Ind vs Eng : क्या दूसरे टी20 में वैभव सूर्यवंशी को मिलेगा मौका? सैमसन के फॉर्म की वजह से बढ़ी डिमांड

Vaibhav Suryavanshi debut : भारतीय क्रिकेट का होनहार बच्चा वैभव सूर्यवंशी अभी टी20 क्रिकेट में अपने डेब्यू का इंतजार कर रहा है. 4 जुलाई को भारत और इंग्लैंड के बीच मुकाबला होना है, उम्मीद है कि वैभव को उस मैच में डेब्यू का मौका मिल जाए, क्योंकि संजू का प्रदर्शन लगातार खराब चल रहा है.

Vaibhav Suryavanshi debut : वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू की बढ़ती मांग के बीच इंग्लैंड के खिलाफ शनिवार को दूसरे टी20 मैच में संजू सैमसन पर अच्छे प्रदर्शन का दबाव रहेगा जो इस दौरे पर लगातार नाकाम साबित हो रहे हैं. पहला मैच बारिश के कारण रद्द हो गया था जिसमें भारत ने अभिषेक शर्मा और कप्तान श्रेयस अय्यर के अर्धशतकों की मदद से सात विकेट पर 189 रन बनाये थे . अगले कुछ मैचों में फोकस सैमसन पर रहेगा कि वह सूर्यवंशी को डेब्यू का मौका दिये जाने की बढ़ती मांग के बीच अपनी उपयोगिता साबित कर पाते हैं या नहीं .

सूर्यवंशी को रोकना अब मुश्किल

सैमसन का प्रदर्शन अगर इसी तरह का रहा तो वैभव सूर्यवंशी को रोकना असंभव होगा क्योंकि उनकी प्रतिभा असाधारण है. अब सैमसन के लिए गलती की कोई गुंजाइश नहीं रह गई है. ऐसे में टी20 विश्व कप का शानदार प्रदर्शन भी टीम में उनकी जगह की गारंटी नहीं हो सकता है. अभिषेक शर्मा ने पिछले तीन मैचों में से दो में 49 और 59 रन बना लिये हैं जिससे सारा दबाव अब सैमसन पर है.बारिश के कारण रद्द हुए पहले मैच में सैमसन ने सात गेंद में एक रन बनाया था और एक बार भी नहीं लगा कि वह आक्रामक खेलने के मूड में हैं . सीम लेती पिचों पर तकनीक के मामले में उनकी कमजोरी सामने आती है . राजस्थान के टोंक के रहने वाले आयरलैंड के गुमनाम से तेज गेंदबाज जय मूंदड़ा ने उनकी कमजोरी का फायदा उठाकर उनका विकेट लिया था.

वैभव को लेकर कोई हड़बड़ी नहीं दिखाना चाहता है टीम मैनेजमेंट

टीम प्रबंधन 15 वर्ष के सूर्यवंशी को लेकर कोई हड़बड़ी नहीं करना चाहता लेकिन अगले कुछ मैचों में उन्हें नहीं उतारा गया तो इस फैसले पर सवाल उठने तय हैं .सैमसन के अलावा तिलक वर्मा को भी मध्यक्रम में तेज खेलना होगा. स्पिनरों के आने के बाद वह तेजी से रन नहीं बना पाते हैं. इस साल 12 टी20 में वह सिर्फ 12 छक्के लगा सके हैं और एक फिनिशर के लिये यह खराब आंकड़ा है. स्पिनरों की मददगार ओल्ड ट्रैफर्ड की पिच पर गेंदबाजी में किसी बदलाव की संभावना नहीं है .इंग्लैंड के पास कप्तान हैरी ब्रूक, फिल साल्ट और टॉम बेंटोन जैसे शानदार बल्लेबाज हैं. इस मैच से पहले हालांकि एक ही यक्षप्रश्न क्रिकेटप्रेमियों के जेहन में है कि सूर्यवंशी को मौका मिलेगा या नहीं?

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By Rajneesh Anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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