ईशान किशन ने हार्दिक पांड्या को बताया मेंटोर, कहा– बाॅस की नसीहत ने मुझे मुश्किल दौर से निकाला

ICC T20 : ईशान किशन और हार्दिक पांड्‌या ये दोनों टीम इंडिया के ऐसे खिलाड़ी हैं, जिनपर सबकी नजरें रहती हैं और इनकी केमेस्ट्री सबका दिल जीत लेती है. सीनियर-जूनियर की इस केमेस्ट्री में हार्दिक मेंटोर हैं.

ICC T20 विश्वकप में नामीबिया के साथ खेलते हुए अपने शानदार प्रदर्शन का श्रेय ईशान किशन ने अपने टीममेट ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या को दिया है. एक तरह से ईशान किशन ने हार्दिक पांड्‌या को अपना मेंटोर बताया है. ईशान ने बताया कि किस तरह हार्दिक ने उन्हें मौकों का फायदा उठाने और बल्ले से बात करने की सलाह दी.

हार्दिक ने सिखाया मौकों का फायदा कैसे उठाते हैं

एनएआई की रिपोर्ट के अनुसार नामीबिया के खिलाफ अपनी मैच जिताने वाली पारी के बाद ईशान किशन ने हार्दिक पांड्या के बारे में बात की और बताया कि किस तरह पांड्‌या ने उसका हौसला बढ़ाया. ईशान किशन ने बताया कि जब  2024 में उसने बीसीसीआई का सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट खो दिया था, उस वक्त हार्दिक पांड्‌या ने उन्हें यह सिखाया था कि किस तरह विपरीत स्थिति से बाहर आते हैं. हार्दिक पांड्‌या ने ईशान किशन को सिखाया कि निगेटेविटी को खुद पर हावी नहीं होने देना है. साथ ही मौकों का फायदा कैसे उठाया है, इसे समझने और सीखने में भी पांड्‌या ने ईशान की बहुत मदद की. 

बेहतरीन है ईशान और हार्दिक की ट्यूनिंग

न्यूजीलैंड के खिलाफ ईशान किशन ने जब सेंचुरी बनाई थी तो हार्दिक पांड्‌या नाॅन स्ट्राइकर एंड पर थे और उन्होंने ईशान को उसकी सफलता पर गले से लगा लिया था. हार्दिक उसकी सफलता से बहुत खुश थे. हार्दिक ने ईशान को सिखाया है कि मुंह से बातें कम करो और बल्ले से अपनी बात ज्यादा कहो. बल्ला जितना बोलता है, तुम्हारी वैल्यू उतनी बढ़ती है. मेहनत करने से घबराना नहीं चाहिए और किसी को दिखाने के लिए मेहनत करने का कोई फायदा नहीं है. मेहनत करो और रोने की आदत मत रखो, जो तुम्हारा है, वो तुम्हें मिल जाएगा.

मुंबई इंडियंस की कप्तानी लेने पर हार्दिक के साथ ग्राउंड पर हुआ बुरा बर्ताव

हार्दिक पांड्‌या ने ईशान किशन को यह सारी नसीहत उस वक्त दी, जब वे खुद खराब दौर से गुजर रहे थे. आईपीएल में जब हार्दिक पांड्‌या को मुंबई इंडियंस की कप्तानी सौंपी गई, तो उनके साथ ग्राउंड पर बहुत बुरा बर्ताव होता था. रोहित शर्मा के फैंस उन्हें गालियां देते थे. उन्हें यह लगता था कि हार्दिक ने रोहित शर्मा को धोखा दिया है. उस वक्त हार्दिक और ईशान काफी घुलमिल गए और एक दूसरे के साथ काफी समय गुजारा. इसी दौरान हार्दिक ने ईशान को क्रिकेट और जीवन दोनों के कई गुर सिखाए.

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By Rajneesh Anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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