‘भारतीयों ने इंग्लैंड को किया मालामाल’, 48,44,31,65,750 रुपये खर्च कर इस क्रिकेट लीग में किया निवेश

The Hundred: इंडियन प्रीमियर लीग की चार फ्रेंचाइजी और भारतीय टेक दिग्गजों ने इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड के द हंड्रेड में टीम में हिस्सेदारी खरीदी है. इसके लिए दोनों महारथियों ने मिलकर 48,44,31,65,750 रुपये निवेश किए हैं.

The Hundred: आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहे इंग्लैंड के काउंटी क्रिकेट क्लबों को एक महत्वपूर्ण राहत मिलने जा रही है. इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) ने ‘द हंड्रेड’ लीग की आठ टीमों में हिस्सेदारी बेचकर 975 मिलियन पाउंड की भारी-भरकम राशि जुटाने में सफलता हासिल की है. इस सौदे में चार प्रमुख इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) टीमों सहित अन्य अंतरराष्ट्रीय निवेशकों की भागीदारी रही है, जो इंग्लिश क्रिकेट के भविष्य को सशक्त बनाने में सहायक सिद्ध हुई है.

ईसीबी ने ‘द हंड्रेड’ लीग की टीमों में निजी निवेश और विशेषज्ञता को शामिल करने के लिए व्यापक रणनीति अपनाई. इस योजना के तहत, बोर्ड ने आठ निवेशकों के साथ विशेष समझौता किया, जिसके माध्यम से इन टीमों में निवेश की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया गया. इस पहल का मुख्य उद्देश्य इंग्लिश क्रिकेट को वित्तीय मजबूती प्रदान करना और जमीनी स्तर पर क्रिकेट के विकास को प्रोत्साहित करना है.

आईपीएल टीमों का प्रभावशाली निवेश

इंडियन प्रीमियर लीग की चार प्रमुख फ्रेंचाइज़ियों ने इस सौदे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. इन टीमों ने ‘द हंड्रेड’ लीग की आठ में से चार टीमों में संपूर्ण स्वामित्व (हिस्सेदारी) खरीद लिया है. निवेश करने वाली कंपनियां मुंबई इंडियंस (MI), दिल्ली कैपिटल्स (Delhi Capitals), लखनऊ सुपर जाइंट्स (LSG), सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) रहीं. इन चार फ्रेंचाइज़ियों ने संयुक्त रूप से लगभग 300 मिलियन पाउंड का निवेश किया है, जो कुल मूल्यांकन का लगभग 30 प्रतिशत है.

भारतीय टेक दिग्गजों ने भी लगाया भरपूर पैसा अन्य प्रमुख निवेशक

आईपीएल टीमों के अलावा, इस निवेश में भारतीय टेक दिग्गजों ने भी भाग लिया है. इसमें क्रिकेट इंवेस्टर होल्डिंग्स लिमिटेड नामक समूह विशेष रूप से उभरकर सामने आया है, जिसने लंदन स्पिरिट्स टीम की सह-मालिकियत हासिल की है. इसमें सत्या नडेला (मुख्य कार्यकारी अधिकारी, माइक्रोसॉफ्ट), सुंदर पिचाई (मुख्य कार्यकारी अधिकारी, गूगल), शांतनु नारायण (मुख्य कार्यकारी अधिकारी, एडोब), सत्यन गजवानी (सह-संस्थापक, मेजर लीग क्रिकेट) शामिल हैं. इस समूह ने लंदन स्पिरिट्स टीम में हिस्सेदारी खरीदने के लिए 144.5 मिलियन पाउंड का निवेश किया है.

यदि आईपीएल और टेक महारथियों के पैसे को जोड़ा जाए तो यह रकम कुल 444.5 मिलयन पाउंड होता है. एक्सचेंज रेट के मुताबिक 1 पाउंड में कुल 109 के रुपये के लगभग वर्तमान मूल्य है. ऐसे में अगर कुल निवेश किए गए रुपये को भारतीय मुद्रा में देखा जाए तो यह रकम 48 अरब रुपये से ज्यादा की होती है.

इंग्लिश क्रिकेट के विकास के लिए निवेश की रणनीति

ईसीबी ने इस 975 मिलियन पाउंड की राशि का एक बड़ा हिस्सा इंग्लिश क्रिकेट के बुनियादी ढांचे और विकास योजनाओं में निवेश करने की योजना बनाई है. जिसमें 520 मिलियन पाउंड काउंटी क्रिकेट, जमीनी स्तर और मनोरंजक क्रिकेट के विकास के लिए खर्च किए जाएंगे. 50 मिलियन पाउंड विशेष रूप से जमीनी स्तर और युवा क्रिकेट को बढ़ावा देने के लिए निर्धारित किए जाएंगे, जबकि 470 मिलियन पाउंड – इंग्लैंड की 18 काउंटी क्रिकेट टीमों के लिए आवंटित किए जाएंगे. विशेष रूप से, उन काउंटी क्लबों को अधिक वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी जो ‘द हंड्रेड’ लीग की टीमों का हिस्सा नहीं हैं और उनके पास कोई टीम नहीं है, ताकि इंग्लिश क्रिकेट की पारंपरिक संरचना को संतुलित रखा जा सके.

इस ऐतिहासिक सौदे से इंग्लैंड में क्रिकेट के विकास को एक नई दिशा मिलने की संभावना है. आईपीएल टीमों और अन्य अंतरराष्ट्रीय निवेशकों की भागीदारी से ‘द हंड्रेड’ लीग को आर्थिक मजबूती मिलेगी, जिससे इंग्लिश काउंटी क्लबों को स्थिरता प्राप्त होगी. इसके अलावा, जमीनी स्तर पर क्रिकेट को बढ़ावा देने के लिए इस निवेश का उपयोग किया जाएगा, जिससे इंग्लैंड में नई प्रतिभाओं को उभरने का अवसर मिलेगा. ईसीबी की यह रणनीति इंग्लिश क्रिकेट के भविष्य को एक मजबूत आर्थिक आधार देने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकती है.

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भाषा के इनपुट के साथ.

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