जो रूट से नजदीकियों ने बदल दिया यशस्वी का नाम, संगाकारा ने बताया कैसे बुलाते थे RR के साथी

Kumar Sangakkara Reveals Yashasvi Jaiswal name in Rajasthan Royals: यशस्वी जायसवाल ने भारतीय टेस्ट टीम में अपनी युवा उम्र के बावजूद बेहतरीन बल्लेबाजी से जिम्मेदारी निभाई है. 2024 में उन्होंने सिर्फ 4 टेस्ट में 1312 रन बनाए, जबकि जो रूट ने 17 मैचों में 1556 रन बनाए थे. कुमार संगाकारा ने खुलासा किया कि रूट के करीब रहने के कारण राजस्थान रॉयल्स में जायसवाल को अलग नाम दिया गया था.

Kumar Sangakkara Reveals Yashasvi Jaiswal name in Rajasthan Royals: यशस्वी जायसवाल वर्तमान भारतीय टेस्ट क्रिकेट टीम में दूसरे सबसे युवा क्रिकेटर हैं. लेकिन बल्लेबाजी का दारोमदार उन्होंने बखूबी अपने कंधे पर उठाया. उत्तर प्रदेश के भदोही जिले से लेकर मुंबई और फिर भारत की राष्ट्रीय टीम तक का कठिन सफर उन्होंने बेहतरीन तरीके से जिया. टेस्ट क्रिकेट में उनकी शानदार बल्लेबाजी का आलम ऐसा रहा कि 2024 में वे दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे. उन्होंने 4 मैचों में 1312 रन बनाए, जबकि उनसे ऊपर जो रूट (Joe Root) रहे. इंग्लैंड के इस दिग्गज बल्लेबाज ने 17 मैचों में 1556 रन बनाए थे. दोनों ही खिलाड़ियों के बीच नजदीकी केवल रनों के मामले में ही नहीं बल्कि व्यक्तिगत स्तर पर भी है. दिग्गज श्रीलंकाई क्रिकेटर कुमार संगाकारा ने हाल ही खुलासा किया कि यशस्वी जायसवाल को क्या उपनाम दिया गया था.

जो रूट और यशस्वी जायसवाल दोनों ही राजस्थान रॉयल्स में एक साथ खेल हैं. स्काई स्पोर्ट्स पर माइकल एथरटन के साथ यशस्वी की तकनीक का विश्लेषण करते हुए संगाकारा ने बताया कि इंग्लिश बल्लेबाज जो रूट के राजस्थान रॉयल्स में रहने के दौरान जायसवाल उनके कितने करीब थे और कैसे वह रूट से क्रिकेट से लेकर जिंदगी तक के हर पहलू पर सवाल किया करते थे. संगाकारा ने कहा, “जो रूट राजस्थान रॉयल्स में हमारे साथ थे, और हम जायसवाल को ‘जोस्वाल’ कहकर बुलाते थे क्योंकि वह कभी जो के पास से हटता ही नहीं था, और रूट सबकुछ आत्मसात कर रहे थे. 

संगाकारा ने आगे कहा, “वो सिर्फ टी20 की बातें नहीं कर रहे थे, वो हर चीज पर चर्चा करते थे, चाहे वह क्रिकेट हो या जिंदगी. जायसवाल हर रात चार घंटे तक उनके बगल में बैठा रहता था, या तो सवालों की बौछार करता था या फिर मुंह खोले चुपचाप रूट की बातें सुनता रहता था. रूट हमारे ड्रेसिंग रूम के माहौल में एकदम शानदार थे और यशस्वी ने उनसे बहुत कुछ सीखा है. यही यशस्वी की एक और खासियत है वह बहुत तेजी से सीखता है और सीखना चाहता है.”

‘उसे विदेश में रन बनाने की भूख है’

जब माइकल एथरटन ने संगाकारा से पूछा कि 23 वर्षीय जायसवाल कितने अच्छे खिलाड़ी हैं, तो पूर्व श्रीलंकाई कप्तान ने जवाब दिया, “सबसे आसान तरीका है कि आप उसके आंकड़ों को देखें और वे वाकई शानदार हैं. किसी भी युवा क्रिकेटर के लिए अगर यही उसकी बुनियाद है, तो आप जान जाते हैं कि वह सिर्फ तकनीकी रूप से नहीं, बल्कि मानसिक रूप से भी बेहद मजबूत है. उसमें वो भूख है जो उसे उसके उम्र के दूसरे खिलाड़ियों से अलग बनाती है. उसके नाम डेब्यू सेंचुरी है और वह शायद विनोद कांबली और सर डॉन ब्रैडमैन के बाद दो दोहरे शतक लगाने वाला तीसरा सबसे युवा खिलाड़ी है. उसे विदेश में रन बनाने की भूख है, वह हर परिस्थिति में बल्लेबाजी करता है, तो वह इस समय बेहद, बेहद शानदार खिलाड़ी है.

इंग्लैंड के खिलाफ खेली शानदार पारी

21 मैचों की 39 पारियों में 1990 रन बनाने वाले यशस्वी जायसवाल ने भारत और इंग्लैंड के बीच खेले गए दूसरे टेस्ट मैच में एकबार फिर शानदार शुरुआत दी. इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज के पहले मैच के शतकवीर जायसवाल शतक से चूक गए, लेकिन 87 रनों की पारी खेलकर उन्होंने भारत को शानदार शुरुआत दी. टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी टीम इंडिया के कप्तान शुभमन गिल ने दोहरा शतक जड़ते हुए इतिहास रचा. गिल के 269 रन, रवींद्र जडेजा के 89 और वाशिंगटन सुंदर के 42 रनों की बदौलत भारत ने 587 रन पर अपनी पारी समाप्त की. जिसके जवाब में इंग्लैंड ने दिन का खेल समाप्त होने तक 77 रन पर 3 विकेट गंवा दिए. 

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उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

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