Happy Birthday Venkatesh Prasad : भारतीय टीम के पूर्व तेज गेंदबाज वेंकटेश प्रसाद आज अपना 54वां जन्मदिन मना रहे हैं. वेंकटेश आज यानी 5 अगस्त 1969 को बेंगलोर में पैदा हुए थे. वैसे तो वेंकटेश प्रसाद ने अपने करियर में भारत के लिए कई अहम मुकाबले खेले, लेकिन उन्हें 1996 वर्ल्ड कप में पाकिस्तानी खिलाड़ी आमिर सोहेल के साथ हुई नोक-झोंक लिए याद किया जाता है. जिसमें उन्होंने सोहेल को उन्हीं के अंदाज में जवाब देकर बोलती बंद कर दी थी. तो चलिए आपको बताते हैं आखिर क्या हुआ था उस मैच में.
भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबला हो तो रोमांच अपने चरम पर होता है. इनके बीच खेले जाने वाले मुकाबलों पर दुनियाभर के फैंस की नजरें रहती हैं. ऐसे में इतने हाई वोल्टेज मुकाबले में खिलाड़ियों के बीच नोक-झोंक होना मामूली बात है. ऐसा ही कुछ वर्ल्ड कप 1996 में हुआ था, जिसमें वेंकटेश प्रसाद और पाकिस्तानी खिलाड़ी आमिर सोहेल के बीच जुबानी जंग देखने को मिली थी.
1996 वर्ल्ड कप के दूसरे क्वार्टर फाइनल मैच में चिरप्रतिद्वंद्वी भारत और पाकिस्तान की टीमें आमने-सामने थीं. मैच में भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 287 रन बनाए थे. इसके बाद 288 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान को ओपनर आमिर सोहेल और सईद अनवर ने शानदार शुरूआत दिलाई. दोनों ने पहले 10 ओवरों में ही 84 रन बना डाले थे.
उस वक्त भारत के हाथों से वह मैच निकलता दिखा. इसी बीच अनवर आउट हो गए, लेकिन सोहेल ने भारतीय गेंदबाजों की पिटाई जारी रखी. उस दौरान भारतीय खिलाड़ी ही नहीं, मैदान में मौजूद फैंस भी तनाव में थे. आमिर सोहेल ने पारी के 15वें ओवर में वेंकटेश प्रसाद की गेंद पर चौका लगाया और बल्ले से प्रसाद को बॉउंड्री तरफ इशारा किया. मानो वो कह रहे हो कि वेंकी की जगह वहां है.
लेकिन इसपर वेंकटेश प्रसाद ने जुबान से नहीं बल्की, अगली ही गेंद पर आमिर सोहेल को क्लीन बोल्ड कर करारा जवाब दिया और सोहेल की तरफ आगे बढ़ते हुए उन्हें पवेलियन की ओर जाने का इशारा किया. इसके बाद तो वेंकटेश का जोश देखने लायक था. ‘सेंड ऑफ’ का वह तरीका उन्हें मशहूर कर गया. वहीं उस मैच में भारत ने पाकिस्तान को 39 रन से शिकस्त दी.
आंकड़ों की बात करें, तो वेंकटेश प्रसाद ने भारत के लिए 33 टेस्ट मुकाबले खेले, जिसमें 96 विकेट लिए. वहीं 161 वनडे मैचों में 196 विकेट अपने खाते में दर्ज किए. वहीं, 123 फर्स्ट क्लास मैच में उनके नाम 361 विकेट दर्ज हैं. वहीं, लिस्ट-ए क्रिकेट में भी उन्होंने 295 विकेट लिए.
वेंकटेश ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास के बाद कोचिंग में भी हाथ आजमाए. वो अंडर-19 टीम के कोच रहे और फिर कर्नाटक की रणजी ट्रॉफी टीम को भी कोचिंग दी थी. उन्हें 2007 में भारत के बांग्लादेश दौरे पर गेंदबाजी कोच बनाया गया था. इस दौरान भारत ने इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में जीत दर्ज की थी. हालांकि, 2009 में आईसीसी टूर्नामेंट में टीम इंडिया के खराब प्रदर्शन के बाद उन्हें पद से हटा दिया गया था.
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