IND vs AUS: रोहित शर्मा थे नर्वस! ऑस्ट्रेलियाई संसद में भाषण देते समय अ..आ.. की भरमार, जनता लेने लगी मौज

IND vs AUS: भारतीय टीम को कल 30 नवंबर से ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एकादश (Prime Minister’s XI) के खिलाफ दो दिन का अभ्यास मैच खेलना है. इससे पहले टीम इंडिया को ऑस्ट्रेलियाई संसद में सम्मान के लिए बुलाया गया. इस दौरान कप्तान रोहित ने संसद में भाषण दिया, जिसमें वे ऑस्ट्रेलियाई जनता का खेल के प्रति सम्मान को सराहते नजर आए. लेकिन अपने संबोधन के दौरान रोहित शर्मा (Rohit Sharma) ने कई बार ठहराव लिया, जिसको सोशल मीडिया पर नोटिस किया गया और लोगों ने इस पर कमेंट करना शुरू कर दिया.

IND vs AUS: पांच मैचों की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी का पहला टेस्ट जीतकर भारतीय टीम कैनबरा पहुंच चुकी है. टीम इंडिया को यहां 2 दिन का अभ्यास मैच खेलना है. प्रधानमंत्री एकादश के खिलाफ दिन रात का यह मुकाबला गुलाबी गेंद से खेला जाएगा. इस मैच से पहले भारत और ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम को ऑस्ट्रेलिया की संसद में स्वागत समारोह के लिए आमंत्रित किया गया. ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथोनी अल्बनीजी से मुलाकात के दौरान भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने भारतीय टीम को उनसे रूबरू करवाया. अल्बनीज ने इस दौरान पर्थ टेस्ट में टीम की जीत के नायक रहे जसप्रीत बुमराह और विराट कोहली की प्रशंसा की. इसके बाद रोहित ने ऑस्ट्रेलियन संसद में अपना संबोधन भी दिया.

कप्तान रोहित ने ऑस्ट्रेलियाई संसद में अपने भाषण में कहा, “भारत और ऑस्ट्रेलिया के संबंध क्रिकेट और लोगों को लेकर काफी बढ़िया रहे हैं. हम इस देश में सालों से क्रिकेट खेलने आते रहे हैं. ऑस्ट्रेलिया के लोग और यहां की संस्कृति ने हमें खूब लुभाया है. ऑस्ट्रेलिया में क्रिकेट खेलना हमेशा से काफी चुनौतीपूर्ण रहा है. हमने ऑस्ट्रेलिया में पिछले हफ्ते सफलता पाई है और टेस्ट जीता है. हम इसी लय को बरकरार रखना चाहेंगे,  साथ ही यहां के माहौल का आनंद लेना चाहते हैं. मैं उम्मीद करता हूं हम अगले मैचों में भारत और ऑस्ट्रेलियाई फैंस का भरपूर मनोरंजन कर पाएंगे. यहां आना सम्मान की बाद है.” रोहित ने ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री को धन्यावाद कहते हुए अपनी बात समाप्त की. 

Rohit sharma in australian parliament. Image: social media/x

भाषण में 33 बार रही अ.. आ.. की भरमार

रोहित के भाषण के वीडियो को rushiii_12 नाम के एक्स यूजर ने साझा किया. रोहित ने कुल 2.03 मिनट का संबोधन किया. लेकिन उनके इस संबोधन में ठहराव की भरमार रही. रोहित ने अपने भाषण में कुल 33 बार अ.. आ.. से अपने वाक्य को शुरू किया. इसको लेकर जनता ने रोहित को टोकना शुरू कर दिया. किसी ने कहा कि ‘और फिर भाषण में अ अ अ आ गया’. एक यूजर ने कहा कि ‘टीम इंडिया सोच रही होगी, जल्दी बोल कल एडिलेड निकलना है’. एक और यूजर ने कहा कि 33 बार आ आ कहा है, ट्रस्ट न हो तो काउंट कर लो. हालांकि कई लोग कप्तान रोहित का समर्थन करते भी नजर आए. 

रोहित की बॉडी लैंग्वेज भी कर रही थी नर्वसनेस का इशारा!

रोहित शर्मा ने कई बार मैच जीतने के 70-80 हजार लोगों के बीच अपनी बात रखी है. लेकिन इस भाषण के दौरान ऐसा लगा कि वे थोड़ा नर्वस हैं. वे अपनी बात जल्द से जल्द समाप्त करना चाह रहे थे और ज्यादातर समय आई कांटैक्ट से भी बच रहे थे. हालांकि यह साफ नहीं हो पा रहा कि क्या वे अपना भाषण लिख कर ले गए थे? क्योंकि पूरे समय रोहित ने सामने देखकर ही संबोधित किया. पब्लिक के बीच भाषण देना सामान्य बात नहीं होती. विशेष कर तब जब आप किसी सम्मानित स्थान पर संबोधन कर रहे हों. यह नर्वसनेस कई कारण से हो सकती है. पिट्सबर्ग यूनीवर्सिटी की एक रिपोर्ट के अनुसार स्पीच एंक्जाइटी एक सामान्य बात है. कई बार बहुत सारे अनुभवी लोग भी भाषण देते समय नर्वस हो जाते हैं.

रोहित शर्मा ने टी20 विश्वकप जीतने के बाद महाराष्ट्र की विधानसभा में संबोधन किया था. उस भाषण में रोहित ने मराठी भाषा में संबोधित करते समय पूरा आत्मविश्वास दिखाया था. अपनी उपलब्धियों और साथी खिलाड़ियों के प्रदर्शन की भी सराहना की. हो सकता है, कि रोहित उस समय अपने क्रिकेट की सर्वोच्च उचाईयों पर थे. लेकिन अभी रोहित अपने प्रदर्शन को लेकर संघर्ष कर रहे हैं और उनका क्रिकेट में बुरा दौर उन पर हावी हो रहा है. हालांकि रोहित दूसरा टेस्ट शुरू होने से पहले 25 नवंबर को टीम से जुड़ गए थे. गुलाबी गेंद से होने वाला कैनबरा टेस्ट 30 नवंबर से और एडिलेड टेस्ट 6 दिसंबर से शुरू होगा. रोहित शर्मा वापस टीम से जुड़ गए हैं और वे इन दोनों मैचों में टीम की कमान संभालते नजर आएंगे.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Anant narayan shukla

अनन्त नारायण शुक्ल प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब दो वर्षों का अनुभव है. अनन्त राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों, वैश्विक भू-राजनीति (ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स), रक्षा नीति, कूटनीति और विश्व राजनीति से जुड़े विषयों पर खबरें करते हैं. वे दुनिया भर में घट रही महत्वपूर्ण घटनाओं को गहरी रिसर्च और तथ्यमात्मक विश्लेषण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं.

अनन्त मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, वैश्विक सुरक्षा, रक्षा रणनीतियों, विदेश नीति, भारत के पड़ोसी देशों से जुड़े घटनाक्रम और विश्व स्तर पर भारत की भूमिका जैसे विषयों को कवर करते हैं. इजरायल-ईरान संघर्ष, अमेरिका की विदेश नीति, परमाणु सुरक्षा, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के हालात, नेपाल-चीन सीमा से जुड़े मुद्दे और वैश्विक कूटनीतिक घटनाक्रम पर उनकी विशेष पकड़ है. इसके अलावा वे अंतरराष्ट्रीय आपदाओं, विदेशों में बसे भारतीयों और वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव से जुड़ी खबरों पर भी नियमित रूप से लिखते हैं.

इतिहास, राजनीति और विज्ञान में उनकी गहरी रुचि रही है, जिसने उन्हें वैश्विक मामलों और अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. यही वजह है कि उनके लेखों में विषय की गहराई, एक्सपर्ट्स की राय के साथ उनके कमेंट्स, तथ्यों की सटीकता और व्यापक संदर्भ देखने को मिलता है. बदलते वैश्विक परिदृश्य पर उनकी पैनी नजर रहती है, जिससे वे पाठकों तक समय पर विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक जानकारी पहुंचाते हैं.

अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने झारखंड विधान सभा 2024, दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 चुनाव और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है.

अनन्त कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं.

उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी को वे अपनी पत्रकारिता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं. उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को विश्व घटनाक्रम की भरोसेमंद, संतुलित और गहन जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध हो, ताकि वे वैश्विक मुद्दों को बेहतर ढंग से समझ सकें.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >