बेटे ने बहुत पहले डेब्यू कर लिया होता, अगर…, छलका बाप का दर्द, जब इंडियन टीम में मिला मौका

Abhimanyu Easwaran Father on his Selection in Indian Test Team: इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए अभिमन्यु ईश्वरन को भारतीय टीम में बतौर बैकअप ओपनर चुना गया है. वर्षों की मेहनत के बावजूद उनका डेब्यू अब तक नहीं हो सका. उनके पिता का मानना है कि अगर उन्हें आईपीएल खेलने का मौका मिला होता, तो वो पहले ही टीम इंडिया का हिस्सा बन चुके होते.

Abhimanyu Easwaran Father on his Selection in Indian Test Team: इंग्लैंड के खिलाफ पांच टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए भारतीय टीम की घोषणा शनिवार को कर दी गई. 18 सदस्यीय भारतीय स्क्वॉड में बैकअप ओपनर अभिमन्यु ईश्वरन को भी मौका मिला है. उनके पास इस सीरीज में टेस्ट करियर शुरू करने का एक बेहतरीन मौका है. वर्षों की मेहनत, घरेलू क्रिकेट और इंडिया ए टीम में निरंतर प्रदर्शन के बाद भी, जब भी मौका मिला, कुछ न कुछ ऐसा हुआ जिसने टीम मैनेजमेंट को उन्हें शामिल करने से रोक दिया. एक इंटरव्यू में उनके पिता रंगनाथन ईश्वरन ने कहा कि अगर अभिमन्यु को आईपीएल में खेलने का मौका मिला होता, तो वह शायद बहुत पहले ही टीम इंडिया में डेब्यू कर चुके होते.

टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए गए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा, “अगर अभिमन्यु को आईपीएल में अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलता, तो वह बहुत पहले भारत के लिए खेलना शुरू कर देते. आईपीएल से खिलाड़ियों को जो दृश्यता मिलती है, वह बहुत मायन��� रखती है. अभिमन्यु दिखावटी खिलाड़ी नहीं है और शतक बनाने के बाद मैदान में दौड़ते नहीं हैं. शायद यही चीजें उनके खिलाफ जाती हैं.” भारत की पूरी टीम में एकमात्र अभिमन्यु ही ऐसे खिलाड़ी हैं, जो किसी भी आईपीएल टीम के सदस्य नहीं हैं.

उसके आंकड़े दे रहे गवाही कि मौका मिलना चाहिए था

रंगनाथन ने उनके आंकड़ों की ओर इशारा करते हुए कहा कि 101 फर्स्ट क्लास मैचों में करीब 49 की औसत से 7,674 रन बनाने वाले अभिमन्यु को अब तक मौका मिल जाना चाहिए था. उन्होंने कहा, “अभिमन्यु एक ठोस बल्लेबाज हैं. उन्होंने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 101 मैचों में 48.87 की औसत से 7,674 रन बनाए हैं. न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और वेस्ट इंडीज जैसे देशों में खेलने का अनुभव उन्हें बाकी दावेदारों से अलग बनाता है.”

कैसी तैयारी कर रहे अभिमन्यु

रंगनाथन ने यह भी बताया कि इंग्लैंड दौरे से पहले अभिमन्यु ने अपनी ट्रेनिंग शुरू कर दी है ताकि वह वहां की परिस्थितियों से खुद को पूरी तरह ढाल सकें.उन्होंने कहा, “अभिमन्यु रोज सुबह 5:30 बजे उठता है और घंटों तक तेज गेंदबाजों का सामना करता है. हमने दो दर्जन ड्यूक बॉल मंगवाई हैं ताकि तैयारी में कोई कमी न रहे. वह लाल मिट्टी वाली हरी पिच पर बल्लेबाजी करता है, जिससे इंग्लैंड जैसी उछाल वाली पिचों की तैयारी हो सके. इसके साथ ही वह चौथे-पांचवें दिन स्पिनर्स का सामना करने के लिए खास ट्रेनिंग कर रहा है. वह इंग्लैंड के हर गेंदबाज का विश्लेषण कर रहा है ताकि हर परिस्थिति के लिए खुद को तैयार रख सके.”

रोहित-विराट के संन्यास के बाद मौका मिलने का चांस

29 वर्षीय बंगाल के ओपनिंग बल्लेबाज अभिमन्यु ईश्वरन ने घरेलू क्रिकेट में निरंतर शानदार प्रदर्शन कर सबका ध्यान खींचा है. वे लंबे समय से भारत की टेस्ट टीम के साथ जुड़े रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें डेब्यू का मौका नहीं मिल पाया. ऑस्ट्रेलिया दौरे पर उन्हें टेस्ट खेलने का अच्छा अवसर मिल सकता था, लेकिन ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ चार पारियों में कुल 36 रन बनाना उनके लिए भारी पड़ गया. उस समय रोहित शर्मा की गैरमौजूदगी में टीम मैनेजमेंट ने केएल राहुल को ओपनर और देवदत्त पडिक्कल को तीसरे नंबर पर खेलने का मौका दिया. अब जबकि रोहित शर्मा, विराट कोहली और रविचंद्रन अश्विन जैसे दिग्गज खिलाड़ी टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं, ऐसे में ईश्वरन के पास इंग्लैंड दौरे पर टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू करने का सुनहरा मौका है.

इंग्लैंड दौरे का शेड्यूल

इंग्लैंड दौरे पर भारतीय टीम का दौरा 20 जून से शुरू होगा, जिसका पहला मैच हेडिंग्ले ओवल में खेला जाएगा. इसके बाद दूसरा टेस्ट 2 से 6 जुलाई तक एजबेस्टन (बर्मिंघम), तीसरा टेस्ट 10 से 14 जुलाई तक लॉर्ड्स (लंदन), चौथा टेस्ट 23 से 27 जुलाई तक ओल्ड ट्रैफर्ड (मैनचेस्टर) और पांचवां व अंतिम टेस्ट 31 जुलाई से 4 अगस्त तक द ओवल (लंदन) में खेला जाएगा.

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उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

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