IPL : बीसीसीआइ ने की खर्च में कटौती - विजेता टीम को 20 की जगह मिलेगी 10 करोड़ की राशि

बीसीसीआइ ने इंडियन प्रीमियर लीग के आगामी सत्र के लिए खर्चे में कटौती करते हुए चैंपियन और उप विजेता टीम को मिलने वाली इनामी राशि को 2019 की तुलना में आधा करने का फैसला किया है.

नयी दिल्ली : बीसीसीआइ ने इंडियन प्रीमियर लीग के आगामी सत्र के लिए खर्चे में कटौती करते हुए चैंपियन और उप विजेता टीम को मिलने वाली इनामी राशि को 2019 की तुलना में आधा करने का फैसला किया है. आइपीएल चैंपियन को 20 करोड़ रुपये की जगह अब सिर्फ 10 करोड़ रुपये मिलेंगे. बीसीसीआइ के पत्र के अनुसार खर्चों में कटौती की प्रक्रिया के तहत वित्तीय पुरस्कारों को दोबारा तय किया गया है.

उप विजेता टीम को 12 करोड़ 50 लाख रुपये की जगह छह करोड़ 25 लाख रुपए दिये जायेंगे. क्वालीफायर में हारने वाली दो टीमों में प्रत्येक को अब चार करोड़ 37 लाख 50 हजार रुपये मिलेंगे. बीसीसीआइ का मानना है कि सभी फ्रेंचाइजी काफी अच्छी स्थिति में हैं. उनके पास अपनी आय बढ़ाने के लिए प्रायोजन जैसे कई तरीके हैं. हालांकि आइपीएल मैच की मेजबानी करने वाले राज्य संघ को एक करोड़ रुपये मिलेंगे. बीसीसीआइ और फ्रेंचाइजी दोनों 50 लाख रुपये का योगदान देंगे.

नहीं मिलेगा कर्मचारियों को बिजनेस क्लास का टिकट : यह भी पता चला है कि बीसीसीआइ के मध्य स्तर के कर्मचारियों को पहले की तरह उन एशियाई देशों (श्रीलंका, बांग्लादेश, यूएइ) की यात्रा के लिए विमान का बिजनेस क्लास का टिकट नहीं मिलेगा, जहां उड़ान का समय आठ घंटे से कम है.

फ्रेंचाइजी नाराज , कटौती पर चर्चा करेंगे मालिक : नयी दिल्ली. इनामी राशि घटा कर आधा करने के बीसीसीआइ के फैसले से नाखुश आठ फ्रेंचाइजी जल्द ही बैठक करेगी. शीर्ष चार फ्रेंचाइजी के बीच बंटने वाली राशि को 50 करोड़ रुपये से घटा कर 25 करोड़ करने के अलावा प्रत्येक फ्रेंचाइजी को आइपीएल मैच की मेजबानी करने वाले राज्य संघ को 30 की जगह 50 लाख रुपये का भुगतान करने को कहा गया है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Pritish Sahay

Published by: Prabhat Khabar

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >