IND vs AUS: ऐसे होती है कप्तानी! रोहित शर्मा के निर्णय पर भड़के गावस्कर और रवि शास्त्री, गेंदबाजों को भी लताड़ा

IND vs AUS: बॉक्सिंग डे टेस्ट में टीम इंडिया की गेंदबाजी बुरी तरह नाकाम रही. ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में 474 रन बना दिए. इसके बाद सुनील गावस्कर और रवि शास्त्री ने रोहित शर्मा के कुछ निर्णयों पर सवाल उठाए हैं.

IND vs AUS: भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बॉक्सिंग डे टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में बल्लेबाजी करते हुए 474 रन स्कोर बोर्ड पर दर्ज करा दिए हैं. कप्तान रोहित शर्मा की अगुवाई वाली टीम इंडिया ने इस मैच में अपनी टीम में बदलाव करते हुए शुभमन गिल की जगह वाशिंगटन सुंदर को मौका दिया है. रोहित मैच के पहले दिन ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाजों के खिलाफ भारतीय गेंदबाजी से बेस्ट परफॉर्मेंस नहीं दिलवा पाए. उनके कप्तान वाले इस निर्णय पर सुनील गावस्कर और रवि शास्त्री ने आलोचना की है.  

गेंदबाजी के साथ फील्डिंग पर भी ध्यान नहीं दे पाए रोहित

मेलबर्न टेस्ट के दूसरे दिन कमेंट्री के दौरान शास्त्री ने रोहित और हेड कोच गंभीर को टीम में दो स्पिनरों को शामिल करने के फैसले पर सवाल उठाया. शास्त्री ने आश्चर्य जताते हुए कहा, “अगर आपको 40 ओवर के बाद गेंदबाजी करानी थी तो आपने दो स्पिनर क्यों लिए? मेलबर्न में स्पिनरों को हमेशा एक या डेढ़ ओवर में गेंदबाजी करनी चाहिए. मुझे समझ में नहीं आया कि जडेजा और सुंदर ने 40 ओवर के बाद गेंदबाजी क्यों की.” एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के अनुसार रवि शास्त्री ने कहा कि रोहित को दूसरे दिन बुमराह से शुरुआत करानी चाहिए थी. लेकिन उन्होंने सिराज से शुरुआत कराई. पैट कमिंस के आउट होने के बाद स्टार्क बैटिंग करने आए तो शास्त्री ने कहा कि देखिए, मिशेल स्टार्क आ गए हैं और रोहित के पास लॉन्ग ऑन और लॉन्ग ऑफ फील्डर होने चाहिए. कम से कम उनमें से एक को तो खड़ा करें.

गेंदबाजों ने नई गेंद बर्बाद कर दी

सुनील गावस्कर भी मध्यक्रम में भारतीय गेंदबाज़ी के प्रदर्शन को लेकर खासे नाराज दिखे. जसप्रीत बुमराह को छोड़कर कोई भी भारतीय तेज गेंदबाज अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाया. गावस्कर ने कहा कि भारतीय तेज गेंदबाजों ने नई गेंद को ‘बर्बाद’ कर दिया. ” ये बहुत ही सिंपल-सी बात है. अगर आपको बाउंसर फेंकना है, तो आप इसे हेलमेट के बैज के आसपास फेंकते हैं, कमर के नजदीक नहीं. मैं बहुत निराश हूं, यह नई गेंद बर्बाद हो गई है. आकाशदीप हर जगह घूम रहे थे. उन्होंने ऑफ स्टंप के बाहर गेंदबाजी करके नई गेंद को बर्बाद कर दिया. भारतीय खिलाड़ी फील्डिंग में भी लापरवाह रहे.” 

बल्लेबाजी में भी विफल रहे रोहित

ऑस्ट्रेलिया के ऑलआउट होने के बाद भारतीय टीम बल्लेबाजी करने उतरी तो ओपनिंग में भी केएल राहुल की जगह कप्तान रोहित शर्मा यशस्वी जायसवाल के साथ उतरे. लेकिन रोहित का बुरा फॉर्म अब भी जारी है. वे मात्र 3 रन बनाकर आउट हो गए. 8 मैचों की 15 पारियों में केवल 155 रन बना पाए हैं. न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टेस्ट में उन्होंने दूसरी पारी में अर्द्धशतक लगाया था, जबकि ऑस्ट्रेलिया में दो मैचों में केवल 19 रन बना पाए हैं. यह उनके कैरियर का सबसे बुरा प्रदर्शन है. इसी मैच में पैट कमिंस कप्तान के तौर पर कैप्टन रोहित को आउट करने में एक रिकॉर्ड बना दिया है. कमिंस ने रोहित को 5वीं बार आउट किया. वे विपक्षी कप्तान को सबसे ज्यादा बार आउट करने में संयुक्त रूप से इमरान खान और रिची बेनो के बराबर आ गए हैं. 

टेस्ट मैचों में विपक्षी कप्तान को सबसे अधिक बार आउट करने वाले कप्तान

5 बार टेड डेक्सटर – रिची बेनो

5 बार सुनील गावस्कर – इमरान खान

5 बार रोहित शर्मा – पैट कमिंस *

4 बार गुलाबराय रामचंद – रिची बेनो

4 बार क्लाइव लॉयड – कपिल देव

4 बार पीटर मे – रिची बेनो

चौथा टेस्ट टीम इंडिया के लिए है महत्वपूर्ण

चौथे टेस्ट में टीम इंडिया इस सीरीज में 1-1 से बराबरी के साथ उतरी थी. पहला टेस्ट मैच जसप्रीत बुमराह की कप्तानी में टीम इंडिया ने 295 रनों से जीता था. जबकि दूसरा मैच रोहित शर्मा के कप्तान रहते भारत 10 विकेट से हार गया था. तीसरा मैच ड्रॉ रहा था. भारत इस मैदान पर पिछले दो दौरों से जीत दर्ज करता आ रहा है. इस टेस्ट मैच में भारत जीत दर्ज कर मैदान पर हैट्रिक लगाने के साथ सीरीज में निर्णायक बढ़त भी लेना चाहेगा. इसके साथ ही विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने के लिए भारत को इस मैच में जीत दर्ज करना जरूरी होगा. 

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उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

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