टी-20 विश्वकप में सिक्सर किंग हैं क्रिस गेल, क्या इस बार रोहित शर्मा और जोस बटलर दे सकते हैं टक्कर?

टी-20 विश्वकप कप 2024 में क्या क्रिस गेल का रिकाॅर्ड टूटेगा, इस बात पर चर्चा हो रही है. गेल ने टी-20 विश्वकप में 63 छक्के मारे हैं, जहां तक पहुंचने के लिए रोहित शर्मा को अभी समय लगेगा.

T-20 World Cup : आईपीएल की समाप्ति के साथ ही क्रिकेट के फैंस को टी-20 विश्वकप का रोमांच देखने के लिए मिलेगा. जब से फटाफट क्रिकेट का यह फाॅर्मेट शुरू हुआ है, क्रिकेट के प्रति लोगों की दीवानगी बढ़ती ही जा रही है. टी-20 विश्वकप की शुरुआत दो जून से हो रही है. भारत का पहला मुकाबला पांच जून को खेला जाएगा, लेकिन हाई वोल्टेज ड्रामा वाला मैच 9 जून को भारत और पाकिस्तान के बीच खेला जाएगा.

क्रिस गेल ने जड़े हैं 63 छक्के

टी-20 क्रिकेट में बैटर आक्रामक बल्लेबाजी करते हैं और छक्के-चौकों की बरसात होती है. आईपीएल सीजन 17 में बल्लेबाज जिस तरह की बैटिंग कर रहे हैं, उम्मीद की जा रही है कि टी-20 विश्वकप में भी रन बरसेंगे. इतिहास पर नजर डालें तो सबसे अधिक छक्का मारने का रिकाॅर्ड वेस्ट इंडीज के खिलाड़ी क्रिस गेल के नाम दर्ज है, जिन्होंने 33 मैच के 31 इनिंग में 63 छक्के जड़े हैं. उन्होंने 78 चौका भी मारा है. उन्होंने 965 रन बनाए है. दूसरे स्थान पर रोहित शर्मा हैं, जिन्होंने 35 छक्का जड़ा है. उन्होंने 39 मैच में 36 पारी खेलकर 91 चौके भी जड़े और 963 रन बनाए हैं.

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जोस बटलर तीसरे नंबर के सिक्सर किंग

तीसरे स्थान पर इंग्लैंड के जोस बटलर हैं, जिन्होंने 27 मैच खेलकर 33 छक्के जड़े हैं. इन्होंने 144.48 की स्ट्राइक रेट से बैटिंग की है और छक्कों के साथ-साथ 69 चौके भी जड़े हैं. चौथे स्थान पर भारत के ही युवराज सिंह हैं, जिन्होंने 31 मैच में 28 इनिंग खेलकर 33 छक्के और 38 चौके जड़े हैं. हालांकि अब युवराज सिंह संन्यास ले चुके हैं. पांचवें स्थान पर शेन वाटसन हैं, जिन्होंने 24 मैच में 22 इनिंग खेलकर 31 छक्के और 41 चौके जड़े हैं.

क्रिस गेल का रिकाॅर्ड टूटना मुश्किल

अगर टाॅप फाइव बैटर के आंकड़ों को देखें तो यह कहना गलत नहीं होगा कि इस टी-20 विश्वकप में क्रिस गेल के छक्कों का रिकाॅर्ड टूटेगा इसकी संभावना बहुत ही कम है, क्योंकि 63 छक्कों और 35 छक्कों के बीच बड़ा गैप है, जहां तक पहुंचने के लिए अभी रोहित शर्मा को समय लगेगा. कम से कम एक दो विश्वकप का इंतजार तो करना ही पड़ेगा. हां इसमें कोई दो राय नहीं कि क्रिस गेल ने एक ऐसी लकीर खिंची है, जिससे लंबी लाइन खिंचना बहुत कठिक काम है.

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By Rajneesh anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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