काव्या मारन की टीम पर भड़के सुनील गावस्कर, अबरार अहमद को खरीदने पर उठाए सवाल

Sunil Gavaskar Angry: इंग्लैंड की द हंड्रेड लीग में काव्या मारन की टीम सनराइजर्स लीड्स ने पाकिस्तानी स्पिनर अबरार अहमद को खरीदा है. इस फैसले से भारत के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर काफी नाराज हैं. उन्होंने टीम मालिकों पर तीखा हमला करते हुए पूछा है कि क्या टूर्नामेंट जीतना भारतीयों की जान से ज्यादा जरूरी है.

Sunil Gavaskar Angry: इंग्लैंड की ‘द हंड्रेड’ लीग की नीलामी में सनराइजर्स लीड्स ने पाकिस्तानी स्पिनर अबरार अहमद को खरीदा है. इस फैसले पर भारत के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने बहुत गुस्सा जाहिर किया है. भारतीय मालिकाना हक वाली इस टीम ने अबरार को करीब 2.3 करोड़ रुपये में अपनी टीम में शामिल किया. इसके बाद सोशल मीडिया पर टीम का बहुत विरोध हुआ. गावस्कर ने इस फैसले को पूरी तरह गलत बताते हुए टीम के मालिकों से सीधे और तीखे सवाल पूछे हैं.

अबरार अहमद को खरीदने पर बवाल

रविवार को लंदन में हुई नीलामी में सनराइजर्स लीड्स ने अबरार अहमद पर दांव लगाया. सनराइजर्स लीड्स की मालकिन काव्या मारन हैं, जिनकी आईपीएल में सनराइजर्स हैदराबाद टीम भी है. अबरार को खरीदने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने इतना गुस्सा दिखाया कि टीम को अपना एक्स अकाउंट कुछ देर के लिए बंद करना पड़ा. 2008 के मुंबई हमलों के बाद से भारतीय टीमें पाकिस्तानी खिलाड़ियों को अपनी टीम में नहीं रखती हैं. ऐसे में यह फैसला फैंस को बिल्कुल पसंद नहीं आया.

गावस्कर ने मालिकों पर उठाए सवाल

सुनील गावस्कर ने अपने एक लेख में इस फैसले पर हैरानी जताई. उन्होंने कहा कि मुंबई हमलों के बाद से ही आईपीएल टीमों ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हमेशा दूरी बनाकर रखी है. ऐसे में किसी भारतीय मालिक वाली टीम का पाकिस्तानी खिलाड़ी को खरीदना समझ से बाहर है. गावस्कर ने तीखे शब्दों में पूछा कि क्या एक ऐसा टूर्नामेंट जीतना, जिसे कोई और देश नहीं खेलता, भारतीयों की जान से ज्यादा जरूरी है. यह फैसला सीधे तौर पर फैंस की भावनाओं को ठेस पहुंचाता है.

टैक्स के पैसे से आतंकवाद का डर

गावस्कर ने अपनी बात को समझाते हुए एक बड़ा कारण बताया. उन्होंने कहा कि जब किसी पाकिस्तानी खिलाड़ी को पैसे मिलते हैं, तो वह अपनी सरकार को टैक्स देता है. इस पैसे से उनकी सरकार हथियार खरीदती है, जिसका इस्तेमाल भारतीय सैनिकों और आम लोगों की जान लेने में होता है. उन्होंने पुलवामा और पहलगाम जैसे आतंकी हमलों की याद दिलाते हुए कहा कि इसी वजह से भारतीय कंपनियां पाकिस्तानी खिलाड़ियों और कलाकारों से दूर रहती हैं.

कोच विटोरी को नहीं है जानकारी

इस टीम के कोच न्यूजीलैंड के डेनियल विटोरी हैं. गावस्कर ने कहा कि विटोरी न्यूजीलैंड से आते हैं, इसलिए शायद वह भारत और पाकिस्तान के बीच के इस गंभीर मामले को न समझते हों. कोच अपनी टीम को मजबूत बनाने के लिए कुछ पाकिस्तानी खिलाड़ी चाह सकते हैं. लेकिन टीम के भारतीय मालिकों को इस हालात को अच्छे से समझना चाहिए था. मालिकों को पाकिस्तानी खिलाड़ी खरीदने से कोच को तुरंत रोकना चाहिए था.

विदेशी लीग होने के कारण BCCI चुप

इस पूरे विवाद पर बीसीसीआई का भी बयान सामने आया है. बोर्ड के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने साफ कर दिया है कि भारतीय क्रिकेट बोर्ड इस मामले में कुछ नहीं कर सकता. उनका कहना है कि यह एक विदेशी लीग का मामला है. विदेशी लीग में किस खिलाड़ी को लेना है और किसे नहीं, यह अंतिम फैसला पूरी तरह से वहां की टीम का ही होता है. लेकिन गावस्कर के कड़े बयान ने इस विषय पर बहस को और तेज कर दिया है.

ये भी पढ़ें-

टी20 वर्ल्ड कप के हीरो फरहान, जैक्स और शैडली; ICC प्लेयर ऑफ द मंथ की रेस में

क्या ट्रॉफी चोरी करोगे? बांग्लादेश से हार के टीम पर भड़के पूर्व पाक क्रिकेटर

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Aditya Kumar Varshney

आदित्य वार्ष्णेय एक अनुभवी खेल पत्रकार हैं, जो वर्तमान में कंटेंट राइटर के रूप में प्रभात खबर के साथ जुड़े हुए हैं. वह पिछले 5 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और स्पोर्ट्स बीट में गहरी पकड़ रखते हैं. आप क्रिकेट, फुटबॉल हॉकी, टेनिस और चेस जैसे खेलों पर लिखना पसंद करते हैं. आप मैच रिपोर्ट, विश्लेषणात्मक लेख, फीचर स्टोरी और एक्सप्लेनर आधारित कंटेंट तैयार करते हैं. आपने प्रभात खबर से पहले भारत समाचार में असिस्टेंट प्रोड्यूसर (आउटपुट विभाग) के रूप में काम किया है, वहीं स्टार स्पोर्ट्स में असिस्टेंट प्रोड्यूसर (क्रिकेट, हिंदी फीड) के तौर पर भी काम कर चुके हैं. आपके पास ब्रॉडकास्ट और डिजिटल दोनों प्लेटफॉर्म का मजबूत अनुभव है.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >