जानें क्यों रोजर्स ने क्रिकेट को अलविदा कहने का मन बना लिया था
सिडनी : ऑस्ट्रेलिया के सलामी बल्लेबाज क्रिस रोजर्स ने कहा है कि गाबा में भारत के खिलाफ दूसरे क्रिकेट टेस्ट में क्षेत्ररक्षण के दौरान हेलमेट के पिछले हिस्से में रोहित शर्मा का शॉट लगने के बाद वह संन्यास के बारे में विचार करने लगे थे. यह घटना ब्रिसबेन टेस्ट के पहले दिन घटी जब रोजर्स […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
सिडनी : ऑस्ट्रेलिया के सलामी बल्लेबाज क्रिस रोजर्स ने कहा है कि गाबा में भारत के खिलाफ दूसरे क्रिकेट टेस्ट में क्षेत्ररक्षण के दौरान हेलमेट के पिछले हिस्से में रोहित शर्मा का शॉट लगने के बाद वह संन्यास के बारे में विचार करने लगे थे.
यह घटना ब्रिसबेन टेस्ट के पहले दिन घटी जब रोजर्स शार्ट लेग पर क्षेत्ररक्षण कर रहे थे. इस 37 वर्षीय बल्लेबाज को हेलमेट के पीछे गेंद लगी जो लगभग वही स्थान था जहां पर नवंबर में शेफील्ड शील्ड मैच के दौरान दिवंगत फिलिप ह्यूज को गेंद लगी थी.
इस घटना से रोजर्स काफी निराश हो गये थे. सिडनी मोर्निंग हेराल्ड ने उनके हवाले से कहा, फिल को जो हुआ उसके बाद यह अजीब समय था. कई खिलाड़ी ऐसे थे जिन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा था. रोजर्स ने कहा, एडिलेड में जब माइकल क्लॉर्क चोटिल हुआ तो अंतिम दिन मैं शार्ट लेग पर क्षेत्ररक्षण कर रहा था और वहां मेरे कूल्हे पर गेंद लगी.
मैंने बल्ले से काफी अच्छा प्रदर्शन नहीं किया था इसलिए अपनी फार्म को लेकर खुश नहीं था.चार टेस्ट की श्रृंखला में 52 . 12 की औसत से 417 रन बनाने वाले रोजर्स ने कहा, इसके बाद हम ब्रिसबेन गये और पहले दिन मैं फिर वहीं क्षेत्ररक्षण कर रहा था. रोहित शर्मा ने स्वीप शॉट खेला जो मेरे हेलमेट के पीछे लगा और यह उस जगह से कुछ ही इंच दूर था जहां फिल को गेंद लगी थी.
उन्होंने कहा, ऐसे में आपके दिगाम में अलग- अलग ख्याल आते हैं. उस रात मैं काफी निराश था इतना अधिक कि मुझे सुनिश्चित नहीं था कि मैं क्या कदम उठाऊं. मुझे अपने करीबी कुछ लोगों से बात करनी पड़ी. रोजर्स ने अंतत: श्रृंखला में लगातार छह अर्धशतक जड़े और यह उपलब्धि हासिल करने वाले ऑस्ट्रेलिया के नौवें बल्लेबाज बने.
उन्होंने कहा, सलामी बल्लेबाज के रूप में आपको नयी गेंद के समाने कड़ी मेहनत करनी होती है और एक बार जमने के बाद आप सोचते हैं कि अब रन बनाना आसान होगा और आप बड़ी पारी खेल सकते हो. रोजर्स ने कहा, लेकिन मुझे लगता है कि महत्वपूर्ण चीज योगदान देना है. मैं यूएई (पाकिस्तान के खिलाफ) में चूक गया.
उन्होंने कहा, अंत में यह अच्छी श्रृंखला (भारत के खिलाफ) रही. निजी तौर पर मैं थोड़ा दबाव में था और फिर एडिलेड में भी चूक गया लेकिन मैंने अच्छी वापसी की.