World Cup: सौरव गांगुली की भविष्यवाणी, भारत की राह में ऑस्ट्रेलिया और अफ्रीका सबसे बड़ी बाधा

सौरव गांगुली ने कहा, भारत के लिए ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका सबसे बड़ी चुनौती होंगे. भारतीय क्रिकेट बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष ने कहा, ऑस्ट्रेलिया ने वास्तव में बहुत अच्छी वापसी की है और वह शानदार क्रिकेट खेल रहा है. उसकी न्यूजीलैंड के खिलाफ आज की जीत वास्तव में बेहद रोमांचक थी.

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World Cup: सौरव गांगुली की भविष्यवाणी, भारत की राह में ऑस्ट्रेलिया और अफ्रीका सबसे बड़ी बाधा

टीम इंडिया के सबसे सफल कप्तान और 2003 वर्ल्ड कप में फाइनल का सफर तय करने वाले दिग्गज खिलाड़ी सौरव गांगली ने टीम इंडिया को लेकर बड़ी भविष्यवाणी कर दी है. उन्होंने भारत की विजेता बनने की राह में ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका को सबसे बड़ी बाधा बता दिया है.

पांच बार के चैंपियन ऑस्ट्रेलिया ने भारत और दक्षिण अफ्रीका के हाथों पराजय झेलने के बाद लगातार चार मैच जीत कर शानदार वापसी की. वह अंक तालिका में अभी चोटी की चार टीम में शामिल है.

ईडन गार्डन्स में बांग्लादेश और नीदरलैंड मैच के दौरान सौरव गांगुली ने कहा, भारत के लिए ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका सबसे बड़ी चुनौती होंगे. भारतीय क्रिकेट बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष ने कहा, ऑस्ट्रेलिया ने वास्तव में बहुत अच्छी वापसी की है और वह शानदार क्रिकेट खेल रहा है. उसकी न्यूजीलैंड के खिलाफ आज की जीत वास्तव में बेहद रोमांचक थी.

गांगुली ने इंग्लैंड के खराब प्रदर्शन पर हैरानी भी जताई. उसने अभी तक पांच मैच में केवल एक मैच जीता है. इंग्लैंड का अगला मुकाबला रविवार को लखनऊ में भारत से होगा.

सौरव गांगुली ने कहा, मैंने कभी नहीं सोचा था कि इंग्लैंड इस तरह का प्रदर्शन करेगा लेकिन यही खेल है. जहां तक भारत की बात है तो वह मजबूत टीम है और अच्छा प्रदर्शन कर रही है लेकिन अभी चैंपियनशिप दूर की कौड़ी है. पहले उन्हें नॉकआउट चरण से आगे बढ़ना होगा.

सौरव गांगुली की कप्तानी में भारत 2003 वर्ल्ड कप के फाइनल तक पहुंचा था. लेकिन खिताबी भिड़ंत में ऑस्ट्रेलिया की टीम ने भारत को 125 रन से हरा दिया था और ट्रॉफी पर कब्जा कर लिया था. उस वर्ल्ड कप में सचिन तेंदुलकर ने शानदार प्रदर्शन किया था और सबसे अधिक रन बनाए थे, जिसके लिए उन्हें गोल्डन बैट से सम्मानित किया गया था.

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Published by: Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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