Ben Stokes Retirement News: 17 जून से 21 जून तक खेले गए लॉर्ड्स टेस्ट के बाद सारासेन्स रग्बी खिलाड़ी के साथ मारपीट के चलते बेन स्टोक्स को इंग्लैंड क्रिकेट ने एक मैच के लिए निलंबित कर दिया था. इसके बाद उनकी वापसी न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे टेस्ट में हुई. इस मुकाबले के चौथे दिन बेन स्टोक्स ने अपने इंटरनेशनल करियर का आखिरी मैच घोषित कर दिया.
एशेज के बाद सब कुछ बहुत कठिन हो गया था
चौथे दिन का खेल खत्म होने के बाद स्टोक्स ने बताया कि पिछले कुछ समय से वह मानसिक और शारीरिक रूप से बेहद थक चुके थे. उन्होंने कहा, “एशेज के बाद से सब कुछ बहुत मुश्किल हो गया था. इंग्लैंड की कप्तानी करना मेरे जीवन का सबसे बड़ा सम्मान रहा है, लेकिन इसके साथ कई ऐसी जिम्मेदारियां आती हैं जो भावनात्मक रूप से आपको पूरी तरह थका देती हैं.”
स्टोक्स ने बताया कि पिछले पांच-छह सप्ताह उनके लिए बेहद चुनौतीपूर्ण रहे और आखिरकार उन्होंने अपनी पत्नी से बातचीत के बाद संन्यास का फैसला किया. उन्होंने कहा, “मैंने अपनी पत्नी से कहा कि अब मुझे नहीं लगता कि मेरे अंदर दोबारा इन परिस्थितियों से लड़ने की ताकत बची है. अपने पूरे करियर में मैंने मैदान के अंदर और बाहर हर चुनौती का सामना किया, लेकिन अब ऐसा महसूस होने लगा कि मेरे पास आगे बढ़ने की ऊर्जा नहीं बची है.”
संन्यास की सबसे बड़ी वजह
स्टोक्स ने स्वीकार किया कि लगातार क्रिकेट, कप्तानी का दबाव और फिटनेस बनाए रखने के लिए की जाने वाली कड़ी मेहनत ने उन्हें पूरी तरह थका दिया था. उन्होंने कहा, “हम जो खेल खेलते हैं, वह शारीरिक और मानसिक दोनों रूप से बेहद कठिन है. 35 साल की उम्र में मुझे मैदान पर उतरने लायक फिट रहने के लिए पहले से कहीं ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है. मैंने खुद से पूछा कि क्या अब भी मेरे अंदर इतनी लड़ाई बाकी है कि मैं देश के लिए उसी स्तर पर खेल सकूं. जवाब ‘नहीं’ था और तभी मुझे महसूस हुआ कि यही सही समय है.”
शानदार उपलब्धियों के साथ कहा क्रिकेट को अलविदा
अपने करियर को याद करते हुए स्टोक्स ने कहा कि उन्हें किसी बात का अफसोस नहीं है. उन्होंने कहा- “मैं अपने करियर से पूरी तरह संतुष्ट हूं. मुझे इंग्लैंड की कप्तानी करने का मौका मिला, मैंने एशेज जीती, 50 ओवर का विश्व कप और टी20 विश्व कप जीता. दुनिया के महान खिलाड़ियों के साथ खेलने का सौभाग्य मिला. इससे ज्यादा मैं क्या मांग सकता था.”
बेन स्टोक्स का करियर
बेन स्टोक्स ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में 10,000 से अधिक रन बनाए और 300 से ज्यादा विकेट लिए. टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने 7,000 से अधिक रन और 200 से ज्यादा विकेट हासिल किए. इस उपलब्धि तक पहुंचने वाले वह महान ऑलराउंडरों सर गैरी सोबर्स और जैक्स कैलिस के बाद केवल तीसरे खिलाड़ी बने. उनका नाम इंग्लैंड के सबसे प्रभावशाली मैच विजेताओं में हमेशा याद किया जाएगा.
आखिरी पारी में भी दिखाई आक्रामक बल्लेबाजी
अपने अंतिम अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में स्टोक्स ने पारी की शुरुआत की और हमेशा की तरह आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी की. उन्होंने 20 गेंदों में 30 रन बनाए, जिसमें दो शानदार छक्के शामिल रहे. हालांकि बड़ी पारी नहीं खेल सके, लेकिन अपनी अंतिम पारी में भी उन्होंने वही जुझारूपन दिखाया जिसके लिए उन्हें दुनिया भर में जाना जाता है.
दिग्गजों ने बताया आधुनिक युग का महान ऑलराउंडर
बेन स्टोक्स के संन्यास की घोषणा सुनकर क्रिकेट जगत काफी भावुक है. हर तरफ से उन्हें सम्मान मिल रहा है. चाहे वो उनके साथी खिलाड़ी हों, पूर्व दिग्गज हों या फिर दुनिया भर के प्रशंसक ने सोशल मीडिया पर उनके शानदार करियर की जमकर तारीफ की है. कई दिग्गजों ने उन्हें आधुनिक युग के सबसे प्रभावशाली ऑलराउंडरों में शामिल करते हुए कहा कि उन्होंने इंग्लैंड क्रिकेट को एक नई पहचान दी. बेन स्टोक्स का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से विदा लेना इंग्लैंड क्रिकेट के लिए एक युग के अंत जैसा माना जा रहा है. उनकी आक्रामक और निडर कप्तानी, दबाव भरे मुकाबलों में निर्णायक प्रदर्शन और मुश्किल परिस्थितियों में टीम को जीत दिलाने की क्षमता ने उन्हें खास बनाया.
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