बीसीसीआई कर सकता है रणजी ट्रॉफी के मैचों के प्रारूप में बदलाव, जानिए नियम के मुताबिक क्या हो सकते हैं बदलाव

बीसीसीआई रणजी ट्रॉफी में बदलाव की योजना बना रही है, अगर हम दी हिन्दू की रिपोर्ट को माने तो बीसीसीआई ने रणजी प्रारूपों में बदलाव करने जा रही है.

समय समय पर क्रिकेट के नियमों में बदलाव होता रहता है. भारत के घरेलू क्रिकेट भी इससे अछूता नहीं है. ऐसे में ये खबर आ रही है कि बीसीसीआई रणजी ट्रॉफी में बदलाव की योजना बना रही है, अगर हम दी हिन्दू की रिपोर्ट को माने तो बीसीसीआई ने रणजी प्रारूपों में बदलाव करने जा रही है. बीसीसीआई के प्रस्ताव में ये कहा गया है कि वर्तमान में एलीट टीमों को 5 के बजाय 3 भागों में विभाजित करेगा.

फिलहाल एलीट ग्रुप के ए और ग्रुप बी में 9 टीमें शामिल होती है. जबकि ग्रुप सी की बात जाए तो उसमें 10 टीमें रहती हैं. नए नियम लागू हो जाने से एलीट ग्रुप में 6 टीमें होंगी. जबकि प्लेट ग्रुप में 8 टीमें शामिल होंगी. फिलहाल प्लेट ग्रुप में 10 में होती हैं. शीर्ष पर रहने वाली 5 टीमें टीमें क्वाटर फाइनल के लिए सीधे क्वालीफ़ाई कर जाएंगी.

अंतिम आठ में शेष तीन स्थानों की पहचान प्लेऑफ से पांच दूसरे स्थान पर रहने वाली टीमों और प्लेट विजेता से की जाएगी. यानी कि मैचों की संख्या घट कर 113 पर आ जाएंगी जबकि वर्तमान में कुल मैचों की संख्या 169 है ये प्रस्ताव कोरोना वायरस के प्रकोप से पहले भेजा गया था लेकिन अभी लॉक डाउन के बाद फिर से बीसीसीआई कमिटी इसकी समीक्षा करेगी. बीसीसीआई के कुछ अधिकारिओं के मुताबिक नया नियम घरेलू सत्र को कम भीड़ भाड़ वाला बना देगा.

इससे कई खिलाड़ियों का बोझ कम जो आईपीएल और भारत ए के लिए खेलते हैं. हालांकि बीसीसीआई के एक अधिकारी ने कहा, “बीसीसीआई की क्रिकेट समिति को इस पर निर्णय लेना होगा. ये देखना काफी दिलचस्प रहेगा कि खिलाड़ी इस प्रस्ताव पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं. लेकिन कम मैच का मतलब होगा कि होने वाले मैचों में तत्काल लागत राशि से कम खर्च होगा. आपको बता दें कि एक घरेलू खिलाड़ी को चार-दिवसीय मैच के लिए लगभग ₹ 1.4 लाख मिलते हैं.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Sameer Oraon

Published by: Prabhat Khabar

समीर उरांव, डिजिटल मीडिया में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में सीनियर कटेंट राइटर के पद पर हैं. झारखंड, लाइफ स्टाइल और स्पोर्ट्स जगत की खबरों के अनुभवी लेखक समीर को न्यूज वर्ल्ड में 5 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है. वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं. साल 2019 में बतौर भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता करने के बाद उन्होंने हिंदी खबर चैनल में बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद समीर ने डेली हंट से होते हुए प्रभात खबर जा पहुंचे. जहां उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे, जो रीडर्स के लिए उपयोगी है. कई साल के अनुभव से समीर पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >