T20 World Cup 2026: भारत और श्रीलंका की मेजबानी में 7 फरवरी से शुरू होने वाले टी20 वर्ल्ड कप में कुछ ही दिन बचे हैं, लेकिन उससे पहले ही एक बड़ा ड्रामा हो गया है. बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने सुरक्षा का हवाला देते हुए अपनी टीम को भारत भेजने से साफ मना कर दिया है. पिछले काफी दिनों से ICC और बांग्लादेश बोर्ड के बीच इस मुद्दे पर विवाद चल रहा था. लेकिन अब बांग्लादेशी खिलाड़ियों का दर्द छलक कर बाहर आया है. खिलाड़ियों ने साफ कर दिया है कि वर्ल्ड कप न खेलने का फैसला उनका नहीं, बल्कि वहां की अंतरिम सरकार का है. खिलाड़ियों का कहना है कि उनसे तो बस दिखावे के लिए पूछा गया, जबकि फैसला पहले ही लिया जा चुका था.
ICC का अल्टीमेटम, बोर्ड का जवाब
मामला तब गरमाया जब ICC ने बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड को अपना आखिरी फैसला सुनाने के लिए सिर्फ 24 घंटे का समय दिया था. यह डेडलाइन 21 जनवरी को दी गई थी. आईसीसी जानना चाहता था कि बांग्लादेश की टीम भारत आ रही है या नहीं. इसके जवाब में बांग्लादेश बोर्ड ने 22 जनवरी को साफ शब्दों में कह दिया कि वे भारत में अपनी टीम नहीं भेजेंगे. उन्होंने इसके पीछे अपने खिलाड़ियों की सुरक्षा को बड़ी वजह बताया. लेकिन अंदर की खबर कुछ और ही है जो अब खिलाड़ियों के बयानों से सामने आ रही है.
दिखावे की मीटिंग
जब ICC ने 24 घंटे का समय दिया, तो बांग्लादेश में एक आपात मीटिंग बुलाई गई. यह मीटिंग 23 जनवरी को हुई थी जिसमें सरकार के लोग, बोर्ड के अधिकारी और खिलाड़ी शामिल थे. क्रिकबज की रिपोर्ट के मुताबिक, एक बांग्लादेशी खिलाड़ी ने अपना नाम न बताने की शर्त पर बड़ा खुलासा किया है. उस खिलाड़ी ने कहा कि हम सबको लगा था कि हमसे हमारी राय मांगी जाएगी. हमें लगा था कि पूछा जाएगा कि हम वर्ल्ड कप खेलना चाहते हैं या नहीं. लेकिन जब हम मीटिंग में पहुंचे तो पता चला कि सरकार तो पहले ही मन बना चुकी थी. वह मीटिंग सिर्फ एक दिखावा थी. जैसे ही हम वहां पहुंचे, हमें बता दिया गया कि हम वर्ल्ड कप में हिस्सा नहीं ले रहे हैं.
खिलाड़ियों का छलका दर्द
खिलाड़ियों का कहना है कि यह पूरा फैसला बांग्लादेश की अंतरिम सरकार का है. खिलाड़ी ने दुख जताते हुए कहा कि पहले जब भी कोई बड़ा फैसला होता था, तो हमारे विचार सुने जाते थे. हमारी राय मायने रखती थी. लेकिन इस बार ऐसा कुछ नहीं हुआ. यह सीधा सरकार की तरफ से आया हुआ आदेश था, जिसे मानने के अलावा हमारे पास कोई रास्ता नहीं था. खिलाड़ियों को इस बात का मलाल है कि इतनी बड़ी प्रतियोगिता से हटने से पहले उनकी रजामंदी लेना भी जरुरी नहीं समझा गया. यह साफ है कि खेल के ऊपर राजनीति हावी हो गई है.
कप्तानों ने की थी खेलने की वकालत
बांग्लादेश क्रिकेट के भविष्य को लेकर खिलाड़ी अब बहुत डरे हुए हैं. फैसला आने के बाद एक और खिलाड़ी ने कहा कि अगर हम टी20 वर्ल्ड कप में नहीं खेलते हैं, तो हमारे यहां क्रिकेट खत्म समझो. यह हमारे लिए सबसे बड़ा नुकसान होगा, लेकिन इसकी चिंता किसी को नहीं है. खबरों की मानें तो मीटिंग में बांग्लादेश टी20 टीम के कप्तान लिटन दास और टेस्ट कप्तान नजमुल हुसैन शांतो ने वर्ल्ड कप खेलने की पूरी इच्छा जताई थी. उन्होंने समझाने की कोशिश भी की, लेकिन सरकार के सख्त फैसले के आगे उनकी एक न चली. अब देखना होगा कि इस फैसले का असर बांग्लादेश क्रिकेट और आईसीसी पर क्या पड़ता है.
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