IND vs ENG Test Series: गुलाबी गेंद से अलग तरह की चुनौती, मिलता है ज्यादा स्विंग, इंग्लैंड के स्पिनर लीच ने कही यह बात

India vs Australia Test Series अहमदाबाद : इंग्लैंड के स्पिनर जैक लीच (Jack Leach) ने कहा कि वह नयी भूमिका के लिए तैयार हैं, क्योंकि भारत के खिलाफ पहले दो टेस्ट मैचों में धीमी गति के गेंदबाजों का दबदबा रहने के बाद गुलाबी गेंद (Pink Ball) से खेले जाने वाले दिन रात्रि टेस्ट मैच (Day Night Test Match) में तेज गेंदबाजों की भूमिका अहम हो सकती है. चार मैचों की श्रृंखला अभी 1-1 से बराबर है. तीसरा टेस्ट मैच मोटेरा के सरदार पटेल स्टेडियम में बुधवार से खेला जायेगा.

  • 24 फरवरी से अहमदाबाद में शुरू होगा डे-नाइट टेस्ट मैच

  • लाल गेंद की तुलना में गुलाबी गेंद से मिलती है ज्यादा स्विंग

  • इंग्लैंड के स्पिनर जैक लीच को अलग भूमिका की उम्मीद

India vs Australia Test Series अहमदाबाद : इंग्लैंड के स्पिनर जैक लीच (Jack Leach) ने कहा कि वह नयी भूमिका के लिए तैयार हैं, क्योंकि भारत के खिलाफ पहले दो टेस्ट मैचों में धीमी गति के गेंदबाजों का दबदबा रहने के बाद गुलाबी गेंद (Pink Ball) से खेले जाने वाले दिन रात्रि टेस्ट मैच (Day Night Test Match) में तेज गेंदबाजों की भूमिका अहम हो सकती है. चार मैचों की श्रृंखला अभी 1-1 से बराबर है. तीसरा टेस्ट मैच मोटेरा के सरदार पटेल स्टेडियम में बुधवार से खेला जायेगा.

लीच जानते हैं कि गुलाबी गेंद से उनकी भूमिका बदल सकती है. गुलाबी गेंद पारंपरिक लाल गेंद की तुलना में अधिक मूव करती है. लीच ने स्काई स्पोर्ट्स पर लिखा, ‘हम परिस्थितियों से सामंजस्य बिठाना चाहते हैं. हम ऐसा महसूस कर रहे हैं कि हमारी टीम सभी चुनौतियों के लिए तैयार है और इसलिए अगर गेंद मूव करती है तो यह रोमांचक टेस्ट मैच होगा और इससे मेरी भूमिका थोड़ी बदल सकती है.’

उन्होंने कहा, ‘मैं निश्चित तौर पर इसके बारे में सोच रहा हूं. यह अलग तरह की चुनौती होगी और मैं इसके लिए तैयार रहूंगा.’ इंग्लैंड की तैयारियों के बारे में लीच ने कहा, ‘हमने दूधिया रोधनी में अच्छा अभ्यास किया जो सांध्य बेला में शुरू हुआ था. मुझे दिन रात्रि मैचों में खेलने का अधिक अनुभव नहीं है लेकिन मैंने सुना है कि सांध्य बेला में बल्लेबाजी करना मुश्किल हो सकता है.’

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उन्होंने कहा, ‘गुलाबी गेंद लाल गेंद की तुलना में अधिक स्विंग करती है. अभी तो पिच को देखकर यह लग रहा है कि उस पर थोड़ी घास होगी. वे सारी घास काट सकते हैं और तब यह पूरी तरह से भिन्न नजर आयेगी. अगर यह जीवंत विकेट रहता है तो इसमें गेंद कम स्पिन होगी लेकिन अगर विकेट पिछले मैच जैसा होगा तो फिर यह मायने नहीं रखेगा कि गेंद किस रंग की है. यह स्पिन लेगी.’

Posted By: Amlesh Nandan.

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