अगर ऐसा हुआ तो खत्म हो जाएगा जसप्रीत बुमराह का कैरियर! न्यूजीलैंड के पूर्व तेज गेंदबाज का दावा

Jasprit Bumrah: जसप्रीत बुमराह अपनी चोट की समस्या से इन दिनों परेशान हैं. ऑस्ट्रेलिया दौरे पर पीठ में हुई समस्या के कारण वे चैंपियंस ट्रॉफी स्क्वॉड का हिस्सा नहीं बन सके. अब न्यूजीलैंड के पूर्व तेज गेंदबाज शेन बॉन्ड (Shane Bond) ने दावा किया है कि उनका कैरियर खतरे में पड़ सकता है.

Jasprit Bumrah: भारतीय क्रिकेट टीम के स्पीड स्टार जसप्रीत बुमराह पिछले कुछ समय से क्रिकेट मैदान से दूर हैं. ऑस्ट्रेलिया दौरे पर सिडनी में खेले गए आखिरी टेस्ट मैच में बुमराह को पीठ में समस्या हो गई थी. बुमराह को इस चोट के कारण चैंपियंस ट्रॉफी स्क्वॉड से भी बाहर होना पड़ा है. बुमराह को लगातार चोट का सामना करना पड़ा है. इससे पहले उन्हें 2023 में पीठ में चोट के कारण समस्या की वजह से टीम से बाहर रहना पड़ा था. लगातार चोट की वजह से उनका कैरियर प्रभावित हो रहा है. इसी समस्या को लेकर न्यूजीलैंड के पूर्व तेज गेंदबाज शेन बॉन्ड ने चिंता जाहिर की है. बॉन्ड ने दावा किया है कि एक और चोट उनका क्रिकेट कैरियर समाप्त कर सकती है.  

न्यूजीलैंड के पूर्व तेज गेंदबाज शेन बॉन्ड (Shane Bond) के अनुसार जसप्रीत बुमराह को उसी स्थान पर एक और पीठ की चोट लगना “उनके करियर को खत्म कर सकता है”, जहां उन्होंने सर्जरी करवाई थी. मार्च 2023 में सर्जरी के बाद यह पहली बार है जब जसप्रीत बुमराह को पीठ में चोट लगी है. शेन बॉन्ड पहले भी बुमराह के साथ काम कर चुके हैं और कई वर्षों तक मुंबई इंडियंस के गेंदबाजी कोच रहे हैं. बॉन्ड ने कहा कि बुमराह के कार्यभार को सावधानीपूर्वक प्रबंधित करने की आवश्यकता है ताकि आगे किसी बड़े झटके से बचा जा सके. 

चैंपियंस ट्रॉफी (Champions Trophy) के दौरान ईएसपीएनक्रिकइंफो से चर्चा करते हुए बॉन्ड ने कहा था, “जब बुमराह सिडनी में स्कैन के लिए गए थे, तो कुछ खबरें आई थीं कि उन्हें मोच जैसी समस्या है. लेकिन मुझे डर था कि यह मोच नहीं बल्कि हड्डी की चोट हो सकती है. अगर ऐसा है, तो चैंपियंस ट्रॉफी में खेलना उनके लिए मुश्किल हो सकता है.” बॉन्ड की भविष्यवाणी सही साबित हुई क्योंकि बुमराह भारतीय टीम से बाहर ही थे. 

बुमराह और बॉन्ड की समान परिस्थितियां

बॉन्ड शायद इस सदी के पहले तेज गेंदबाज थे जिनकी पीठ की सर्जरी हुई थी. उन्होंने 29 साल की उम्र में सर्जरी करवाई थी, जो बुमराह की वर्तमान उम्र के लगभग बराबर है जब उन्होंने भी सर्जरी करवाई थी. लगातार चोटों के बावजूद बॉन्ड ने 34 साल की उम्र तक खेलना जारी रखा और फिर संन्यास का फैसला किया. 2010 में ‘द क्रिकेट मंथली’ के साथ एक साक्षात्कार में बॉन्ड ने कहा था, “अगर मैं प्रथम श्रेणी क्रिकेट में लगातार कुछ मैच खेलता तो मैं फिर से चोटिल हो जाता. रिहैब प्रक्रिया से मैं तंग आ गया था.”

टी20 से टेस्ट क्रिकेट में बदलाव का जोखिम

बॉन्ड ने तेज गेंदबाजों के लिए टी20 से टेस्ट क्रिकेट में बदलाव के खतरों पर भी बात की. उन्होंने कहा कि बुमराह के लिए यह सबसे बड़ी चुनौती होगी, क्योंकि भारत जून में इंग्लैंड के खिलाफ पांच टेस्ट मैचों की सीरीज खेलेगा. यह सीरीज 25 मई को आईपीएल समाप्त होने के एक महीने बाद शुरू होगी. बॉन्ड ने कहा, “मुझे लगता है कि बुमराह ठीक हो जाएगा, लेकिन कार्यभार प्रबंधन जरूरी है. उसे आराम देने के मौके कहां हैं, यह समझना होगा. सबसे ज्यादा खतरा आईपीएल से सीधे टेस्ट क्रिकेट में जाने के दौरान रहेगा.”

उन्होंने कहा, “टी20 से टेस्ट क्रिकेट में बदलाव कठिन होता है. वनडे श्रृंखला खेलते हुए खिलाड़ी को सामान्य रूप से सप्ताह में तीन मैच खेलने होते हैं, जिससे खिलाड़ी 40 ओवर के करीब गेंदबाजी कर लेता है. लेकिन टी20 में, खासकर आईपीएल में, आप एक हफ्ते में तीन मैच खेलते हैं, दो दिन सफर करते हैं और मुश्किल से 20 ओवर ही गेंदबाजी कर पाते हैं. यह टेस्ट मैच के आधे ओवर से भी कम है. इससे टेस्ट क्रिकेट में अचानक बदलाव एक बड़ी चुनौती हो सकती है.”

इंग्लैंड दौरे का कार्यभार प्रबंधन जरूरी

इंग्लैंड दौरे के लिए भारत का कार्यक्रम काफी व्यस्त है. 28 जून से 3 अगस्त के बीच भारत को इंग्लैंड के खिलाफ पांच टेस्ट खेलने हैं. बॉन्ड ने कहा कि भारत बुमराह से उसी तरह का कार्यभार नहीं ले सकता, जैसा उसने 2024-25 के ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान लिया था. ऑस्ट्रेलिया दौरे में बुमराह ने मेलबर्न में बॉक्सिंग डे टेस्ट में 52 ओवर सहित नौ पारियों में 151.2 ओवर फेंके थे. यह एक टेस्ट में उनके द्वारा फेंके गए सबसे अधिक ओवर थे.

बॉन्ड ने कहा, “मैं नहीं चाहूंगा कि बुमराह एक बार में लगातार दो से अधिक टेस्ट मैच खेलें. वह भारत के लिए बहुत मूल्यवान खिलाड़ी हैं. इसलिए इंग्लैंड में पांच टेस्ट मैचों की श्रृंखला में मैं उन्हें लगातार दो से ज्यादा टेस्ट नहीं खिलाऊंगा. आईपीएल के आखिरी चरण से निकलकर सीधे टेस्ट क्रिकेट में उतरना बहुत बड़ा जोखिम होगा.” बॉन्ड ने आगे कहा, “अगर भारत चाहता है कि बुमराह इंग्लैंड दौरे पर सभी पांच टेस्ट खेलें, तो उन्हें सावधानीपूर्वक योजना बनानी होगी. अगर वह एक और चोट के शिकार होते हैं, तो यह उनके करियर के लिए बहुत बड़ा झटका हो सकता है. हो सकता है कि वह फिर से सर्जरी न करवा पाएं.”

इस साल सिडनी में नए साल के टेस्ट के दूसरे दिन दोपहर में स्कैन के लिए जाने के बाद से बुमराह ने कोई मैच नहीं खेला है. पहले बताया गया था कि पीठ में ऐंठन है, लेकिन बाद में पता चला कि यह तनाव से जुड़ी चोट है, जिसके कारण उन्हें चैंपियंस ट्रॉफी से बाहर होना पड़ा . बुमराह फिलहाल बेंगलुरु में बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में रिहैब कर रहे हैं और अभी तक इस बात पर कोई स्पष्टता नहीं है कि वह कब पूरी तरह से फिट होंगे या आईपीएल 2025 में मुंबई इंडियंस (एमआई) के लिए खेलेंगे या नहीं .

बॉन्ड की सलाह

भारतीय घरेलू सत्र समाप्त हो चुका है, ऐसे में इंग्लैंड दौरे से पहले आईपीएल ही बुमराह के लिए एकमात्र प्रतिस्पर्धी श्रृंखला होगी. बॉन्ड ने कहा कि आईपीएल बुमराह के लिए चुनौतीपूर्ण होगा, लेकिन गेंदबाजी की तीव्रता के आधार पर जोखिम हमेशा रहेगा. बॉन्ड ने कहा कि बुमराह के लिए यह भी जरूरी है कि वह भारतीय टीम प्रबंधन के साथ मिलकर अपने कार्यभार का संतुलन बनाए. उन्होंने कहा, “इसका समाधान एक अच्छे प्रबंधन और खिलाड़ी के साथ खुली बातचीत से ही निकलेगा. किसी भी खिलाड़ी के लिए खेलना जरूरी होता है, लेकिन जोखिम को समझते हुए निर्णय लेना जरूरी है.”

बॉन्ड ने सलाह दी कि बुमराह को इंग्लैंड दौरे पर लगातार दो से अधिक टेस्ट में नहीं खेलना चाहिए. उन्होंने कहा, “वे कह सकते हैं कि चार टेस्ट खेलें या तीन. अगर हम उसे इंग्लिश समर के माध्यम से फिट रख सकते हैं, तो वह बाकी प्रारूपों में भी योगदान दे सकता है. लेकिन अगर उसे फिर से चोट लगी, तो इससे उसका करियर खतरे में पड़ सकता है.” बॉन्ड ने कहा कि बुमराह भारत के सबसे बेहतरीन गेंदबाजों में से एक हैं और उन्हें लंबे समय तक फिट रखने के लिए भारतीय टीम प्रबंधन को उनके कार्यभार का सावधानीपूर्वक प्रबंधन करना होगा.

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