एमएस धोनी का ऐसा रिकॉर्ड जो 18 साल बाद भी नहीं टूटा, आज ही के दिन श्रीलंका को चटाया था धूल

18 साल पहले महेंद्र सिंह धोनी ने आज ही के दिन एक ऐसा कारनामा कर दिखाया था, जिसे आज तक कोई नहीं तोड़ पाया. धोनी ने आज ही के दिन यानी 31 अक्टूबर 2005 को जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में श्रीलंका के खिलाफ 183 रनों की नाबाद पारी खेली थी.

वर्ल्ड कप 2023 के बीच भारतीय टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की जमकर चर्चा हो रही है. भारत को दूसरी बार वर्ल्ड चैंपियन बनाने वाले धोनी आये दिन मीडिया की सुर्खियों में रहते हैं. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एमएस धोनी ने कई ऐसे रिकॉर्ड्स बनाए हैं, जिसे आज तक कोई नहीं तोड़ पाया है.

18 साल पहले महेंद्र सिंह धोनी ने आज ही के दिन एक ऐसा कारनामा कर दिखाया था, जिसे आज तक कोई नहीं तोड़ पाया. धोनी ने आज ही के दिन यानी 31 अक्टूबर 2005 को जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में श्रीलंका के खिलाफ 183 रनों की नाबाद पारी खेली थी. जिसमें उन्होंने 145 गेंदों का सामना किया था और 15 चौके व 10 छक्के जमाए थे. उन्होंने उस मुकाबले में 126.20 के स्ट्राइक रेट से रन बनाया था.

धोनी ने 183 रनों की विस्फोटक पारी खेलकर भारतीय टीम को जीत दिलाया था. उस मुकाबले में श्रीलंका ने 50 ओवर में 4 विकेट के नुकसान पर 298 रन बनाया था. जिसके जवाब में भारत ने धोनी की शतकीय पारी के दम पर 46.1 ओवर में ही चार विकेट खोकर 303 रन बनाकर मुकाबला जीत लिया था.

धोनी विकेटकीपर बल्लेबाज के रूप में वनडे में सबसे बड़ी पारी खेलने वाले दुनिया के पहले खिलाड़ी हैं. उन्होंने उस समय ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज खिलाड़ी एडम गिलक्रिस्ट का रिकॉर्ड तोड़ा था. गिलक्रिस्ट ने बतौर विकेटकीपर बल्लेबाज वनडे में 172 रनों की पारी खेली थी.

वर्ल्ड कप 2023 में टूटते-टूटते बचा था धोनी का रिकॉर्ड

मौजूदा वर्ल्ड कप में एक मैच में ऐसा लगा था कि महेंद्र सिंह धोनी का 18 साल पुराना रिकॉर्ड टूट जाएगा. दरअसल वर्ल्ड कप के 23वें मैच में बांग्लादेश के खिलाफ दक्षिण अफ्रीका के विकेट कीपर बल्लेबाज डी कॉक ने 174 रनों की तूफानी पारी खेली थी. अपनी पारी में डी कॉक ने 140 गेंदों का सामना किया था, जिसमें 15 चौके और 7 छक्के उड़ाये थे.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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