क्रिकेट नहीं शराब के लिए खरीदी थी RCB, MI पर भी थी नजर, विजय माल्या ने एक साथ किए कई धमाकेदार खुलासे

Vijay Mallya on RCB, MI, IPL and His Business: 18 साल के इंतजार के बाद रॉयल चैंलेंजर्स बेंगलुरु ने पहली आईपीएल ट्रॉफी जीती. इस जीत के बाद टीम के पूर्व मालिक ने विजय माल्या ने खुलासा किया कि आरसीबी को खरीदने के पीछे केवल क्रिकेट नहीं बल्कि शुद्ध रूप से बिजनेस था. इसके साथ ही उन्होंने आईपीएल की शुरुआत और मुंबई इंडियंस के बारे में कई खुलासे किए.

Vijay Mallya on RCB, MI, IPL and His Business: आईपीएल 2025 के फाइनल में पंजाब किंग्स को 6 रन से हराकर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने पहली बार खिताब जीतने का अपना सपना पूरा किया. आरसीबी को यह सफलता 2008 से इंतजार के बाद 3 जून को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में मिली. टीम की ऐतिहासिक जीत पर पूर्व मालिक विजय माल्या ने खुशी जताई और एक इंटरव्यू में खुलासा किया कि उन्होंने यह टीम क्रिकेट से प्यार नहीं बल्कि शुद्ध रूप से बिजनेस के लिए की थी. राज शमानी के इंटरव्यू में विजय माल्या ने लीग के शुरुआत और फिर टीमों के जन्म के बारे में विस्तार से बात की. 

विजय माल्या ने इंटरव्यू में कहा, “2008 में मैं उस समय अपने मार्केटिंग दृष्टिकोण को खेल आयोजनों, म्यूजिक इवेंट्स और ऐसे अन्य माध्यमों के जरिए युवाओं तक पहुँचाने की कोशिश कर रहा था, जो उन्हें आकर्षित कर सकें. उस समय मैंने शॉ वॉलेस कंपनी का अधिग्रहण किया था और इस अधिग्रहण के तहत रॉयल चैलेंज व्हिस्की एक प्रमुख ब्रांड था. मैं रॉयल चैलेंज ब्रांड को अगले स्तर पर ले जाने के तरीकों और रणनीतियों पर काम कर रहा था, जिसके लिए काफी मार्केटिंग इनोवेशन और क्रिएटिव सोच की जरूरत थी. जब आईपीएल की परिकल्पना की जा रही थी, तब मैं वास्तव में बीसीसीआई की समिति में कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ के प्रतिनिधि के तौर पर था.”

ललित मोदी ने टीम खरीदने के लिए किया आग्रह

माल्या ने आगे कहा, “मैं एसोसिएशन में था और बीसीसीआई की समिति के सामने ललित मोदी द्वारा दिए गए आईपीएल के प्रेजेंटेशन से मैं काफी प्रभावित हुआ. वह उस समय कई तरह की प्रक्रियाओं और बाधाओं से गुजर रहे थे, क्योंकि बीसीसीआई उस समय काफी नौकरशाही तरीके से काम करता था. फिर एक दिन उन्होंने मुझे फोन किया और कहा, “ठीक है, हम शुरू करने के लिए तैयार हैं. टीमों की नीलामी होने वाली है. क्या आप खरीदने वाले हैं?”

तीन टीमें खरीदना चाहता था

आरसीबी के पूर्व मालिक ने कहा, “मैंने सोचा, “वाह! एक ऐसे देश में जहाँ क्रिकेट एक धर्म की तरह है, अपने ब्रांड्स को प्रमोट करने के लिए इससे बेहतर प्लेटफॉर्म क्या हो सकता है? एक आईपीएल फ्रेंचाइजी! और मैं थोड़ा लालची हो गया. मैं तीन टीमों के लिए बोली लगाने वाला था, एक टीम किंगफिशर के लिए चाहता था और एक टीम अपने व्हिस्की ब्रांड रॉयल चैलेंज के लिए.” लेकिन ललित ने कहा, “नहीं, तुम दो टीमें नहीं ले सकते. सिर्फ एक ही ले सकते हो.” खैर, जब बोली लगाने का समय आया तो मैं काफी उत्साहित था कि अपने किसी ब्रांड को प्रमोट करने के लिए मेरी एक आईपीएल टीम हो. इसलिए मैंने तीन फ्रेंचाइजी के लिए बोली लगाई.”

मुंबई इंडियंस से चूका, फिर आरसीबी का जन्म हुआ

माल्या ने आगे कहा, “मैं मुंबई की बोली थोड़े से पैसे से हार गया. लेकिन यह कोई हैरानी की बात नहीं थी कि अंबानी ने वह टीम ले ली. फिर भी, अंततः मैं तीन टीमों के लिए सबसे ऊंची बोली लगाने वाला निकला. मुझे एक ही टीम चुननी थी, इसलिए मैंने बेंगलुरु को चुना और यह स्वाभाविक था कि वह टीम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु होगी क्योंकि मेरी व्हिस्की का नाम रॉयल चैलेंज था. इसी तरह आरसीबी का जन्म हुआ.”

‘टेस्ट संन्यास पर पिता निराश थे’, रोहित शर्मा ने बताया; उनकी क्रिकेट बारीकियों समझ और संघर्षों ने यहां तक पहुंचाया

क्रिकेट नहीं RCB बनाने का कारण शुद्ध बिजनेस था

हालांकि माल्या ने क्रिकेट से प्रेम के लिए इसे नहीं खरीदा था, बल्कि शुद्ध रूप से यह बिजनेस था. माल्या ने कहा, “ यह कोई बिजनेस नहीं था, न ही सिर्फ क्रिकेट के प्रति प्यार था. यह सबसे ज्यादा एक व्यावसायिक निर्णय था कि इससे मेरे ब्रांड्स को फायदा होगा. मीडिया में तो कहानी कुछ और ही बनी कि यह एक दिखावा था, विजय माला को क्रिकेट से प्यार था. इसलिए उसने अपनी टीम खरीद ली. यह सब उस वक्त की आम धारणा थी. लेकिन मेरा एक ही मकसद था रॉयल चैलेंज व्हिस्की ब्रांड का प्रचार. इसलिए यह पूरी तरह से व्यवसाय प्रेरित था और इसी कारण इसे रॉयल चैलेंजर्स कहा गया.”

क्या इससे कोई फायदा हुआ?

लेकिन क्या इससे फायदा हुआ? माल्या ने कहा, “व्हिस्की की बिक्री बहुत बढ़ गई. और जाहिर है, व्हिस्की ब्रांड के प्रचार के अलावा, IPL फ्रेंचाइजी मॉडल, जैसा कि ललित ने विस्तार से समझाया है और जो अब सत्य भी है, वह यह है कि मीडिया राजस्व इतनी ज्यादा होती है कि फ्रेंचाइजी फीस का भुगतान दस सालों में फ्रेंचाइजी फीस का भुगतान हो चुका है, इसलिए अब हर फ्रेंचाइजी के लिए एक महत्वपूर्ण शुद्ध लाभ होता है. यह एक बहुत ही लाभकारी, स्वतंत्र रूप से चलने वाला व्यवसाय बन गया है.”

‘सोचा अंगूठा कटवा दूं’, क्रिकेटर ने बताया स्याह सच, महीनों खेल से रहा दूर अब भारत के खिलाफ टेस्ट में करेगा वापसी

कितने में खरीदी थी RCB

जब माल्या से पूछा गया कि आपने इसे कितने में खरीदा था? इस पर उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि मैंने $112 मिलियन की बोली लगाई थी. उस समय यह लगभग 6-7 सौ करोड़ रुपए या उससे भी अधिक था. लेकिन ललित चालाक थे. सब कुछ डॉलर में निर्धारित था. बोली की कीमत $112 मिलियन थी, जिसे उस समय लोग चौंक गए थे, लेकिन पीछे देखें तो यह एक बेहतरीन निवेश साबित हुआ. आज टीमों की कीमत ही देख लीजिए, ये अब अरबों डॉलर की हो गई हैं.”

अब माल्या का RCB पर कोई अधिकार नहीं

विजय माल्या 2008 में यूनाइटेड स्पिरिट्स लिमिटेड (USL) के मालिक थे, इसलिए टीम का नाम USL के लोकप्रिय ब्रांड ‘रॉयल चैलेंज’ से प्रेरित होकर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु रखा गया. हालांकि 2016 में कानूनी विवादों के चलते जब माल्या ने USL से नाता तोड़ा, तब से RCB का पूरा नियंत्रण यूनाइटेड स्पिरिट्स लिमिटेड के पास चला गया, जिसकी कमान अब डियाजियो के हाथ में है. माल्या का अब टीम से कोई औपचारिक संबंध नहीं है, लेकिन जब RCB ने पहली बार खिताब जीता तो उन्होंने अपनी खुशी जाहिर की.

RCB की जीत पर दी बधाई

18 साल बाद खिताब जीतने पर विजय माल्या ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर टीम को बधाई दी. उन्होंने लिखा कि RCB से जुड़ते समय उनका सपना था कि IPL ट्रॉफी बेंगलुरु पहुंचे. उन्होंने विराट कोहली को युवा खिलाड़ी के तौर पर चुनने, क्रिस गेल और एबी डिविलियर्स जैसे सितारों को टीम में शामिल करने को अपने लिए सम्मान बताया. माल्या ने आगे कहा कि आखिरकार वह सपना पूरा हुआ और RCB ने ट्रॉफी जीत ली. उन्होंने टीम, फैंस और सभी सहयोगियों का धन्यवाद किया और कहा कि RCB के समर्थक इस जीत के असली हकदार हैं.

‘यह खबर परेशान करने वाली’, भारत-इंग्लैंड सीरीज से पहले सुनील गावस्कर ने इस बात से जताई नाराजगी

बेंगलुरु हादसे पर कर्नाटक सरकार की कार्रवाई, RCB के मार्केटिंग हेड समेत तीन लोग हिरासत में

इंग्लैंड दौरे को लेकर दबाव में हैं गौतम गंभीर! सीरीज से पहले खोला राज, खुद बताया क्या है कारण

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Anant narayan shukla

अनन्त नारायण शुक्ल प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब दो वर्षों का अनुभव है. अनन्त राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों, वैश्विक भू-राजनीति (ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स), रक्षा नीति, कूटनीति और विश्व राजनीति से जुड़े विषयों पर खबरें करते हैं. वे दुनिया भर में घट रही महत्वपूर्ण घटनाओं को गहरी रिसर्च और तथ्यमात्मक विश्लेषण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं.

अनन्त मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, वैश्विक सुरक्षा, रक्षा रणनीतियों, विदेश नीति, भारत के पड़ोसी देशों से जुड़े घटनाक्रम और विश्व स्तर पर भारत की भूमिका जैसे विषयों को कवर करते हैं. इजरायल-ईरान संघर्ष, अमेरिका की विदेश नीति, परमाणु सुरक्षा, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के हालात, नेपाल-चीन सीमा से जुड़े मुद्दे और वैश्विक कूटनीतिक घटनाक्रम पर उनकी विशेष पकड़ है. इसके अलावा वे अंतरराष्ट्रीय आपदाओं, विदेशों में बसे भारतीयों और वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव से जुड़ी खबरों पर भी नियमित रूप से लिखते हैं.

इतिहास, राजनीति और विज्ञान में उनकी गहरी रुचि रही है, जिसने उन्हें वैश्विक मामलों और अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. यही वजह है कि उनके लेखों में विषय की गहराई, एक्सपर्ट्स की राय के साथ उनके कमेंट्स, तथ्यों की सटीकता और व्यापक संदर्भ देखने को मिलता है. बदलते वैश्विक परिदृश्य पर उनकी पैनी नजर रहती है, जिससे वे पाठकों तक समय पर विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक जानकारी पहुंचाते हैं.

अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने झारखंड विधान सभा 2024, दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 चुनाव और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है.

अनन्त कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं.

उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी को वे अपनी पत्रकारिता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं. उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को विश्व घटनाक्रम की भरोसेमंद, संतुलित और गहन जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध हो, ताकि वे वैश्विक मुद्दों को बेहतर ढंग से समझ सकें.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >