ओवल में पिच क्यूरेटर पर क्यों फायर हुए गौतम गंभीर, कोटक ने किया बड़ा खुलासा

ENG vs IND: टीम इंडिया के मुख्य कोच मंगलवार को किसी बात पर द ओवल के मुख्य क्यूरेटर ली फोर्टिंस से तीखी बहस में शामिल हुए. उस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ. हालांकि उस समय यह पता नहीं चल पाया कि गंभीर कौन सी बात पर इतना भड़क गए थे. बााद में टीम के बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने मामले पर से पर्दा हटाया और बताया कि आखिर बात क्या हुई थी.

ENG vs IND: भारत और इंग्लैंड के बीच चल रहे टेस्ट सीरीज का पांचवों और आखिरी मुकाबला इ ओवल के मैदान पर गुरुवार को शुरू होने वाला है. भारत के लिए यह मुकाबला बेहद अहम है, क्योंकि इस सीरीज में टीम इंडिया 1-2 से पीछे चल रही है. पांचवें टेस्ट से दो दिन पहले भारत के अभ्यास सत्र में एक अजीबोगरीब घटना देखने को मिली जब मुख्य कोच गौतम गंभीर और द ओवल के मुख्य क्यूरेटर ली फोर्टिस के बीच तीखी नोकझोंक हो गई. यह बहस तब शुरू हुई जब फोर्टिस ने मेहमान टीम के सहयोगी स्टाफ को पिच से 2.5 मीटर दूर खड़े रहने को कहा. गंभीर को फोर्टिस की ओर ऊंगली उठाकर यह कहते सुना गया, ‘तुम नहीं बताओगे कि हमें क्या करना है, तुम सिर्फ एक ग्राउंड स्टाफहो और उससे ज्यादा कुछ नहीं.’ Why Gautam Gambhir fire on pitch curator at the Oval Kotak made a big revelation

कोटक ने बताया क्या थी वजह

शुरू में पता नहीं चल पाया था कि आखिरी ऐसा क्या हुआ था कि गंभीर इतनी बुरी तरह चिढ़ गए थे. मैच से पूर्व प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारत के बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने मुख्य क्यूरेटर और गंभीर के बीच हुए इस बहस के कारणों पर प्रकाश डाला. कोटक ने कहा, ‘जब हम पिच को परख रहे थे तभी मैदान के एक कर्मचारी ने आकर कहा कि (हमें) विकेट से 2.5 मीटर दूर खड़ा होना है और ‘रस्सी के बाहर से विकेट को देखना है. भारतीय टीम के सदस्यों ने स्पाइक्स (खिलाड़ियों के द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले कील वाले जूते) नहीं पहने थे, ऐसे में पिच को कोई खतरा नहीं था. मैंने ऐसा पहले कभी नहीं देखा.’

इस क्यूरेटर के साथ काम करना मुश्किल

उन्होंने कहा, ‘मुझे एक भारतीय खिलाड़ी ने कहा था कि इस क्यूरेटर के साथ काम करना आसान नहीं है. किसी चीज से लगाव होना अच्छा है, लेकिन बहुत ज्यादा लगाव होना अच्छा नहीं है. हमने जॉगर्स (सामान्य जूते) पहने थे, स्पाइक्स नहीं, इसलिए कोई खतरा नहीं था.’ इस घटना के बाद भारतीय मीडिया ने फोर्टिस से उनके विचार जानने की कोशिश की. फोर्टिस ने ज्यादा बात करने से बचते हुए कहा, ‘यह बड़ा मैच है और वह थोड़े भावुक हैं.’ कोटक कहा कि इस बहसबाजी के लहजे के कारण स्थिति नियंत्रण से बाहर हो सकती है.

हम मैदान को कभी नुकसान नहीं पहुंचाते : कोटक

उन्होंने कहा, ‘क्यूरेटरों को यह भी समझने की जरूरत है कि वे जिन लोगों से बात कर रहे हैं, वे अत्यधिक कुशल और बुद्धिमान हैं. जहां हमने अभ्यास किया था वहां आपको किसी गेंदबाज के स्पाइक्स का निशान भी नहीं दिखेगा.’ उन्होंने कहा, ‘हम यह सुनिश्चित करने की कोशिश करते हैं कि मैदान की स्थिति कभी खराब न हो. इसलिए जब आप बहुत बुद्धिमान और अत्यधिक कुशल लोगों के साथ काम कर रहे होते हैं, तो आपको अभिमानी होने से बचना चाहिए. आखिर में यह एक क्रिकेट पिच ही है. कोटक ने कहा, ‘यह कोई पुरातन महत्व वाली वस्तु नहीं है जिसे आप छू नहीं सकते. ऐसा नहीं है कि यह 200 साल पुरानी है और टूट सकती है.’

कूलिंग बॉक्स को लेकर हुआ विवाद

इंग्लैंड की टीम ने सोमवार को अभ्यास नहीं किया लेकिन मुख्य कोच ब्रेंडन मैकुलम और ईसीबी के प्रबंध निदेशक रॉब की पिच देखने आए थे. कोटक ने कहा कि उन्होंने ‘द ओवल’ के मैदानकर्मियों से कोई निर्देश नहीं दिया. कोटक के अनुसार स्थिति और खराब हो गयी क्योंकि फोर्टिस ने भारतीय टीम के एक सपोर्ट स्टाफ सदस्य पर चिल्लाते हुए कहा कि वह कूलिंग बॉक्स को मुख्य स्क्वायर के पास न ले जाए. कोटक ने इस घटना को लेकर ईसीबी (इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड) से कोई शिकायत दर्ज कराने से भी इनकार कर दिया. उन्होंने कहा, ‘मैं सोच रहा था कि आप पिछले मैच के ड्रॉ के बारे में पूछेंगे (हंसते हुए). लेकिन जब सपोर्ट स्टाफ में से एक कूलिंग बॉक्स वहां ला रहा था तब भी फोर्टिस रोलर पर बैठा था, उसने चिल्लाकर सपोर्ट स्टाफ से कहा कि उसे वहां न ले जाए. अब उस कूलिंग बॉक्स का वजन मेरे हिसाब से 10 किलो होगा.’

पहले ही हुई बहस, बाद में भड़के गंभीर

उन्होंने कहा, ‘उस समय गौतम ने बस इतना कहा कि सपोर्ट स्टाफ से ऐसे बात मत करो, क्योंकि सपोर्ट स्टाफ मुख्य कोच के अधीन आते हैं. मैदानकर्मी किसी टीम के सहयोगी सदस्यों पर चिल्ला नहीं सकते हैं.’ उन्होंने कहा, ‘गौतम की प्रतिक्रिया बहुत सामान्य थी. मैं बहुत ईमानदारी से कहूं तो ओवल आने से पहले, अधिकांश टीम जानती है कि इस क्यूरेटर के साथ आसानी से काम करना मुश्किल है.’ यह बहस तब शुरू हुई जब फोर्टिस ने गंभीर से कहा, ‘मुझे इसकी शिकायत करनी होगी’ और इस पर भारतीय मुख्य कोच ने तीखे तेवर दिखाते हुए जवाब दिया, ‘आपको जो शिकायत करनी है, आप जाकर कर सकते हैं.’ मोर्ने मोर्कल और रियान टेन डोइशे जैसे भारतीय टीम के अन्य सहयोगी स्टाफ दोनों की बहस को ध्यान से सुन रहे थे.

गंभीर ने जमकर सुनाई थी खरी-खोटी

गंभीर फिर फोर्टिस की तरफ मुडे और उन्होंने कहा, ‘तुम नहीं बताओगे कि हमें क्या करना है. तुम मैदानकर्मियों में से एक हो, उससे ज्यादा कुछ नहीं.’ इसके बाद फोर्टिस और गंभीर अलग अलग रास्ते चले गए लेकिन गंभीर अभ्यास सत्र के लिये लौटे. अभ्यास के लिये सबसे पहले साइ सुदर्शन पहुंचे जबकि बायें हाथ के कलाई के स्पिनर कुलदीप यादव को भी अभ्यास करते देखा गया. बायें हाथ के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह भी मोर्केल की देखरेख में गेंदबाजी अभ्यास करते देखे गये.

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By AmleshNandan Sinha

अमलेश नंदन सिन्हा प्रभात खबर डिजिटल में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद से इन्होंने कई समाचार पत्रों के साथ काम किया. इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत रांची एक्सप्रेस से की, जो अपने समय में झारखंड के विश्वसनीय अखबारों में से एक था. एक दशक से ज्यादा समय से ये डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. झारखंड की खबरों के अलावा, समसामयिक विषयों के बारे में भी लिखने में रुचि रखते हैं. विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के बारे में देखना, पढ़ना और नई जानकारियां प्राप्त करना इन्हें पसंद है.

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