‘बेन स्टोक्स होते तो…’, इंग्लैंड की हार पर माइकल वॉन का बड़ा बयान, इसको ठहराया सबसे बड़ा कारण

Michael Vaughan reasons England’s Oval defeat : ओवल टेस्ट में हैरी ब्रूक और जो रूट की 195 रनों की साझेदारी के बाद इंग्लैंड जीत के करीब था, लेकिन भारत ने टी ब्रेक के बाद 26 रन के भीतर तीन विकेट गिरा दिए. लेकिन अंतिम दिन सिर्फ 35 रन की जरूरत के बावजूद जल्दबाजी की और भारत ने शानदार वापसी कर छह रन से जीत हासिल की और सीरीज 2-2 से बराबर कर दी. पूर्व कप्तान माइकल वॉन के अनुसार, बेन स्टोक्स की अनुपस्थिति में इंग्लैंड ने आखिरी दिन जल्दबाजी की.

Michael Vaughan reasons England’s Oval defeat : ओवल में खेले गए IND vs ENG पांचवें टेस्ट मैच में हैरी ब्रूक और जो रूट के बीच चौथे विकेट के लिए 195 रनों की शतकीय साझेदारी की बदौलत, इंग्लैंड चौथे दिन के अंत में लंदन में रिकॉर्ड तोड़ जीत की दहलीज पर नजर आ रहा था. लेकिन कहानी जल्दी ही पलट गई. टी ब्रेक के आसपास भारत ने सिर्फ 26 रन के अंदर तीन विकेट झटक लिए और फिर पांचवें दिन के पहले घंटे में बाकी चार विकेट समेटकर इंग्लैंड को 367 रन पर ढेर कर दिया. पूर्व कप्तान माइकल वॉन का मानना है कि प्रेरणादायी कप्तान बेन स्टोक्स की अनुपस्थिति में भारत के खिलाफ पांचवें टेस्ट मैच के अंतिम दिन इंग्लैंड की टीम ने हड़बड़ी दिखाई, जबकि उसे जीत के लिए केवल 35 रन चाहिए थे और उसके चार विकेट बचे थे. भारत ने शानदार वापसी करते हुए छह रन से जीत दर्ज करके पांच मैचों की श्रृंखला 2-2 से बराबर कर ली.

वॉन ने कहा, ‘‘बेन स्टोक्स टीम में होते, तो इंग्लैंड यह टेस्ट मैच जीत जाता. वह इस टीम में बहुत बड़ी भूमिका निभाते हैं. वह टीम को मानसिक रूप से मजबूत बनाए रखते हैं. इंग्लैंड ने (पांचवें दिन सुबह) हड़बड़ी दिखाई.’’ माइकल वॉन ने दूसरी ओर, इंग्लैंड के चेज के तरीके पर सवाल उठाते हुए कहा कि आखिरी दिन दबाव में उन्होंने संयम खो दिया और एक मजबूत साझेदारी बनाने के बजाय जोखिम भरे शॉट खेलना शुरू कर दिया और यहीं से मैच हाथ से निकल गया. उन्होंने बीबीसी टेस्ट मैच स्पेशल से कहा, “आपको मानना होगा कि इंग्लैंड घबरा गया. गेंद स्विंग कर रही थी और उन्होंने हाई-रिस्क अटैकिंग ऑप्शन चुन लिया. उन्हें बस एक साझेदारी की जरूरत थी. जिस तरह वे खेलते हैं, उसी तरह वे घबराए. यह घबराहट नहीं बल्कि उनका खेलने का तरीका है, वे बहुत आक्रामक अंदाज में खेलते हैं.”

चौथे दिन के टी ब्रेक से ठीक पहले इंग्लैंड का स्कोर 301/3 था, लेकिन इसके बाद उन्होंने बाकी सात विकेट सिर्फ 66 रन जोड़कर गंवा दिए. यह इंग्लैंड की 123 वर्षों में घरेलू टेस्ट में सबसे कम अंतर से हार थी. इससे पहले उनका सबसे कम अंतर से घरेलू हार का रिकॉर्ड 1902 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैनचेस्टर में तीन रन से था.

स्टोक्स कंधे की चोट के कारण पांचवें टेस्ट में नहीं खेल पाए, जबकि तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर और ब्रायडन कार्स को आराम दिया गया. वॉन ने कहा कि भारत के खिलाफ रोमांचक श्रृंखला इंग्लैंड के लिए इस वर्ष नवंबर में ऑस्ट्रेलिया में होने वाली एशेज श्रृंखला के लिए एक आदर्श तैयारी है. उन्होंने कहा, ‘‘इंग्लैंड ने पांच शानदार मैच खेले. आपको यथार्थवादी होना होगा. इस हफ्ते उनके पास सिर्फ 10 खिलाड़ी थे. उन्होंने अपना एक गेंदबाज जल्दी खो दिया और बेन स्टोक्स भी नहीं खेल पाए. मुझे लगता है कि खिलाड़ी ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए अब अच्छी तरह से तैयार हैं.’’ क्रिस वोक्स कंधे में चोट के कारण गेंदबाजी नहीं कर पाए और बल्लेबाजी के दौरान भी हाथ में स्लिंग बांधकर और हाथ छुपाकर आए. जाहिर है कि वह एक हाथ से वे बल्लेबाजी नहीं कर सकते थे.

वॉन ने कहा, ‘‘ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए हमें केवल अपने गेंदबाजी आक्रमण को सही करना होगा. जाहिर है बेन स्टोक्स को फिट होना होगा. बेन स्टोक्स के साथ इंग्लैंड की टीम किसी को भी हरा सकती है. उनके बिना वे किसी से भी हार सकते हैं.’’

बैजबॉल युग में इंग्लैंड ने खुद को खतरनाक चेज करने वाली टीम के रूप में स्थापित किया है. भले ही ओवल में कभी किसी टीम ने 374 रन का लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल नहीं किया था, लेकिन इंग्लैंड ने हाल के वर्षों में दो बार चौथी पारी में 370+ का लक्ष्य चेज किया है और वो दोनों बार भारत के खिलाफ, जिनमें से एक इस सीरीज में लीड्स में हुआ था.

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