भारत का पलड़ा भारी, लेकिन सुपर 8 में जिम्बाब्वे कर सकता है खेला

Ind vs Zim T20 World Cup : टी–20 विश्वकप के सुपर 8 के मुकाबले में सूर्यकुमार यादव के सामने बड़ी चुनौती होगी बड़ा उलटफेर करने वाली जिम्बाब्वे की टीम को रोकना. दक्षिण अफ्रीका से मैच हारने के बाद भारत को किसी भी हाल में अपने दोनों मैच जीतने हैं, तभी वो सेमीफाइनल खेल पाएगा.

Ind vs Zim T20 World Cup : भारत और जिम्बाब्वे के बीच गुरुवार को शाम सात बजे से सुपर 8 का मुकाबला खेला जाना है. यह मैच दोनों ही टीमों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है. इसकी वजह यह है कि टी–20 विश्वकप में आगे का सफर जारी रखने के लिए भारत और जिम्बाब्वे दोनों को ही मैच जीतना होगा.

साउथ अफ्रीका ने भारत के लिए परेशानी खड़ी की

सुपर 8 के पहले मुकाबले में भारत को दक्षिण अफ्रीका से हार मिली जिसकी वजह से उसे सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए किसी भी कीमत पर अपने बाकी बचे दोनों मैच जीतने होंगे. भारत का दूसरा मुकाबला जिम्बाब्वे से 26 फरवरी को चेन्नई में खेला जाएगा, जबकि तीसरा मैच एक मार्च को वेस्ट इंडीज के साथ होना है. भारत और वेस्ट इंडीज दोनों के सामने भारत मजबूत स्थिति में दिखता है, लेकिन जिम्बाब्वे की टीम बड़ा उलट–फेर करने में सक्षम है. ग्रुप में वेस्टइंडीज की टीम अभी रनरेट के हिसाब से टाॅप पर है. उसने जिम्बाब्वे को हराया है और रनरेट के हिसाब से वह दक्षिण अफ्रीका से ऊपर है. इस वजह से भारत को उसे 1 मार्च के मैच में शिकस्त देनी ही होगी.

भारत का पलड़ा भारी, लेकिन जिम्बाब्वे को कम आंकना भूल

भारत और जिम्बाब्वे के बीच अबतक कुल 13 टी–20 मैच खेले गए हैं. आंकड़ों की बात करें, तो भारत ने 10 और जिम्बाब्वे ने अबतक 3 मैच जीते हैं. इन दोनों टीमों के बीच एक भी मैच ऐसा नहीं खेला गया है, जिसका परिणाम ना आया हो या मैच टाई रहा हो. इसमें कोई दो राय नहीं है कि भारत का पलड़ा भारी है, लेकिन जिम्बाब्वे की टीम को भी कम करके नहीं आंका जा सकता है, क्योंकि इस टीम ने कई बार बड़ा उलटफेर किया है.

2024 के सीरीज को भारत ने 4–1 से जीता था

भारत और जिम्बाब्वे के हालिया प्रदर्शन को देखें तो 2024 में पांच मैच खेले गए थे, जिनमें से 4 भारत ने और 1 मैच जिम्बाब्वे ने जीता था. भारत की टीम अभी जिस तरह का प्रदर्शन करती आ रही है, उसमें प्रतीत तो यही होता है कि भारत मैच जीतेगा, लेकिन किसी बड़े उलटफेर से इनकार नहीं किया जा सकता है.

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By Rajneesh Anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

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रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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