बुमराह के साथ या उसके बिना…, सिराज के लिए ग्रेग चैपल ने कह दी बड़ी बात

Greg Chappell on Mohammad Siraj : मोहम्मद सिराज भारत के इंग्लैंड दौरे के सबसे बड़े हीरो बनकर निकले. उन्होंने अपनी अथक मेहनत से सीरीज में 185.3 ओवर गेंदबाजी तो की ही, 23 विकेट लेकर इंग्लैंड को हर समय दबाव में रखने की भरसक कोशिश की. उनके इस प्रदर्शन पर भारत के पूर्व कोच ग्रेग चैपल ने काफी तारीफ की.

Greg Chappell on Mohammad Siraj : इंग्लैंड के खिलाफ पांचवें और आखिरी टेस्ट में भारत को छह रन से जीत दिलाकर श्रृंखला 2-2 से ड्रॉ कराने में अहम भूमिका निभाने वाले सिराज ने आखिरी मैच में नौ और श्रृंखला में 23 विकेट लिये. उन्होंने पांच टेस्ट में 185.3 ओवर डाले. मोहम्मद सिराज की अथक मेहनत की बदौलत भारत ने ओवल टेस्ट मैच में जीत दर्ज की पांचवें दिन सिर्फ जीत की धुन में भारत ने इंग्लैंड पर इतना दबाव डाला कि 35 रन बनाने में उनके पसीने छूट गए, जबकि भारत ने जरूरी 4 विकेट निकाल लिए.भारत के पूर्व कोच और आस्ट्रेलिया के महान क्रिकेटर ग्रेग चैपल ने मंगलवार को कहा कि मोहम्मद सिराज भारतीय गेंदबाजी आक्रमण का ‘वास्तविक और अध्यात्मिक’ अगुआ बनने के लिये तैयार हैं, भले ही जसप्रीत बुमराह टीम में हों या नहीं.

चैपल ने ईएसपीएन क्रिकइन्फो के लिये अपने कॉलम में लिखा, ‘‘सच कहूं तो उसने पहले भी कई शानदार प्रदर्शन किये हैं. एमसीजी पर, गाबा पर, पर्थ, लॉडर्स, केपटाउन और बर्मिंघम लेकिन ओवल पर जो किया, वह अद्भुत था. बुमराह के साथ या उसके बिना वह गिल के गेंदबाजी आक्रमण का अध्यात्मिक और वास्तविक अगुआ बनने के लिये तैयार है.’’

जसप्रीत बुमराह भारतीय टीम के सबसे घातक प्रहार हैं, इससे इनकार करना शायद ही कोई करे. उनकी गेंदें कहर  बरपाती हैं. लेकिन उनके गेंदबाजी एक्शन ने उन्हें चोट भी भरपूर दी है. इसी की वजह से उन्हें क्रिकेट से दो बार लंबे समय के लिए बाहर भी रहना पड़ा है. इंग्लैंड दोरे पर भी उनके वर्कलोड मैनेजमेंट की वजह से केवल 3 टेस्ट खेले. वहीं सिराज भारत के लिए पांचों टेस्ट में उपलब्ध रहे और अपनी प्रेजेंस से सीरीज बराबर करवाने में अहम भूमिका निभाई. 

Mohammad siraj.

भारतीय बल्लेबाजों ने पांच टेस्ट में 12 शतक लगाये लेकिन सिराज की गेंदबाजी सब पर भारी पड़ गई. चैपल ने लिखा, ‘‘ऐसा कहना गलत नहीं होगा कि इतने शानदार बल्लेबाजी प्रयासों के बावजूद भारतीय टीम के श्रृंखला में प्रतिस्पर्धी होने का मुख्य कारण सिराज था.’’ उन्होंने कहा, ‘‘उसके प्रयासों से ज्यादा मुझे उसके भीतर एक गेंदबाज के तौर पर आये बदलाव ने प्रभावित किया. उसने एक जुनूनी गेंदबाज के रूप में शुरूआत की थी लेकिन अब वह ऐसी जुनूनी गेंदबाज है जिसके पास मकसद भी है. एक खिलाड़ी और एक अगुआ में यही फर्क होता है.’’

भारत ने इस सीरीज में 7187 रन बने, जिसमें भारतीय बल्लेबाजों ने इस पांच टेस्ट मैचों की सीरीज में 42.32 के औसत से कुल 3809 रन बनाए. भारत की ओर से सबसे ज्यादा रन शुभमन गिल के बल्ले से आए और सीरीज में भी वे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे. गिल ने पांच मैचों की 10 पारियों में 754 रन बनाए. उनके बल्ले से चार शतक निकले. गिल के अलावा केएल राहुल, यशस्वी जायसवाल, ऋषभ पंत, रवींद्र जडेजा और वाशिंगटन सुंदर ने भी सेंचुरी पूरी की. कुल मिलाकर भारत के लिए इस सीरीज में काफी कुछ सीखने को रहा. लेकिन अंत में सिराज की मेहनत में उसमें चार चांद लगा दिए. 

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