ने अपने दोनों हाथों को क्रॉस कर ‘X’ का इशारा किया. यह इशारा फीफा के एंटी-रेसिज्म प्रोटोकॉल का हिस्सा है, जिसका इस्तेमाल खिलाड़ी, कोच या अधिकारी कथित नस्लीय दुर्व्यवहार की शिकायत दर्ज कराने के लिए कर सकते हैं. हालांकि, मैच अधिकारी ने इस संकेत पर खेल रोकने के बजाय हसन को पीला कार्ड दिखाया. इस घटना को लेकर सोशल मीडिया और फुटबॉल जगत में चर्चा शुरू हो गई कि इस इशारे का इस्तेमाल किस परिस्थिति में किया गया और रेफरी ने क्या कदम उठाए.

अर्जेंटीना की वापसी ने तोड़ा मिस्र का सपना

मिस्र ने मुकाबले में रणनीतिक रूप से मजबूत प्रदर्शन किया और लंबे समय तक अर्जेंटीना को दबाव में रखा. लेकिन अंतिम चरण में अर्जेंटीना ने आक्रामक खेल दिखाते हुए स्कोर पलट दिया. हार के बाद हसन ने मैच के फैसलों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उनकी टीम के साथ अन्याय हुआ और कुछ निर्णयों ने मुकाबले का रुख बदल दिया. मिस्र की ओर से एक गोल VAR समीक्षा के बाद रद्द किया गया था, जिस पर टीम ने आपत्ति जताई.

रेफरी के फैसलों पर भड़के मिस्र के कोच

हसन ने मैच के बाद कहा कि उनकी टीम ने विश्व चैंपियन अर्जेंटीना के खिलाफ बेहतरीन प्रदर्शन किया, लेकिन विवादित फैसलों ने नतीजे को प्रभावित किया. उन्होंने रेफरिंग को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की और टूर्नामेंट के बाकी मुकाबले देखने से इनकार करने की बात भी कही.

विवाद के बीच मिस्र का ऐतिहासिक अभियान

हार के बावजूद मिस्र के लिए यह विश्व कप अभियान ऐतिहासिक माना जा रहा है. टीम ने पहली बार टूर्नामेंट के नॉकआउट चरण तक पहुंचकर अपनी क्षमता साबित की। देशभर में प्रशंसकों ने टीम के प्रदर्शन की सराहना की. अर्जेंटीना जहां क्वार्टर फाइनल में पहुंच गया, वहीं मिस्र का सफर विवाद और गर्व दोनों के साथ समाप्त हुआ. अब फुटबॉल जगत की नजर इस बात पर है कि फीफा इस पूरे घटनाक्रम पर आगे कोई अनुशासनात्मक कदम उठाता है या नहीं.

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By Ritu Raj

ऋतुराज प्रभात खबर डिजिटल में स्पोर्ट्स कंटेंट राइटर हैं. लीची की नगरी मुजफ्फरपुर (बिहार) से ताल्लुक रखने वाले ऋतुराज के पास डिजिटल खेल पत्रकारिता में 1 साल का गहरा अनुभव है. उन्होंने एशिया के प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU) से साल 2025 में मीडिया रिसर्च में मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. खेल की हर छोटी-बड़ी और वायरल होती खबरों पर पैनी नजर रखना उनकी खासियत है. उनका मुख्य लक्ष्य प्रभात खबर के पाठकों तक खेल जगत की हर सटीक और विश्लेषण से भरी खबर सबसे पहले पहुंचाना है. पढ़ने और क्रिकेट खेलने के शौकीन ऋतुराज खेल को सिर्फ कवर नहीं करते, बल्कि उसकी बारीकियों को जीते हैं.

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